Latest Updates
-
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: क्या आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री का असली नाम? जानें 10 रोचक तथ्य -
Gandhi Jayanti 2026: गांधी जी को 'बापू' क्यों कहा जाता है? जानें किसने दी थी 'महात्मा' की उपाधि -
Gandhi Jayanti Wishes 2026: हाथ में लाठी थी...गांधी जयंती पर अपनों को ये खास मैसेज भेजकर दें शुभकामनाएं -
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय -
लाखों में बिकती है दुनिया की सबसे महंगी कॉफी, लेकिन बनाने का प्रोसेस जानकर फ्री में भी पीने से करेंगे तौबा! -
पाम ऑयल क्या होता है और इसे खाने से क्या नुकसान होते हैं? जानिए इससे शरीर पर क्या असर होता है -
October 2026 Vrat Tyohar List: नवरात्रि, दशहरा से करवा चौथ तक, यहां देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट
Jitiya Vrat 2024: इस साल कब है जिउतिया व्रत, संतान के कष्ट हरने के लिए मां रखती है उपवास
Jitiya Vrat 2024 Kab Hai: जितिया व्रत, जिसे जीवित्पुत्रिका व्रत के नाम से भी जाना जाता है, माताओं द्वारा अपने बच्चों की भलाई और दीर्घायु के लिए किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण व्रत है। यह परंपरा विशेष रूप से बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में प्रचलित है। यह व्रत आश्विन माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को पड़ता है। माताएँ निर्जला व्रत रखती हैं, भोजन और पानी से परहेज करती हैं और गंधर्व राजा जीमूतवाहन की पूजा करती हैं।

जितिया व्रत 2024 तिथि (Jitiya Vrat 2024)
इस वर्ष जितिया व्रत 25 सितंबर, मंगलवार को रखा जाएगा। वैदिक पंचांग के अनुसार अष्टमी तिथि 24 सितंबर को दोपहर 23:34 बजे से शुरू होकर 25 सितंबर को दोपहर 12:10 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर यह व्रत 25 सितंबर, बुधवार को रखा जाएगा।
जितिया 2024 मुहूर्त (Jivitputrika Vrat 2024)
जितिया व्रत के दिन महिलाओं को सुबह 04:36 से 05:23 बजे के बीच ब्रह्म मुहूर्त में अपने दैनिक कार्य निपटाकर स्नान कर लेना चाहिए। उस दिन सूर्योदय 6:11 बजे है। लाभ-उन्नति मुहूर्त सुबह 06:11 से 07:41 बजे तक है, जबकि अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त सुबह 07:41 से 09:12 बजे तक है।
सूर्योदय से पहले महिलाएं फल, मिठाई, चाय या पानी पी सकती हैं। इस अवधि के बाद, उन्हें अगले दिन सूर्योदय तक सख्त निर्जला व्रत रखना चाहिए।
जितिया 2024 पारण समय
व्रत का पारण 26 सितंबर, गुरुवार को सूर्योदय के बाद किया जा सकता है। इस दिन सूर्योदय सुबह 06:12 बजे है। यदि स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या हो तो पंडित जी से सलाह लेकर वैकल्पिक उपाय पर विचार किया जा सकता है।
जीवित्पुत्रिका व्रत के पीछे की पौराणिक कथा बेटों की सुरक्षा और खुशी सुनिश्चित करने के लिए इसके महत्व पर प्रकाश डालती है। आज भी माताएँ अपने बच्चों की भलाई के लिए सभी निर्धारित नियमों का पालन करके इस परंपरा को जारी रखती हैं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
