Latest Updates
-
40 की उम्र में दूसरी बार मां बनीं सोनम कपूर, सोशल मीडिया पर दी खुशखबरी, जानिए बेटा हुआ या बेटी -
घर में छिपकलियों ने मचा रखा है आतंक? भगाने के लिए आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, फिर कभी नहीं दिखेंगी दोबारा -
Rajasthan Diwas 2026 Wishes In Marwari: आ धरती म्हारे राजस्थान री...इन मारवाड़ी मैसेज से अपनों को दें बधाई -
Rajasthan Diwas 2026 Wishes: मरुधरा की रेत...राजस्थान दिवस के मौके पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 30 March 2026: सोमवार को महादेव बरसाएंगे इन 4 राशियों पर कृपा, जानें अपना भाग्यफल -
Yoga For Arthritis: गठिया के दर्द से हैं परेशान तो रोज करें ये 5 योगासान, जल्द ही मिलेगी राहत -
फैटी लिवर होने पर भूलकर भी ना खाएं ये 5 चीजें, वरना झेलने पड़ेंगे गंभीर नुकसान -
March Pradosh Vrat 2026: मार्च महीने का अंतिम प्रदोष व्रत कब है? जानें तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
हाथ से इन 5 चीजों का गिरना है बड़े संकट का संकेत, कहीं आप तो नहीं कर रहे नजरअंदाज? -
School Holiday April 2026: छुट्टियों की भरमार! गुड फ्राइडे से आंबेडकर जयंती तक, देखें अवकाश लिस्ट
वृन्दावन से कभी घर न लाएं ये चीज, जिंदगी भर साथ नहीं छोड़ेगी बदकिस्मती, प्रेमानंद महाराज ने चेताया
Premanand Ji Maharaj Pravachan: वृंदावन वाले प्रेमानंद महाराज जी न केवल वृंदावन में ही बल्कि संपूर्ण देश विदेश में काफी लोकप्रिय है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में लोग उनके दर्शन करने पहुँचते हैं। प्रेमानंद महाराज जी के सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स है। प्रेमानंद महाराज जी मधुर वाणी के प्रवक्ता हैं। महाराज जी जीवन से जुड़ी कई सार्थक बातों का विशेष उल्लेख करते हैं-
प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि भगवान श्री कृष्ण की स्थली वृंदावन में लोग बांके बिहारी जी के दर्शन करने आते हैं और वापस लौटते समय कुछ चीजें यहाँ से जरूर साथ लेकर जाते हैं। लेकिन प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि वृंदावन से कुछ वस्तुओं को अपने साथ बिल्कुल भी नहीं ले जाना चाहिए क्योंकि यह करना अशुभ होता है।

1.
प्रेमानंद महाराज जी सत्संग के दौरान अपने प्रवचन में बताते हैं कि वृंदावन और ब्रज से गिरिराज पर्वत की प्रतिमा कभी बाहर नहीं लेकर जानी चाहिए।
2.
कुछ लोग वृंदावन से तुलसी भी साथ लेकर आते हैं जबकि प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि ऐसा करना बहुत अशुभ होता है इसलिए भूलकर भी ये गलती न करें।
3.
प्रेमानंद महाराज जी कहते हैं कि बड़े ही लंबे अरसे बाद सौभाग्य से ब्रज में तुलसी की उत्पत्ति हुई थी इसलिए ब्रज से बाहर तुलसी नहीं ले जानी चाहिए।
4.
इसके साथ ही वृंदावन से लौटते समय कुछ श्रद्धालु जन पशु पक्षी भी अपने साथ ले आते हैं जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











