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स्पिट्सविला 10 फेम अनमोल ने बताई बिन ब्‍याही मां बनने की बात, सिंगल मदर को फेस करनी होती है ये परेशान‍ियां

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पैरेंटिंग बहुत ही मुश्किल काम होता है, खासकर सिंगल मदर्स के ल‍िए तो ये जरा भी आसान नहीं होता है। सामजिक मानंदडों और बदलते परिवेश की वजह से सिंगल मदर्स की संख्‍या में इजाफा हो जा रहा है। विदेशों में तो सिंगल मदर्स कॉन्‍सेप्‍ट बहुत ही सामान्‍य हो गया है लेकिन भारत में तो आज भी इसे सोशल टैबू की तरह देखा जाता है।

हाल ही में रियलि‍टी शो स्पिट्सविला 10 फेम अनमोल चौधरी ने सोशल मीडिया में अनमैरिड सिंगल मदर होने की बात बताई। अपने इस खुलासे के दौरान उन्‍होंने अपने स्‍ट्रगल के बारे में भी खुलकर बात की। इसके बाद से फिर से सिंगल मदर होने को लेकर कई तरह के सवाल लोगों के दिमाग में आने लगे हैं। आइए जानते है क‍ि सिंगल मदर को सिंगल पैरेंटिंग में क्‍या-क्‍या चुनौतियां फेस करनी पड़ती हैं।

कानूनी लड़ाई

कानूनी लड़ाई

सिंगल मदर होने की कई वजह हो सकती है जैसे:

- विधवा

- तलाकशुदा

- अनियोजित गर्भावस्था / अनिच्छुक पिता

- ब्रेकअप

इनमें से भी क‍िसी भी एक कारण के वजह से बच्‍चें की कस्‍टडी को लेकर कानूनी विवाद भी खड़ा हो सकता है। नतीजन, सिंगल मदर को इन स्थितियों से बाहर निकालने के ल‍िए कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ सकती है। अगर आप आपकी वित्तिय स्थिति मजबूत नहीं है तो इस सिचुएशन में आप राज्‍य सरकार या कानूस से भी मदद मांग सकती हैं।

फाइनेंशियल प्रॉब्‍लम

फाइनेंशियल प्रॉब्‍लम

कुछ महिलाएं पहले से वर्किंग होती है तो अपना फाइनेंशियल पार्ट संभाल लेती है। लेकिन आज भी ग्रामीण परिवेश और ज्‍वाइंट फैमिली में अक्‍सर देखा जाता है क‍ि महिलाओं को जॉब करने की इजाजत नहीं होती है। जिसकी वजह से आगे चलकर इसका असर मैंटल हेल्‍थ पर भी पड़ता है। इसल‍िए सिंगल मदर के पास एक फाइनेंशियल प्लान या बैकअप होना बहुत जरुरी है। इससे न सिर्फ आप अपने बच्‍चें को अच्‍छी प‍रवरिश देंगे बल्कि फ्यूचर सेविंग भी होगी।

अपराधबोध से गस्‍त न हो

अपराधबोध से गस्‍त न हो

सिंगल मदर्स अक्सर अपराध बोध से जल्‍दी ग्रस्‍त हो जाती है। इनमें से कई ऐसी बातें होती है जो उनके जेहन में घर बना लेती है:

- बच्‍चें को माता-पिता दोनों से मिलने वाले प्‍यार से वंचित रखना।

- फाइनेंशियल इश्‍यूज को सॉल्‍व करने और घर को मैनेज करने में ज्‍यादा समय देना।

- सिंगल मदर्स के तौर पर डेटिंग न कर पाना।

- आय स्तर और जीवन शैली में परिवर्तन आना।

- बच्‍चें में अलग-अलग रह रहे माता-पिता के साथ अलग- अलग व्यवहार और इंमोशन को फील करना।

प्रत्‍येक व्‍यक्ति को हक है क‍ि वे हर तरह की भावना को महसूस करें। छोटी मात्रा में अपराधबोध होना प्‍यार की निशानी है जो आपको बेहतर इंसान बनने के ल‍िए प्रेरित करता है। अगर आप कभी समय से अपराध बोध से ग्रसित है तो आपको एक काउंसलर से मिलने की जरुरत है।

पॉजिटिव रहें

पॉजिटिव रहें

हर व्‍यक्ति के जीवन में कई तरह के उतार चढ़ाव आते है। ऐसे में बहुत जरुरी है क‍ि आप सकारात्‍मकरहें क्‍योंकि आपको पॉजिटिव एटीट्यूट ही आपको इस प्रॉब्‍लम से बाहर निकलने में मदद करेगा। अगर आप हमेशा अपने बच्‍चें के सामने हंसती-मुस्‍कराती रहेंगी तो वो भी आपके सामने हंसता रहेगा, जिससे आपको हर परिस्थिति में लड़ने में मदद मिलेगी।

ज्यादा गुस्सा न करें

ज्यादा गुस्सा न करें

अकेले सारी जिम्मेदारी संभालते-संभालते आपको चिड़चिड़ापन सा लगने लगेगा इसके साथ गुस्‍सा आना भी वाजिब सा है। लेकिन आपको हर सिचुएशन को बहुत सोच-समझकर संभालनी है। इसके ल‍िए अपने गुस्से पर काबू रखना जरुरी है। वरना इसका असर आपके बच्‍चें पर पड़ सकता है। ऐसे में आपकी और आपके बच्‍चें की बॉन्डिंग पर असर पड़ सकता है।

English summary

Anmol Chaudhary Opens Up On Being An Unmarried Single Mother, Know What Problems Do Single Mothers Face?

Anmol Chaudhary Opens Up On Being An Unmarried Single Mother, In India, many issues are commonly faced by single mothers are unique to their circumstances.