Latest Updates
-
Sharad Purnima 2026: शरद पूर्णिमा की रात शारीरिक संबंध बना सकते हैं या नहीं? जानें क्या है नियम -
शरद पूर्णिमा की रात चांद की रोशनी में क्यों रखी जाती है खीर? जानें धार्मिक और वैज्ञानिक कारण -
Karwa Chauth 2026: करवा चौथ से पहले चेहरे पर चाहिए नेचुरल ग्लो? ट्राई करें शहनाज हुसैन के ये 5 होममेड फेस पैक -
Sharad Purnima 2026: 25 या 26 अक्टूबर, कब है शरद पूर्णिमा? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का समय -
Shamonda Virus: शमोंडा वायरस क्या है और कैसे फैलता है? फ्रांस में पहली बार इंसान संक्रमित, जांच शुरू -
बार-बार सिरदर्द होना हो सकता है इन 6 गंभीर बीमारियों का संकेत, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी -
सौंफ और धनिया का पानी पीने से सेहत को मिलते हैं कई फायदे, जानें सेवन का सही तरीका -
नसों में जमा कोलेस्ट्रॉल को कम कर सकते हैं ये 5 योगासन, नियमित अभ्यास से हार्ट डिजीज का खतरा होगा कम -
चेहरे पर नारियल तेल में मिलाकर लगाएं कॉफी पाउडर, स्किन की इन 5 समस्याओं से मिलेगा छुटकारा -
Myth Vs Fact: टाइट ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर होता है? डॉक्टर से जानिए ऐसे ही 10 मिथ और उनकी सच्चाई
Namaz Time Today 19 Dec: जानें आज फ़ज्र, ज़ुहर, असर, मगरिब और ईशा की नमाज कितने बजे होगी
Namaz Time Today 19 Dec: इस्लाम में पाँच वक़्त की नमाज़ - फ़ज्र, ज़ुहर, अस्र, मग़रिब और इशा - को फ़र्ज़ (अनिवार्य) इबादत माना गया है। यह इबादत न सिर्फ अल्लाह की बंदगी का तरीका है, बल्कि यह बंदे और अल्लाह के बीच खास रिश्ता कायम करती है।
नमाज़ के ज़रिए अल्लाह की रज़ा (खुशी) हासिल होती है और इंसान को रूहानी सुकून, तक़वा (खुदा का डर) और ज़िन्दगी के सही रास्ते पर चलने की प्रेरणा मिलती है।

नमाज़ के फज़ाइल
1. फ़ज्र की नमाज़:
दिन की शुरुआत अल्लाह के ज़िक्र और उसकी बरकत से होती है। यह नमाज़ इंसान के दिन को सकारात्मकता और ऊर्जा से भर देती है।
2. ज़ुहर और अस्र की नमाज़:
दिन की व्यस्तता और भागदौड़ के बीच ये नमाज़ें राहत का जरिया बनती हैं। ये अल्लाह से जुड़ने का मौका देती हैं और इंसान के दिल को सुकून पहुँचाती हैं।
3. मग़रिब और इशा की नमाज़:
दिन के खत्म होने और रात के सुकून से पहले ये नमाज़ें अल्लाह का शुक्र अदा करने और गुनाहों की माफी माँगने का बेहतरीन मौका देती हैं।
नमाज़: जन्नत की कुंजी
हदीस में कहा गया है कि नमाज़ जन्नत का दरवाजा खोलने की कुंजी है और क़यामत के दिन सबसे पहले नमाज़ का हिसाब लिया जाएगा। यह एक ऐसा अमल है, जो दीन और दुनिया दोनों के लिए फायदेमंद है।
नमाज़ का असर ज़िन्दगी पर:
- यह इंसान की ज़िन्दगी को सलीकेदार और अनुशासित बनाती है।
- नेक राह पर चलने की प्रेरणा देती है।
- इंसान के दिल में अल्लाह का डर और उसकी रहमत का एहसास कायम रखती है।
19 दिसंबर को नई दिल्ली में नमाज का समय
19 दिसंबर 2024 को फ़ज्र की नमाज का समय: 05:45 AM
19 दिसंबर 2024 को ज़ुहर की नमाज का समय: 12.19 PM
19 दिसंबर 2024 को असर की नमाज का समय: 03:10 PM
19 दिसंबर 2024 को मगरिब की नमाज का समय: 05:29 PM
19 दिसंबर 2024 को ईशा की नमाज का समय: 06:53 PM
19 दिसंबर को नोएडा में नमाज का समय
19 दिसंबर 2024 को फ़ज्र की नमाज का समय: 05:44 AM
19 दिसंबर 2024 को ज़ुहर की नमाज का समय: 12.18 PM
19 दिसंबर 2024 को असर की नमाज का समय: 03:09 PM
19 दिसंबर 2024 को मगरिब की नमाज का समय: 05:28 PM
19 दिसंबर 2024 को ईशा की नमाज का समय: 06:52 PM
19 दिसंबर को लखनऊ में नमाज का समय
19 दिसंबर 2024 को फ़ज्र की नमाज का समय: 05:28 AM
19 दिसंबर 2024 को ज़ुहर की नमाज का समय: 12.04 PM
19 दिसंबर 2024 को असर की नमाज का समय: 02:58 PM
19 दिसंबर 2024 को मगरिब की नमाज का समय: 05:18 PM
19 दिसंबर 2024 को ईशा की नमाज का समय: 06:40 PM
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
