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Surya Grahan 2025: अगले साल कब-कब लगेगा सूर्य ग्रहण और क्या यह भारत में दिखाई देगा?
Surya Grahan 2025: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, अश्विन मास की अमावस्या को सबसे उत्तम माना जाता है। यह तिथि पितृपक्ष के अंतिम दिन में आती है, जिसे सर्व पितृ अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है।
इस शुभ अवसर पर पितरों को विधिविधान से विदाई दी जाती है। इस दिन पितरों का श्राद्ध और पिंडदान भी किया जाता है। इस बार अमावस्या के दिन सूर्य ग्रहण होने की संभावना है। आइए जानें कि अगले साल 2025 में सूर्य ग्रहण कब-कब होगा और क्या यह भारत में दिखाई देगा।

मार्च 2025 में लगेगा पहला सूर्य ग्रहण
2025 का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च को होगा। यह ग्रहण एशिया, यूरोप, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका, आर्कटिक महासागर, और अटलांटिक महासागर में मुख्य रूप से दिखाई देगा। यह एक आंशिक सूर्य ग्रहण होगा, जो भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए भारत में इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा।
वर्ष 2025 का अंतिम सूर्य ग्रहण
2025 का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण 21 सितंबर को लगेगा। इसका प्रभाव मुख्य रूप से अटलांटिक महासागर, अंटार्कटिक महासागर, प्रशांत महासागर, और ऑस्ट्रेलिया में देखने को मिलेगा। यह आंशिक सूर्य ग्रहण भी भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका सूतक काल भारत में मान्य नहीं होगा।
धार्मिक और सामाजिक नियम:
सूर्य ग्रहण के दौरान धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ कार्यों से बचना चाहिए:
- ग्रहण के समय विशेष पूजा और ध्यान करना शुभ माना जाता है।
- कुछ लोग ग्रहण के समय उपवास रखते हैं और स्नान करते हैं।
- सूर्य ग्रहण के समय नहाना और पूजा करना सकारात्मक ऊर्जा लाने में मदद करता है।
सूर्य ग्रहण के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें:
सूर्य ग्रहण के समय किसी भी प्रकार के भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। ग्रहण से पहले भोजन में तुलसी के पत्ते डाल दें, इससे भोजन पर ग्रहण का असर नहीं होगा और वह पवित्र रहेगा।
ग्रहण के दौरान घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए, इससे ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। रसोई से जुड़े किसी भी काम को ग्रहण काल में करने से विशेष रूप से परहेज करना चाहिए।
ग्रहण के समय पूजा-पाठ से दूर रहें। ग्रहण समाप्त होने के बाद घर की सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव करें, इससे घर शुद्ध और पवित्र रहेगा।
अपनी श्रद्धा के अनुसार, गरीबों और जरूरतमंदों को कपड़े, अनाज, या अपनी क्षमता के अनुसार दान करें। ऐसा करने से आपको शुभ फल की प्राप्ति होगी।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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