Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
Ahoi Ashtami Vrat Me Pani Kab Piye: क्या अहोई अष्टमी व्रत में पानी पी सकते हैं? जानें क्या कहता है नियम
Ahoi Ashtami Vrat Me Pani Pi Sakte Hain: अहोई अष्टमी व्रत, भारतीय संस्कृति में महिलाओं द्वारा मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो विशेष रूप से माताओं द्वारा अपने बच्चों की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए किया जाता है। यह पर्व कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष 24 अक्टूबर को अहोई अष्टमी मनाई जायेगी।
इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को विशेष पूजा करती हैं। इस दिन महिलाएं अपनी संतान की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए अहोई माता के चित्र के सामने दीपक जलाकर पूजन करती हैं। पूजा के दौरान संतान सुख के लिए प्रार्थना की जाती है, और व्रत के समापन पर पारंपरिक व्यंजन तैयार किए जाते हैं, जिन्हें परिवार के अन्य सदस्यों के साथ साझा किया जाता है।

इस पर्व का एक महत्वपूर्ण संदेश है कि मातृत्व और परिवार का प्यार कितना मूल्यवान होता है, और इसे मनाने से समाज में एकता और सामंजस्य की भावना भी प्रबल होती है। इस प्रकार, अहोई अष्टमी व्रत न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह माताओं के बलिदान और प्रेम को भी दर्शाता है।
Kya Ahoi Ashtami Vrat Me Pani Pi Sakte Hain?
अहोई अष्टमी के व्रत में पानी पी सकते हैं कि नहीं इस बात को लेकर आशंका बनी रहती है। जानते हैं किस तरह का व्रत रखा जाता है इस दिन -
अहोई अष्टमी का व्रत निर्जला रखा जाता है। इस व्रत में पूरा दिन बिना पानी पिए रहा जाता है और तारों के दर्शन करके ही व्रत खोला जाता है।
हालांकि यदि स्वास्थय कारणों की वजह से निर्जला व्रत रखना संभव ना हो तो आप अहोई अष्टमी व्रत के दौरान फलाहार कर सकते हैं। लेकिन ध्यान रहे कि इस व्रत के दौरान अनाज का सेवन ना हो। इसके साथ ही इस दिन दूध या दूध से बनी चीज़ों से भी पूरी तरह परहेज़ किया जाता है।
Ahoi Ashtami Tare Nikalne Ka Samay
अहोई अष्टमी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त 24 अक्टूबर को शाम 05:41 बजे से 06:58 बजे तक रहेगा। तारों को देखने का समय शाम 06:06 बजे से शुरू होगा।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
