Aja Ekadashi 2025: अजा एकादशी पर भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां? खंडित हो सकता है व्रत

Aja Ekadashi 2025 Vrat Rules In Hindi: हिंदू धर्म में एकादशी का बहुत महत्व होता है। हर साल 24 एकादशी आती हैं जिनके अलग-अलग पुण्य होते हैं। हर महीने आने वाली एकादशी न केवल आध्यात्मिक रूप से लाभकारी मानी जाती है, बल्कि जीवन से पापों को दूर करके मोक्ष का मार्ग भी प्रशस्त करती है। इन्हीं एकादशियों में से एक है 'अजा एकादशी' जिसका व्रत 19 अगस्त 2025 को रखा जाएगा। ये भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है।

मान्यता है कि इस दिन व्रत और भगवान विष्णु की पूजा करने से जन्म-जन्मांतर के पाप मिट जाते हैं और भक्त को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। लेकिन शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि अगर व्रत करने वाला कुछ खास गलतियां कर देता है, तो उसका व्रत खंडित हो सकता है और उसे पूर्ण फल नहीं मिलता। आज हम उन 7 गलतियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें करने से व्रत खंडित हो सकता है।

Aja Ekadashi 2025

अजा एकादशी 2025 कब है?

पंचांग के अनुसार, अजा एकादशी 19 अगस्त 2025 को है। 18 अगस्त 2025 को शाम 5 बजकर 22 मिनट से एकादशी लग जाएगी जो 19 अगस्त को दोपहर 3 बजकर 32 मिनट तक रहेगी। शास्त्रों के अनुसार, उदया तिथि में ही व्रत रखना चाहिए ऐसे में अजा एकादशी का व्रत 19 अगस्त को रखा जाएगा। व्रत का पारण 20 अगस्त 2025 को होगा।

अजा एकादशी का धार्मिक महत्व

इस दिन भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है। व्रत रखने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मान्यता है कि अजा एकादशी का व्रत करने वाला व्यक्ति जन्म-जन्मांतर के बंधनों से मुक्त होकर मोक्ष की प्राप्ति करता है। इस दिन भगवान को तुलसी दल, धूप, दीप और पंचामृत से स्नान कराना विशेष फलदायी होता है।

अजा एकादशी पर भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां

1. व्रत के दिन चावल, लहसुन, प्याज और मांसाहार का सेवन न करें, वरना व्रत खंडित हो सकता है।

2. झूठ बोलना और कटु वचन कहना व्रत को निष्फल कर देता है, एकादशी व्रत के दिन लड़ाई-झगड़े से भी बचना चहिए।

3. एकादशी व्रत के दिन तुलसी न तोड़ें और न ही उसमें जल चढ़ाएं।

4. एकादशी व्रत के दिन दोपहर में सोना वर्जित माना गया है।

5. एकादशी व्रत के दिन बाल, नाखून न काटें।

6 पूजा के समय तुलसी के बिना भगवान विष्णु को भोग न लगाएं।

7. एकादशी व्रत के दिन कपड़े न धोएं और बाल धोने से भी परहेज करें।

Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।

Story first published: Monday, August 18, 2025, 11:30 [IST]
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