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उम्र बढ़ने के साथ सिंगल रहना लगने लगता है अच्छा, जाने और क्या कहती है स्टडी
हमें बचपन से ही किसी साथी की महत्ता के बारे में सिखाया जाता है। जब हम छोटे होते हैं तब अपने जैसे बच्चों से दोस्ती कर लेते हैं। जब बड़े होते हैं तब हम बेस्ट फ्रेंड वाली दुनिया में कदम रखते हैं और उसके बाद अपना समय और ऊर्जा अपने लिए परफेक्ट लाइफ पार्टनर ढूंढने में लगाते हैं।
ये बताया जाता है कि हम इंसान हैं इस वजह से हमें किसी के साथ की ज़रूरत होती है। ऐसी सामाजिक परिस्थिति में सिंगल रहना या फिर अकेले ज़िंदगी गुज़रने का फैसला करना जल्दी स्वीकार्य नहीं होता है। हाल ही में हुई रिसर्च की मदद से जानने की कोशिश करते हैं क्या रिलेशनशिप में रहने वाले लोगों की तुलना में सिंगल लोगों की लाइफ बेहतर होती है।

कैसी होती है सिंगल लोगों की ज़िंदगी
समय बदल रहा है और लोगों की सोच में थोड़ा परिवर्तन आया है। अब समाज द्वारा किसी के सिंगल रहने के फैसले पर पहले जैसी प्रतिक्रिया नहीं देता है। मगर जो व्यक्ति किसी पार्टनर के साथ नहीं रहना चाहता है उसके साथ लोगों की उत्सुकता और हमदर्दी ज़रूर जुड़ जाती है। वो बाकि लोगों से अलग समझे जाते हैं।
माता पिता हमेशा उनकी कुशलता को लेकर चिंतित रहते हैं और वहीं दोस्त रिश्तेदार उसके फैसले के सामने हार मानने से पहले हज़ार कोशिशें करते हैं ताकि वो किसी तरह रिश्ते में बंधने के लिए हां कर दे।
वैसे उस व्यक्ति के लिए भी आसान नहीं होता है जब वो सिंगल रहने का फैसला लेता है और उस रास्ते पर चलने का फैसला करता है जिसपर ज़्यादा लोग ना गए हों। लेकिन क्या आपको पता है कि वक़्त गुज़रने के साथ अकेले रहना आसान हो जाता है।

सिंगल रहने वालों के लिए वक़्त के साथ स्थिति हो जाती है बेहतर
जर्मन सेंटर ऑफ़ गेरोन्टोलॉजी के स्कॉलर्स द्वारा की गयी रिसर्च के मुताबिक समय और उम्र बढ़ने के साथ साथ सिंगल लाइफ में संतुष्टि बढ़ जाती है और ये भी पाया गया कि पार्टनरशिप स्टेटस की अहमियत कम हो जाती है।

रिसर्च में कौन थे शामिल
जर्मन एजिंग सर्वे द्वारा उपलब्ध कराए गए डाटा की स्टडी एनी बोगर और ओलिवर हक्स्फोल्ड द्वारा की गयी। इस डाटा के लिए 40 से 85 साल के व्यक्तियों को 1996 से 2014 काल के दौरान शामिल किया गया। इसमें मुख्यतौर पर 2552 लोगों पर फोकस किया जिन्हें 2008 में शामिल किया गया था और फिर दोबारा 2014 में इनका इंटरव्यू लिया गया।

रोमांटिक पार्टनर के साथ रिलेशनशिप की क्वालिटी में आयी गिरावट
इस रिसर्च में हैरान कर देने वाली बात सामने आयी कि जो लोग सिंगल थे वो लोग उम्र बढ़ने के साथ संतुष्टि का भी अनुभव कर रहे थे लेकिन रिलेशनशिप में रह रहे लोग अपनी क्वालिटी ऑफ़ लाइफ से खुश नहीं थे। शुरुआती दौर में कपल्स की लाइफ अच्छी थी लेकिन वक़्त बीतने के साथ साथ क्वालिटी में गिरावट आ गयी।

सिंगल्स को अकेलेपन का एहसास होने लगता है कम
मज़ेदार बात है कि रिलेशनशिप स्टेटस या फिर दूसरे कारकों की वजह से लोगों ने अकेलेपन पर अलग अलग प्रतिक्रिया दी। स्टडी के अनुसार जो लोग अकेले रहते हैं उन्हें अकेलापन ज़्यादा प्रभावित नहीं कर पाया और उम्र बढ़ने के साथ उन्हें अकेलापन भी ज़्यादा महसूस नहीं होता। लेकिन वो लोग जिन्होंने शादी के बाद लंबा वक़्त साथ बिताने के बाद अपने पार्टनर की मृत्यु झेली, उन्हें रिलेशनशिप में सबसे ज़्यादा अकेलापन महसूस हुआ।

क्या है इसके पीछे की वजह
गौरतलब है कि जानकार इसके पीछे का साइंटिफिक कारण नहीं बता पाए हैं कि आखिर क्यों सिंगल व्यक्ति ज़्यादा संतुष्ट जीवन बिताते हैं। मगर उन्होंने ये ज़रूर गौर किया कि अकेले रहने पर उनकी सहनशीलता बढ़ जाती है और जब वो अपने जैसे लोगों से मिलते हैं तब वो और ज़्यादा कॉन्फिडेंट महसूस करते हैं और अपने फैसले पर उन्हें कोई अफ़सोस नहीं होता है।

फैसला आपका है
अगर आपने ये फैसला कर लिया है कि आप अकेले रहना चाहते हैं तो ये सही समय है। लोगों की बातें सुनकर आप अपने फैसले पर शक ना करें। जीवन में जो अहमियत रखता है वो है आपकी ख़ुशी और अगर आप बिना किसी पार्टनर के ये ख़ुशी हासिल कर सकते हैं तो आपको कोई नहीं रोक सकता है।



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