एक अच्‍छे पिता होने के नाते...

By Super

एक लड़की का पिता उसके जीवन में सबसे प्रभावशाली लोगों में से एक होता है, शिशु से बालिका और फिर किशोर होने तक। एक मजबूत और आत्मविश्वासी महिला बनने के लिए एक बेटी के विकास पर उसके पिता का बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है।

अपनी बेटी की जिदगी में एक पिता का प्रभाव उसके आत्म सम्मान, आत्म छवि, आत्म विश्वास और लोगों के विचारों को आकार देता है। पिता-बेटी के रिश्ते को स्वस्थ बनाए रखने के लिए यहाँ कुछ सुझाव दिए गए हैं

1. एक दोस्त बनें

1. एक दोस्त बनें

उसे अपना दोस्त समझें; अपने विचार शेयर करें और उसकी राय पूछें।

2. अपनी बेटी को समान समझें

2. अपनी बेटी को समान समझें

यह रवैया न रखें कि वह कुछ नहीं जानती है। आज के बच्चें अधिक समझदार हैं और वे जानते हैं कि वे क्या कर रहे हैं।

3. एक मध्यस्थ बनें

3. एक मध्यस्थ बनें

यदि आपकी बेटी और आपकी पत्नी के बीच प्राब्लम्स हैं तो वहाँ उपस्थित रहकर दोनों महिलाओं के बीच एक मध्यस्थ बनें। एक पुरुष के बीच में होने से मुद्दें शांत हो जाएंगें।

4. बातचीत करें

4. बातचीत करें

यदि आप उन लोगों में से हैं जो अच्छी तरह से संवाद या भाव प्रकट नहीं कर सकते हैं तो आपको ऐसा करना चाहिए या फिर छोटी चीज़ें करनी चाहिए जैसे उसकी पढ़ाई से संबंधित मदद करें या कभी कभी उसे ट्रीट दें या फिर शापिंग के लिए ले जाएं।

5. उसपर भरोसा करें

5. उसपर भरोसा करें

जब बेटियाँ किशोरावस्था में होती हैं तो उनके पिता आमतौर पर ओवर-प्रोटेक्टिव हो जाते हैं। अकसर ऐसा व्यवहार बेटियों को उनके पिता से दूर कर देता है। याद रखें, अपनी बेटी के कार्यों के बारे में अधिक संदेह न करें।

6. उन्हें स्वतंत्र बनने दें

6. उन्हें स्वतंत्र बनने दें

अब वे बच्चियाँ नहीं हैं। उन्हे स्वयं अपनी गलतियों से सीखने दें। ऐसी गलतियों के बारे में एक स्वस्थ चर्चा उन्हे यह अहसास दिलाएगी कि आन उनके जीवन में रुचि रखते हैं और उनपर अपनी पसंद थोपना नहीं चाहते हैं। उपदेश न दें।

7. उन्हें बिना किसी शर्त के प्यार करें

7. उन्हें बिना किसी शर्त के प्यार करें

वह आपकी अपनी बेटी है। उसे बिना किसी शर्त के प्यार करें, भले ही वह गलतियाँ करती है या फिर वह आदर्श बेटी नहीं है। उसके लिए आपका प्यार उसे जीवन में सही विकल्प चुनने में मदद करेगा।

8. उसके दोस्तों को स्वीकार करें

8. उसके दोस्तों को स्वीकार करें

अपनी बेटी के सामाजिक दायरे को स्वीकारना कभी कभी ज़रा मुश्किल होता है। वह कैसे दोस्तों के साथ बाहर जाती है, अधिकतर पिताओं के लिए यह आश्चर्यजनक हो सकता है।

9. धैर्य रखें

9. धैर्य रखें

हार्मोन बदल रहे हैं, इसलिए स्वभाव भी बदलेगा। आपको अपने गुस्से पर काबू रखना चाहिए क्योंकि हर समय वह अकेली ही आवाज उठाएगी। जब वह अकसर आपको कोई प्रतिक्रिया करते नहीं देखेगी तो आपके सामने स्वयं को शांत कर लेगी।

10. एकसाथ समय व्यतीत करें

10. एकसाथ समय व्यतीत करें

समय सबसे बड़ा बाॅन्डिग तत्व है। वह करने की कोशिश करें जो उन्हें सबसे ज़्यादा पसंद है और फिर अंतर देखें। वे आपको उसी तरह प्यार करेंगी जैसे कि आप हैं।

Story first published: Thursday, September 5, 2013, 9:00 [IST]
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