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Delhi CM रेखा गुप्ता ने खास नक्षत्रों में ली शपथ, जानें ग्रहों की गणना के हिसाब से आगे कैसा रहेगा कार्यकाल?
Delhi CM Rekha Gupta : दिल्ली की नई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जिस समय शपथ ली, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार उस दौरान ध्रुव योग था, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। इस योग का स्वामी भगवान सूर्य हैं, और मान्यता है कि यदि किसी स्थिर कार्य की शुरुआत इस योग में की जाए, तो उसमें सफलता अवश्य मिलती है।
शपथ ग्रहण के समय वृषभ लग्न था, जो स्थिरता और मजबूती का प्रतीक है। इस दौरान मृगशिरा नक्षत्र और चंद्रमा विशाखा नक्षत्र में स्थित थे। विशाखा नक्षत्र बृहस्पति से संबंधित है, जिसे अत्यंत शुभ और उन्नति देने वाला माना जाता है। ग्रहों की यह स्थिति दर्शाती है कि रेखा गुप्ता का कार्यकाल स्थायित्व और सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहेगा।

शपथ पर बना शासन का भाव
ज्योतिष शास्त्र में विशाखा नक्षत्र को 16वां नक्षत्र माना जाता है, जो सौभाग्य और व्यावसायिक सफलता से जुड़ा हुआ है। इस नक्षत्र में किए गए शुभ कार्यों की शुरुआत सफलता प्रदान करती है। ऐसे में ज्योतिषीय गणना के अनुसार, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता एक सफल नेता के रूप में उभर सकती हैं। रेखा गुप्ता ने जिस समय शपथ ग्रहण किया, उस दौरान दशम भाव में सूर्य और शनि की स्थिति थी। ज्योतिष में दशम भाव को कर्म और शासन का भाव कहा जाता है, और इसमें सूर्य व शनि का होना सरकार को मजबूती प्रदान करता है। साथ ही, जनता से भी उन्हें अच्छा सहयोग मिलने के संकेत हैं। 1974 में जन्मीं रेखा गुप्ता मूल रूप से हरियाणा के जींद (जुलाना) की रहने वाली हैं, और अब दिल्ली की सत्ता संभाल रही हैं।
सरकर को मिलेगा फायदा
बृहस्पति लग्न में चंद्रमा के नक्षत्र में स्थित हैं, जबकि चंद्रमा सप्तम भाव में बृहस्पति के नक्षत्र में हैं। इस नक्षत्र परिवर्तन से सरकार को धार्मिक कार्यों और उचित निर्णय लेने में सहायता मिलेगी। हालांकि, लग्नेश और छठे भाव के स्वामी शुक्र 11वें भाव में राहु के साथ स्थित हैं, जिससे सरकार को स्थिरता और लाभ मिलेगा, लेकिन विरोधी लगातार चुनौतियां पेश करेंगे। फिर भी, राहु और अन्य ग्रहों की स्थिति सरकार को इस दबाव से उबरने में सक्षम बनाएगी।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



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