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नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी को प्रसन्न करने के लिए शहद और बादाम से बनाएं हलवा, जान लीजिए रेसिपी
नवरात्रि के पावन दिन देवी मां के किसी भी भक्त के लिए बेहद ही विशेष होते हैं। इन नौ दिनों में भक्तगण देवी मां के अलग-अलग रूपों की पूजा-आराधना करते हैं और उनसे सुख-शांति, स्वास्थ्य व समृद्धि की कामना करते हैं। नवरात्रि के छठे दिन देवी मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। ऐसी मान्यता है कि देवी मां के इस स्वरूप की आराधना करने से व्यक्ति को अर्थ, धर्म, काम, और मोक्ष चारों फलों की प्राप्ति होती है। देवी कात्यायनी को महिषासुरमर्दनी भी कहा जाता है। सिंह पर सवार देवी ने राक्षस महिषासुर का वध किया था।
जब देवी कात्यायनी की पूजा की जाती है तो उन्हें भोग स्वरूप शहद अवश्य चढ़ाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि महिषासुर से युद्ध के दौरान जब देवी मां थक गई थीं तो उन्होंने शहद युक्त पान का सेवन किया था।

यही कारण है कि देवी कात्यायनी को भोग स्वरूप शहद युक्त पान या फिर शहद से बनी चीजें जरूर अर्पित की जाती हैं। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको शहद और बादाम से बने हलवे की आसान रेसिपी के बारे में बता रहे हैं, जिसे आप भी भोग के लिए बना सकते हैं-
शहद और बादाम हलवा बनाने के लिए सामग्री-
• एक कप बादाम
• 3-4 बड़े चम्मच घी
• 1 कप दूध
• स्वादानुसार शहद
• 1/2 चम्मच इलायची पाउडर
• कुछ केसर के धागे
• गार्निश करने के लिए कटे हुए मेवे (बादाम या काजू)
• किशमिश
शहद और बादाम का हलवा कैसे बनाएं-
• सबसे पहले 15 मिनट के लिए बादाम को गर्म पानी में भिगो दें।
• अब इसके छिलके उतारें और उन्हें पीसकर पेस्ट बना लें। अगर जरूरत हो
तो स्मूथ पेस्ट बनाने के लिए इसमें थोड़ा सा दूध मिलाएं।
• अब एक बड़ा चम्मच दूध गर्म करें और केसर के धागे डालें।
• अब एक पैन को मध्यम आंच पर गर्म करें और उसमें 2 बड़े चम्मच घी
डालें।
• बादाम का पेस्ट डालें और लगातार हिलाते हुए पकाएं, जब तक कि यह
हल्का सुनहरा न हो जाए।
• अब इसमें दूध डालकर अच्छी तरह मिलाएं। आप इस मिश्रण को मध्यम आंच पर
तब तक पकाएं जब तक कि सारा दूध सोख न जाए और मिश्रण गाढ़ा न हो
जाए।
• जब हलवे का मिश्रण गाढ़ा हो जाए तो इसमें शहद डालकर एक बार फिर अच्छी
तरह मिलाएं।
• अब इसमें इलायची पाउडर और केसर युक्त दूध डालकर मिक्स करें।
• आप इसे कुछ मिनटों के लिए और पकाएं, जब तक कि मिश्रण अच्छी तरह से
मिल न जाए।
• अब एक अलग पैन में थोड़ा सा घी गर्म करें और कटे हुए मेवे और किशमिश
को सुनहरा होने तक हल्का भून लें। इन्हें हलवे में डालकर मिक्स
करें।
• शहद और बादाम का हलवा बनकर तैयार है। इसे भोगस्वरूप देवी मां को
अर्पित करें।
छठे दिन मां को क्या भोग लगाना चाहिए?
नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाती है। इस विशेष दिन शहद का भोग लगाना बहुत अच्छा माना जाता है। आप उन्हें शहद लगे पान का भोग चढ़ा सकते हैं। इससे देवी मां बहुत प्रसन्न होती हैं और भक्तों को उनकी विशेष कृपा मिलती है।
मां कात्यायनी को क्या पसंद है?
मां कात्यायनी को पान के पत्ते और शहद अतिप्रिय है। ऐसी मान्यता है कि महिषासुर से युद्ध के दौरान जब देवी थक गई थीं तो उन्होंने शहद लगे पान का सेवन किया था। इसलिए, देवी मां के इस स्वरूप की पूजा करते हुए पान के पत्ते और शहद किसी ना किसी रूप में अवश्य अर्पित किए जाने चाहिए।
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