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पहली बार संबध बनाने के लिए 33 लाख अमेरिकी महिलाओं हुई थी मजबूर, शोध
दुनियाभर में महिलाओं के ऊपर हो रहे यौनाचार से जुड़ी कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आते रहे। हैशटैश मीटू मूवमेंट ने इस बात को उजागर किया कि महिलाओं के साथ कैसे बिना उनकी इच्छा के और मजबूरन यौन अत्याचार किए जा रहे हैं। ऐसे ही एक रिसर्च में सामने आया है हर सोलह में से एक अमेरिकी महिला को पहली बार सेक्स के लिए जबरन तैयार किया गया। उस समय उनकी उम्र भी हमलावर की तुलना में काफी कम थी।

क्या कहता है शोध
जामा इंटरनल मेडिसिन के शोध में कहा गया है कि अमेरिका में 33 लाख से अधिक महिलाओं को पहली बार संभोग के लिए मजबूर किया गया था। 16 अमेरिकी महिलाओं में से एक को पहली बार संभोग करने के लिए मजबूर किया गया था। हैशटैश मीटू मूवमेंट ने इस बात को उजागर किया कि महिलाओं के साथ कैसे बिना उनकी इच्छा के और मजबूरन यौन अत्याचार किए जा रहे हैं। हालांकि, हाल के किसी भी अध्ययन ने लड़कियों और महिलाओं के पहले यौनाचार या इसके स्वास्थ्य परिणामों के दौरान जबरन सेक्स के प्रसार का आकलन नहीं किया है।
क्या कहते हैं आंकड़ें
13, 310 महिलाओं के नेशनली रिप्रेजेंटेटिव सर्वे डेटा के विश्लेषण में 6.5 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इस बात को माना की पहली बार संभोग के दौरान उनके साथ जबरदस्ती की गई। यह आंकड़ा 33 लाख महिलाओं के बराबर होता है, जिनकी आयु 18 से 44 वर्ष के बीच रही। अमेरिका में हार्वर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के अनुसार, जबरन संभोग के दौरान अधिकतर महिला की उम्र साढ़े 15 से साढ़े 17 साल के बीच रही।
ये था आयु का औसत
अध्ययन में कहा गया है कि पहले स्वैच्छिक संभोग में साथी के 21 की तुलना में हमलावर की औसत आयु 27 रही। अध्ययन में यह पाया गया कि पहले जबरन यौन संभोग के अनुभव वाली महिलाओं में अवांछित गर्भधारण या गर्भपात की संभावना अधिक होती है। इसके अलावा वहीं अन्य स्त्रीरोग और सामान्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी उनमें देखने को मिल सकती हैं।



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