Latest Updates
-
Mahavir Jayanti Quotes 2026: 'जियो और जीने दो', महावीर जयंती पर अपनों को शेयर करें उनके अनमोल विचार -
Aaj Ka Rashifal 31 March 2026: मार्च के आखिरी दिन इन 4 राशियों का खुलेगा भाग्य, जानें आज का भविष्यफल -
Mahavir Jayanti 2026: महावीर जयंती कब है? जानें तिथि, महत्व और भगवान महावीर के प्रमुख सिद्धांत -
कौन थे राहुल अरुणोदय बनर्जी? शूटिंग के दौरान डूबने से हुई मौत, 43 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा -
बिग बॉस फेम रजत दलाल ने रचाई गुपचुप शादी, फोटोज पोस्ट करके सबको किया हैरान, जानें कौन है दुल्हन? -
Vastu Tips: घर में आर्थिक संकट आने से पहले दिखते हैं ये संकेत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज -
40 की उम्र में दूसरी बार मां बनीं सोनम कपूर, सोशल मीडिया पर दी खुशखबरी, जानिए बेटा हुआ या बेटी -
घर में छिपकलियों ने मचा रखा है आतंक? भगाने के लिए आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, फिर कभी नहीं दिखेंगी दोबारा -
Rajasthan Diwas 2026 Wishes In Marwari: आ धरती म्हारे राजस्थान री...इन मारवाड़ी मैसेज से अपनों को दें बधाई -
Rajasthan Diwas 2026 Wishes: मरुधरा की रेत...राजस्थान दिवस के मौके पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश
Maa Kushmanda Mantra And Aarti: नवरात्रि के चौथे दिन देवी कुष्मांडा की कृपा पाने के लिए पढ़ें ये मंत्र और आरती
Maa Kushmanda Mantra And Aarti: नवरात्रि के चौथे दिन माता कुष्मांडा की पूजा का विशेष महत्व है। देवी दुर्गा का यह स्वरूप सृजन, उर्जा और प्रकाश का प्रतीक है। ऐसा माना जाता है कि जब संसार में अंधकार का साम्राज्य था, तब देवी कुष्मांडा ने अपनी दिव्य मुस्कान से सृष्टि की रचना की थी। उनका नाम "कुष्मांडा" का अर्थ है-"कुम्हड़ा" (कुश) और "अंड" (सृजन), यानी वह देवी जो ब्रह्मांड की उत्पत्ति में सहायक हैं।
मां कुष्मांडा की पूजा से साधक के भीतर आत्मबल, ऊर्जा और सृजनात्मक शक्ति का संचार होता है। यह देवी भक्तों के रोग, दु:ख, और दरिद्रता को हरती हैं और उन्हें धन, स्वास्थ्य और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। विशेष रूप से, मां की कृपा से जीवन में सकारात्मकता का उदय होता है और कठिनाइयों का नाश होता है।

इस दिन देवी की पूजा करते समय 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कुष्मांडायै नमः' मंत्र का जाप करना अत्यंत फलदायी होता है। मां कुष्मांडा की कृपा से साधक की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं और वह एक स्वस्थ, संपन्न और शांतिपूर्ण जीवन की प्राप्ति करता है।
कुष्मांडा माता के मंत्र (Maa Kushmanda Ke Mantra)
मां कूष्मांडा की स्तुति मंत्र:
या देवी सर्वभूतेषु माँ कूष्माण्डा रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
मां कूष्मांडा का पूजन मंत्र
सुरासम्पूर्ण कलशं रुधिराप्लुतमेव च।
दधाना हस्तपद्माभ्यां कूष्माण्डा शुभदास्तु मे॥
मां कूष्मांडा बीज मंत्र
ऐं ह्री देव्यै नम:
मां कूष्मांडा की आरती (Maa Kushmanda Ki Aarti)
कूष्मांडा जय जग सुखदानी।
मुझ पर दया करो महारानी॥
पिगंला ज्वालामुखी निराली।
शाकंबरी मां भोली भाली॥
लाखों नाम निराले तेरे।
भक्त कई मतवाले तेरे॥
भीमा पर्वत पर है डेरा।
स्वीकारो प्रणाम ये मेरा॥
सबकी सुनती हो जगदम्बे।
सुख पहुंचती हो मां अम्बे॥
तेरे दर्शन का मैं प्यासा।
पूर्ण कर दो मेरी आशा॥
मां के मन में ममता भारी।
क्यों ना सुनेगी अरज हमारी॥
तेरे दर पर किया है डेरा।
दूर करो मां संकट मेरा॥
मेरे कारज पूरे कर दो।
मेरे तुम भंडारे भर दो॥
तेरा दास तुझे ही ध्याए।
भक्त तेरे दर शीश झुकाए॥
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











