Latest Updates
-
तुम मेरी गर्लफ्रेंड हो... अजनबी ने याददाश्त जाने का उठाया फायदा, सहेली ने खोला खौफनाक राज -
1500 रुपये की पेंशन के लिए सास को कंधे में बैठा 9 किलोमीटर पैदल चली बहू, Video देखकर रो पड़े लोग -
Bakra Eid 2026: बकरीद की सही तारीख को लेकर दूर हुआ कंफ्यूजन! जानें भारत में कब मनाई जाएगी ईद-उल-अजहा -
Punjabi Style Pakoda Kadhi Recipe: सर्दियों के लिए खास, नरम पकौड़ों वाली चटपटी कढ़ी -
पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों ने किया बेहाल; जानें कैसे रसोई के बजट से लेकर हॉलीडे प्लान तक हुआ ठप्प -
Ganga Dussehra Daan List: गंगा दशहरा पर राशि अनुसार करें इन 10 चीजों का दान? बन जाएंगे बिगड़े काम -
Nautapa 2026: सूर्य का रोहिणी नक्षत्र में गोचर, इन 4 राशियों की पलटेगी किस्मत, मिलेगा बंपर धन लाभ -
Ganga Dussehra Katha: गंगा दशहरा क्यों मनाया जाता है? जानें मां गंगा के धरती पर अवतरण की पौराणिक कथा -
Aaj Ka Rashifal 25 May 2026: सोमवार को इन 3 राशियों पर बरसेगी महादेव की कृपा, धन लाभ के साथ चमकेंगे सितारे -
Ganga Dussehra Wishes 2026: गंगा मैया का आशीर्वाद मिले...गंगा दशहरा पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामनाएं संदेश
Akshaya Tritiya पर नमक खरीदना क्यों माना जाता है शुभ? जानें मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का सस्ता और अचूक उपाय
Akshaya Tritiya Importance of Salt: हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया की तिथि को 'अबूझ मुहूर्त' माना जाता है, यानी इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए पंचांग देखने की जरूरत नहीं होती। वर्ष 2026 में यह पावन पर्व 19 अप्रैल को मनाया जाएगा। आमतौर पर लोग इस दिन सोना या चांदी खरीदना शुभ मानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अक्षय तृतीया पर 'नमक' खरीदना भी उतना ही फलदायी है? ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दिन नमक घर लाना दरिद्रता को दूर करने और मां लक्ष्मी को आमंत्रित करने का एक अचूक उपाय है। आइए विस्तार से जानते हैं इसके पीछे की मान्यता और पूजा का शुभ मुहूर्त।

साल 2026 में कब है अक्षय तृतीया? (Date & Timing)
पंचांग गणना के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि का विवरण इस प्रकार है:
तिथि प्रारंभ: 19 अप्रैल 2026, सुबह 10:49 बजे से।
तिथि समापन: 20 अप्रैल 2026, सुबह 07:27 बजे तक।
उदया तिथि: शास्त्रों के अनुसार, अक्षय तृतीया का मुख्य पर्व 19 अप्रैल, रविवार को ही मनाया जाएगा।
अक्षय तृतीया पर क्यों खरीदें नमक?
ज्योतिष शास्त्र में नमक का संबंध शुक्र और चंद्र ग्रह से माना गया है, जो सुख-समृद्धि के कारक हैं। अक्षय तृतीया पर नमक खरीदने के कई लाभ बताए गए हैं जिनके बारे में विस्तार से नीचे बताया गया है।
नकारात्मक ऊर्जा का नाश
शास्त्रों में नमक को 'शुद्धि' का प्रतीक माना जाता है। अक्षय तृतीया के दिन घर में नया नमक लाने से घर की नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) बाहर निकल जाती है और सकारात्मकता का संचार होता है।
दरिद्रता से मुक्ति
ऐसी मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर नमक खरीदने से घर से 'अलक्ष्मी' (दरिद्रता) विदा होती है और बरकत बनी रहती है। अगर आप भी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं तो अक्षय तृतीया के दिन घर में नमक जरूर लाएं।
वास्तु दोष का समाधान
अगर किसी के घर में वास्तु दोष है तो ज्योतिषियों के अनुसार, इस दिन खरीदे गए नमक को कांच की कटोरी या बरनी में भरकर रखने से घर का वास्तु दोष दूर होता है और परिवार में क्लेश खत्म होता है।
पूजा का शुभ मुहूर्त (Puja Shubh Muhurat)
इस विशेष दिन पर मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा के लिए सबसे उत्तम समय निम्न है:
पूजा मुहूर्त: सुबह 10:49 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक।
विशेष फल: इस दौरान कनकधारा स्तोत्र या श्री सूक्त का पाठ करना आर्थिक उन्नति के द्वार खोलता है।
दान-पुण्य का अक्षय फल
अक्षय का अर्थ है जिसका कभी क्षय (विनाश) न हो। इस दिन किए गए दान का फल जन्म-जन्मांतर तक मिलता है।
क्या दान करें: इस दिन जल से भरे कलश, सत्तू, खरबूजा, पंखे, अन्न, वस्त्र या सामर्थ्य अनुसार धन का दान जरूरतमंदों को करें। यह पितरों के आशीर्वाद के साथ-साथ जीवन में शुभता भी लाता है।
इस बात का रखें खास ध्यान
अक्षय तृतीया के दिन नमक खरीदना बहुत शुभ होता है लेकिन इस एक गलती भूलकर भी न करें। आप नमक को कभी भी प्लास्टिक या लोहे के बर्तन में न रखें। अक्षय तृतीया के दिन खरीदे गए नमक को कांच के पात्र में रखने से इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है और यह घर में शांति और समृद्धि का वास सुनिश्चित करता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



Click it and Unblock the Notifications