क्या अंतरिक्ष में बनाया जा सकता है शारीरिक संबंध, जाने एक्सपर्ट्स का जवाब

विज्ञान के क्षेत्र में दिनों दिन हो रही तरक्की की मदद से अब सिर्फ एस्ट्रोनॉट्स ही नहीं बल्कि आम लोगों को भी अंतरिक्ष पर ले जाने की तैयारी पर ध्यान दिया जा रहा है। ऐसा करने के पीछे इनका मकसद है कि यहां की जनसंख्या को कम करके वहां लोगों को बसाया जाए और साथ ही इस प्रक्रिया की लागत को कैसे कम किया जा सकता है इस पर भी फोकस किया जा रहा है। जहां वैज्ञानिक इन सब पहलुओं पर ध्यान दे रहे हैं, वहीं लोगों के मन में अलग ही सवाल उठ रहे हैं।

इस सवाल ने वैज्ञानिकों को भी किया हैरान

इस सवाल ने वैज्ञानिकों को भी किया हैरान

इस मुद्दे पर चर्चा तेज है कि क्या अंतरिक्ष में भी व्यक्ति वैसे ही सभी काम कर पाएगा जैसा वो धरती पर रहकर करता है। कुछ समय पहले एक चैनल ने नासा के पूर्व प्रमुख रिटायर्ड मेजर जनरल चार्ल्स फ्रैंक बोल्डन जूनियर से अंतरिक्ष में शारीरिक संबंध बनाने और बच्चे पैदा करने की संभावनाओं को लेकर जानकारी के लिए सवाल पूछे। वो जानना चाहते थे कि क्या महिला और पुरुष वैसा ही रिश्ता वहां कायम कर सकते हैं जैसा वो आमतौर पर करते हैं।

मिला ये जवाब

मिला ये जवाब

इसका जवाब मेजर जनरल चार्ल्स फ्रैंक ने दिया और कहा धरती और अंतरिक्ष में सभी काम करने के तरीके समान ही हैं। उन्होंने बताया कि अंतर बस इतना है कि अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण नहीं रहेगा और इस वजह से शरीर को नियंत्रण में रख पाना बहुत मुश्किल हो जाता है। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि इस मामले में अभी ज्यादा खोज नहीं हो पाई है। लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई है कि इसका पता भी लगाया जाएगा और अंतरिक्ष में जाने वाले लोग वहां भी रोमांस के पल बिता सकेंगे।

उत्तेजना महसूस नहीं हो पाती

उत्तेजना महसूस नहीं हो पाती

वहीं नासा के वैज्ञानिक जॉन मिलिस की जानकारी इस मुद्दे में मदद कर सकती है। उनके मुताबिक जब व्यक्ति ऐसी जगह पर होता है जहां ग्रेविटी नहीं होती है वहां रक्त का प्रवाह शरीर के निचले हिस्से में जाने के बजाय सिर की तरफ जाने लगता है। ऐसी स्थिति में रक्त महिला और पुरुष के प्राइवेट अंगों तक नहीं जा पाता है और ऐसी स्थिति में उन्हें उत्तेजना महसूस करने में दिक्क्त होती है।

इतना ही नहीं, स्पेस में पुरुषों में मौजूद टेस्टोस्टेरॉन हार्मोन के लेवल में बहुत तेजी से गिरावट आने लगती है और यही वजह है कि पृथ्वी से दूर जाने वाले इन यात्रियों में शारीरिक संबंध बनाने को लेकर होने वाली इच्छा में कमी दर्ज की जाती है। उन्होंने उदाहरण देकर समझाने की कोशिश की और कहा अंतरिक्ष में सेक्स करना ठीक वैसा ही है जैसा स्काईडाइविंग करते समय इंटरकोर्स करना।

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