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Periods Me Chhath Puja Kaise Kare: छठ पूजा के दौरान शुरू हो रहे हैं पीरियड्स तो कैसे करें पूजा? जानें नियम
Periods Me Chhath Puja Kaise Kare: भारत त्योहारों की धरती है, और यहां हर पर्व खास उत्साह से मनाया जाता है। उत्तर भारत में छठ पूजा एक प्रमुख त्योहार है, जो बिहार से निकलकर झारखंड, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के साथ-साथ विदेशों में भी लोकप्रिय हो चुका है। यह पर्व कार्तिक शुक्ल षष्ठी को मनाया जाता है। छठ पूजा में महिलाएं भगवान सूर्य और छठी माई से अपने परिवार की सुख-समृद्धि और संतान की लंबी आयु की कामना करती हैं।
छठ पूजा में विशेष सफाई और नियमों का पालन किया जाता है। व्रत करने वाली महिलाएं 36 घंटों का कठिन निर्जला उपवास रखती हैं, जिसे एक तपस्या के रूप में देखा जाता है। ऐसे में अगर किसी महिला को इस दौरान पीरियड्स हो जाएं, तो इसे लेकर कई सवाल उठते हैं: क्या पीरियड्स में छठ पूजा करना संभव है? क्या सूर्य देव को जल अर्पित किया जा सकता है?

पीरियड में छठ पूजा कैसे करे? (How to do chhath puja during periods)
यदि किसी महिला ने एक बार छठ व्रत करना शुरू कर दिया है, तो इसे हर साल निभाना चाहिए। अगर छठ पूजा के दौरान पीरियड्स आ जाएं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। मान्यता है कि पूजा में शरीर और मन की शुद्धता जरूरी होती है, तभी छठी मइया प्रसन्न होती हैं।
अगर पीरियड्स शुरू हो गए हैं, तो आप अपना निर्जला व्रत जारी रख सकती हैं, लेकिन पूजा की सामग्री को हाथ न लगाएं। पहले, दूसरे या तीसरे दिन अर्घ्य न दें, बल्कि घर के किसी सदस्य से अर्घ्य दिलवाएं।
यदि पीरियड्स का पांचवां दिन है, तो आप छठ माता की पूजा कर सकती हैं, और अगर छह दिन हो गए हैं, तो सूर्य देव को अर्घ्य भी दे सकती हैं।
छठ महापर्व की विशेष तिथियां (Chhath Puja Important Dates)
प्रथम दिन- (तिथि - चतुर्थी) नहाय खाय
दूसरा दिन - (तिथि - पंचमी), लोहंडा / खरना (खीर, रोटी और चावल के पिठे का प्रसाद)
तीसरा दिन - डाला छठ (तिथि - षष्ठी) की सायं अर्ध्य
चौथा दिन- सुबह अर्ध्य ( तिथि - शुक्ल पक्ष सप्तमी)
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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