Latest Updates
-
Akshaya Tritiya पर किस भगवान की होती है पूजा? जानें इस दिन का महत्व और पौराणिक कथा -
Parshuram Jayanti 2026 Sanskrit Wishes: परशुराम जयंती पर इन संस्कृत श्लोकों व संदेशों से दें अपनों को बधाई -
कौन हैं जनाई भोंसले? जानें आशा भोसले की पोती और क्रिकेटर मोहम्मद सिराज का क्या है नाता? -
Amarnath Yatra Registration 2026: शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन, घर बैठे कैसे करें आवेदन, क्या हैं जरूरी डॉक्यूमेट्स -
Akshaya Tritiya पर जन्म लेने वाले बच्चे होते हैं बेहद खास, क्या आप भी प्लान कर रहे हैं इस दिन डिलीवरी -
उत्तराखंड में 14 साल की लड़की ने दिया बच्चे को जन्म, जानें मां बनने के लिए क्या है सही उम्र -
गर्मियों में भूलकर भी न खाएं ये 5 फल, फायदे की जगह पहुंचा सकते हैं शरीर को भारी नुकसान -
Himachal Day 2026 Wishes In Pahadi: 'पहाड़ां री खुशबू, देओदारे री छां', अपनों को भेजें पहाड़ी शुभकामनाएं -
Pohela Boishakh 2026 Wishes: 'शुभो नबो बोर्शो' के साथ शुरू करें नया साल, अपनों को भेजें ये शानदार संदेश -
Himachal Day 2026 Wishes: हिमाचल है हमारा अभिमान...हिमाचल दिवस पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश
Ahoi Ashtami Vrat Me Pani Kab Piye: क्या अहोई अष्टमी व्रत में पानी पी सकते हैं? जानें क्या कहता है नियम
Ahoi Ashtami Vrat Me Pani Pi Sakte Hain: अहोई अष्टमी व्रत, भारतीय संस्कृति में महिलाओं द्वारा मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो विशेष रूप से माताओं द्वारा अपने बच्चों की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए किया जाता है। यह पर्व कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष 24 अक्टूबर को अहोई अष्टमी मनाई जायेगी।
इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को विशेष पूजा करती हैं। इस दिन महिलाएं अपनी संतान की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए अहोई माता के चित्र के सामने दीपक जलाकर पूजन करती हैं। पूजा के दौरान संतान सुख के लिए प्रार्थना की जाती है, और व्रत के समापन पर पारंपरिक व्यंजन तैयार किए जाते हैं, जिन्हें परिवार के अन्य सदस्यों के साथ साझा किया जाता है।

इस पर्व का एक महत्वपूर्ण संदेश है कि मातृत्व और परिवार का प्यार कितना मूल्यवान होता है, और इसे मनाने से समाज में एकता और सामंजस्य की भावना भी प्रबल होती है। इस प्रकार, अहोई अष्टमी व्रत न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह माताओं के बलिदान और प्रेम को भी दर्शाता है।
Kya Ahoi Ashtami Vrat Me Pani Pi Sakte Hain?
अहोई अष्टमी के व्रत में पानी पी सकते हैं कि नहीं इस बात को लेकर आशंका बनी रहती है। जानते हैं किस तरह का व्रत रखा जाता है इस दिन -
अहोई अष्टमी का व्रत निर्जला रखा जाता है। इस व्रत में पूरा दिन बिना पानी पिए रहा जाता है और तारों के दर्शन करके ही व्रत खोला जाता है।
हालांकि यदि स्वास्थय कारणों की वजह से निर्जला व्रत रखना संभव ना हो तो आप अहोई अष्टमी व्रत के दौरान फलाहार कर सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे कि इस व्रत के दौरान अनाज का सेवन ना हो। इसके साथ ही इस दिन दूध या दूध से बनी चीज़ों से भी पूरी तरह परहेज़ किया जाता है।
Ahoi Ashtami Tare Nikalne Ka Samay
अहोई अष्टमी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त 24 अक्टूबर को शाम 05:41 बजे से 06:58 बजे तक रहेगा। तारों को देखने का समय शाम 06:06 बजे से शुरू होगा।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











