Latest Updates
-
Yoga For PCOS: पीसीओएस से परेशान महिलाएं रोज करें ये 5 योगासन, हार्मोन संतुलन में मिलेगी मदद -
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, धार्मिक महत्व और पूजा विधि -
अमेरिका में तेजी से फैल रहा कोरोना का नया 'Cicada' वेरिएंट, जानिए लक्षण, कितना खतरनाक और कैसे करें बचाव -
इस दिन झाड़ू खरीदने से घर आती हैं लक्ष्मी, जानें झाड़ू से जुड़े जरूरी वास्तु नियम -
बैड कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में रामबाण हैं ये 5 हरे पत्ते, रोजाना सेवन से हार्ट भी रहेगा हेल्दी -
Navratri Day 9: नवरात्रि के नौवें दिन करें मां सिद्धिदात्री की पूजा, जानें पूजा विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Navratri Day 9 Wishes: मां सिद्धिदात्री का आशीष मिले...इन संदेशों से अपनों को दें महानवमी की शुभकामनाएं -
Ram Navami 2026 Wishes Quotes: भए प्रगट कृपाला...इन चौपाइयों के साथ अपनों को दें राम नवमी की शुभकामनाएं -
Aaj Ka Rashifal 27 March 2026: जानें आज किन राशियों की चमकेगी किस्मत, किन्हें रहना होगा सावधान -
डायबिटीज की दवा मेटफॉर्मिन कैसे डालती है दिमाग पर असर, 60 साल बाद रिसर्च में हुआ खुलासा
Namaz Time Today 19 Dec: जानें आज फ़ज्र, ज़ुहर, असर, मगरिब और ईशा की नमाज कितने बजे होगी
Namaz Time Today 19 Dec: इस्लाम में पाँच वक़्त की नमाज़ - फ़ज्र, ज़ुहर, अस्र, मग़रिब और इशा - को फ़र्ज़ (अनिवार्य) इबादत माना गया है। यह इबादत न सिर्फ अल्लाह की बंदगी का तरीका है, बल्कि यह बंदे और अल्लाह के बीच खास रिश्ता कायम करती है।
नमाज़ के ज़रिए अल्लाह की रज़ा (खुशी) हासिल होती है और इंसान को रूहानी सुकून, तक़वा (खुदा का डर) और ज़िन्दगी के सही रास्ते पर चलने की प्रेरणा मिलती है।

नमाज़ के फज़ाइल
1. फ़ज्र की नमाज़:
दिन की शुरुआत अल्लाह के ज़िक्र और उसकी बरकत से होती है। यह नमाज़ इंसान के दिन को सकारात्मकता और ऊर्जा से भर देती है।
2. ज़ुहर और अस्र की नमाज़:
दिन की व्यस्तता और भागदौड़ के बीच ये नमाज़ें राहत का जरिया बनती हैं। ये अल्लाह से जुड़ने का मौका देती हैं और इंसान के दिल को सुकून पहुँचाती हैं।
3. मग़रिब और इशा की नमाज़:
दिन के खत्म होने और रात के सुकून से पहले ये नमाज़ें अल्लाह का शुक्र अदा करने और गुनाहों की माफी माँगने का बेहतरीन मौका देती हैं।
नमाज़: जन्नत की कुंजी
हदीस में कहा गया है कि नमाज़ जन्नत का दरवाजा खोलने की कुंजी है और क़यामत के दिन सबसे पहले नमाज़ का हिसाब लिया जाएगा। यह एक ऐसा अमल है, जो दीन और दुनिया दोनों के लिए फायदेमंद है।
नमाज़ का असर ज़िन्दगी पर:
- यह इंसान की ज़िन्दगी को सलीकेदार और अनुशासित बनाती है।
- नेक राह पर चलने की प्रेरणा देती है।
- इंसान के दिल में अल्लाह का डर और उसकी रहमत का एहसास कायम रखती है।
19 दिसंबर को नई दिल्ली में नमाज का समय
19 दिसंबर 2024 को फ़ज्र की नमाज का समय: 05:45 AM
19 दिसंबर 2024 को ज़ुहर की नमाज का समय: 12.19 PM
19 दिसंबर 2024 को असर की नमाज का समय: 03:10 PM
19 दिसंबर 2024 को मगरिब की नमाज का समय: 05:29 PM
19 दिसंबर 2024 को ईशा की नमाज का समय: 06:53 PM
19 दिसंबर को नोएडा में नमाज का समय
19 दिसंबर 2024 को फ़ज्र की नमाज का समय: 05:44 AM
19 दिसंबर 2024 को ज़ुहर की नमाज का समय: 12.18 PM
19 दिसंबर 2024 को असर की नमाज का समय: 03:09 PM
19 दिसंबर 2024 को मगरिब की नमाज का समय: 05:28 PM
19 दिसंबर 2024 को ईशा की नमाज का समय: 06:52 PM
19 दिसंबर को लखनऊ में नमाज का समय
19 दिसंबर 2024 को फ़ज्र की नमाज का समय: 05:28 AM
19 दिसंबर 2024 को ज़ुहर की नमाज का समय: 12.04 PM
19 दिसंबर 2024 को असर की नमाज का समय: 02:58 PM
19 दिसंबर 2024 को मगरिब की नमाज का समय: 05:18 PM
19 दिसंबर 2024 को ईशा की नमाज का समय: 06:40 PM
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











