लेडीज अलर्ट! मर्दों को रोमांस से ज्यादा ब्रोमांस में आता है मजा

जिस तरह से लड़कियों के बीच में BFF यानी बेस्ट फ्रेंड फोरेवर मशहूर है, ठीक उसी तरह पुरुषों के बीच ब्रोमांस आम हो गया है। महिलाएं अपने दिल की हर छोटी बड़ी बात अपनी बीएफएफ को बताती हैं तो वहीं पुरुष भी अपने मेल दोस्तों के साथ पक्की यारी निभाते हैं और यही ब्रोमांस कहलाता है।

Men Prefer Bromances Over Relationships With Women

इसमें इन दोस्तों के बीच में किसी तरह की कोई सीमा नहीं होती है। हाल ही में एक शोध हुआ जिसमें ये बात पता चली है कि मर्दों का ब्रोमांस महिलाओं और उनके रिश्ते पर भारी पड़ सकता है।

मर्द रोमांस से ज्यादा ब्रोमांस से हैं संतुष्ट

मर्द रोमांस से ज्यादा ब्रोमांस से हैं संतुष्ट

एक नया अध्ययन मेन एंड मस्कुलिनिटी में प्रकाशित किया गया, उसके अनुसार मर्दों को अपनी महिला पार्टनर के साथ इंटिमेट रिश्ता बनाने की तुलना में अपने दोस्तों के साथ रहने में ज्यादा भावनात्मक संतुष्टि मिलती है। इस शोध में शामिल लोगों के मुताबिक पिछले कुछ सालों में पुरुषों की करीबी मित्रता को समाज में स्वीकार किया जाने लगा है और ये अच्छी बात भी है। अध्ययन इस बात की तरफ भी इशारा करती है कि रिश्तों में आ रहे इस बदलाव की वजह से रिलेशनशिप और शादी का बंधन कमजोर हो सकता है। ये परंपरागत लड़का और लड़की को जोड़ी के लिए खतरा है।

नया नहीं है पुरुषों का ब्रोमांस

नया नहीं है पुरुषों का ब्रोमांस

ब्रोमांस शब्द का चलन भले ही इन दिनों तेजी से बढ़ा है लेकिन इसकी अवधारणा नई नहीं है। जानकारों के मुताबिक जॉर्ज वॉशिंगटन भी अपने पुरुष मित्रों के लिए प्यार भरे खत लिख चुके हैं। वहीं अब्राहम लिंकन ने तो अपने एक पुरुष मित्र के साथ लंबे वक्त तक एक बिस्तर साझा किया था।

मौजूदा समय में क्या है स्थिति

मौजूदा समय में क्या है स्थिति

इस रिसर्च की वजह से वर्तमान समय में ब्रोमांस खुलकर सबके सामने आ चुका है और लोगों को इससे कोई परेशानी भी नहीं है। पुरुषों के लिए ब्रोमांस कितना महत्वपूर्ण बन चुका है ये जानने के लिए एक्सपर्ट्स ने तीस विषमलैंगिक (हेट्रोसेक्सुअल) पुरुषों का सर्वेक्षण किया। ये कॉलेज स्टूडेंट थे और रिलेशनशिप में थे। अध्ययन में पाया गया कि इन लड़कों ने ब्रोमांस के लिए कम से कम एक दोस्त होने की जानकारी दी। इनके साथ बिना किसी सीमा के वो रिश्ता साझा करते हैं, जिसमें एक दूसरे को सीक्रेट बताना, प्यार जताना या फिर एक ही बेड पर सो जाना शामिल है।

30 में से 29 मर्दों ने स्वीकारा की वे अपने ब्रोमैंटिक पार्टनर को पकड़कर कर सोए भी हैं। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि सिर्फ तीस लोगों पर हुई रिसर्च से सभी पुरुष कम्युनिटी पर इसका निष्कर्ष लागू कर दिया जाए। इस क्षेत्र में अभी और भी शोध किये जाने की जरूरत है।

ये बदलाव महिलाओं के लिए नहीं है अच्छा

ये बदलाव महिलाओं के लिए नहीं है अच्छा

पुरुष की पुरुष के साथ निकटता और समाज में उसे स्वीकार कर लिया जाना एक अच्छा कदम है। खासतौर से तब जब वो भावनात्मक रूप से महिलाओं के साथ जुड़ा हुआ महसूस ना करते हों। लेकिन शोध में लगे एक्सपर्ट्स ने पारंपरिक महिला-पुरुष के रिश्ते को लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने माना कि पुरुषों की ये नजदीकी महिलाओं के लिए ठीक नहीं है।

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