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दर्द, आनंद और सेक्स की अजीब दुनिया है BDSM
हर इंसान के कई चेहरे होते हैं। खासतौर पर ये इंसानों के सेक्सुअल प्रेफरेंस को लेकर काफी हद तक सही माना गया है। बंद कमरे में आंतरिक संबंध बनाते समय कई बार ये चेहरे उजागर होते हैं और तमाम प्राकृतिक नियम कायदों को तोड़ वो किया जाता है जिनसे मनोवैज्ञानिक आनंद प्राप्त होता है। कभी पार्टनर के शरीर पर शहद या बियर डाल के स्वाद लेना तो कभी चाबुक से मार के पीड़ा देने में आनंद प्राप्त करना। जी हां, हम बात कर रहे हैं BDSM की। ये टर्म आजकल काफी सुनने में मिलता है और इसके कई कम्युनिटीज भी बन गये हैं। तो आइए आपको बताते हैं की BDSM है क्या और इसके नफा नुकसान क्या है।

होता क्या है BDSM?
90 के दशक में ये टर्म इस्तेमाल किया जाने लगा था जिसमें B/D का मतलब बंधन और शासन (Bondage and Discipline), D/S का मतलब अधिकार और समर्पण (Dominance and submission), और S/M का मतलब पीड़ा देकर आनंद महसूस करना (Sadism and Masochism) होता है। अगर इसे सेक्स के परिप्रेक्ष्य में देखे तो साधारण शब्दों में ऐसे समझा जा सकता है की अगर दो पार्टनर्स आपसी सहमती से सेक्स संबंध बनाते हैं तो इसमें एक डोमिनेंट पार्टनर होगा और दूसरा सब्मिसिव पार्टनर। डोमिनेंट पार्टनर गेम के नियम कायदे तय करेगा और सब्मिसिव पार्टनर उसका पालन करेगा। लगभग मालिक और नौकर टाइप। इसे टॉप और बॉटम पार्टनर भी कहा जाता है।

दर्द में भी मजा है
एक आम धारणा है की BDSM का मतलब है यौन हिंसा, पर ऐसा नहीं है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान BDSM को बीमारी मानने से मना करता हैं। ऐसा कहा जाता है की ये एक मनोवैज्ञानिक पसंद है जिसे पार्टनर्स अंतरंग समय में करना चाहते हैं और इससे इन्हे आनंद प्राप्त होता है। इसमें आप जो चाहे कर सकते हैं पर हां, इसके लिए पार्टनर्स की स्वीकृति आवश्यक है, जोर जबरदस्ती नहीं होनी चाहिए और पीड़ा उतनी ही देनी है जितनी बर्दाश्त हो सके।

नई पोजीशन, नई स्टाइल, नया मजा
BDSM वाले मनोविज्ञान के लोग संबंध बनाने के नए नए आसन ढूंढते रहते हैं या फिर नए स्टाइल की तलाश में रहते हैं। कुछ तो अपना गेटअप भी बदल लेते हैं, जैसे कोई पुरुष स्त्री का भेष बदल लेता है और स्त्री की तरह व्यवहार भी करता है। कुछ डिफरेंट कैरेक्टर्स जैसे की नर्स, टीचर, ड्रैकुला, रिंगमास्टर, जानवर आदि जैसे भेष बना कर संबंध बनाते हैं जिसमे उन्हें आनंद मिलता है। ये खुद को उस कैरेक्टर में डुबो लेते हैं और थोड़ा बहुत ड्रामा भी करते हैं। जिन्हें Sadism पसंद है वो अपने पार्टनर को कोड़े या चाबुक से मार के आनंद महसूस करते हैं। नितम्बो और छाती पर हल्के हल्के स्लैप भी करते हैं जिसे spanking कहा जाता है। एक खबर के अनुसार अमेरिका में एक व्यक्ति अपनी पत्नी के नितम्बो पर गर्म ऑमलेट रख के खाता था और इसमें उसकी पत्नी को भी आनंद प्राप्त होता था।

क्या ये कानूनी रूप से वैध है?
कई देशो में BDSM लीगल है पर कई देशों में इसे क़ानूनी रूप से मान्यता नहीं मिली है इसलिए अगर आपके अंदर भी ऐसा कुछ करने का मन हो तो पहले पता कर लें की आप जिस मुल्क में हैं वहां BDSM कानूनी रूप से स्वीकृत है या नहीं।

एक्सेसरीज भी जरुरी है
इसमें पार्टनर के हाथ पैर बांध दिए जाते हैं, आंखों पर पट्टियां बांध दी जाती हैं, स्टिक या चाबुक से मारा भी जाता है, कई बार हथकड़ी का भी इस्तेमाल होता है। छोटे पर पैने हिल वाले सैंडल से शरीर को दबाते हैं ताकि दर्द हो। कई दफा मुंह पर टेप चिपका दिया जाता है। अमूमन ये पार्टनर्स के डिमांड के हिसाब से आपस में तय कर लिया जाता है कि क्या करना है और उसके लिए किन चीजों का इस्तेमाल करना है।



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