Latest Updates
-
Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी के दिन झाड़ू लगाना शुभ या अशुभ? बसौड़ा पर भूलकर भी न करें ये गलतियां -
Sheetala Ashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है शीतला अष्टमी? जानिए सही डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
Sheetala Ashtami Vrat Katha: शीतला अष्टमी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, घर में आएगी सुख-समृद्धि -
Sheetala Ashtami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद बना रहे...इन संदेशों के साथ अपनों को दें बसौड़ा की बधाई -
कौन हैं संजू सैमसन की पत्नी चारुलता रमेश? टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद क्रिकेटर ने लिखा भावुक पोस्ट -
रणदीप हुड्डा बने पापा, लिन लैशराम ने बेटी को दिया जन्म, इंस्टाग्राम पर शेयर की क्यूट फोटो -
Kalashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है कालाष्टमी का व्रत? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर -
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद
Magh Purnima Ke Upay: जाने न दें आज की पुण्य तिथि, इस एक उपाय को करके पाएं अनंत लाभ
Magh Purnima Ke Upay: हिंदू कैलेंडर के मुताबिक, माघ पूर्णिमा साल 2024 की दूसरी पूर्णिमा तिथि है। हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व बताया गया है। माघ महीने में पड़ने के कारण इसे माघी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है।
माघ माह श्री हरी विष्णु को समर्पित है। इस दौरान भगवान विष्णु का विधिवत पूजन किया जाता है जिससे उनके भक्तों को लाभ प्राप्त होता है। वहीं माघ पूर्णिमा के दिन पूजन करने से ग्रह नक्षत्र दोष विभिन्न प्रकार के कष्ट दूर होते हैं। माघ पूर्णिमा के दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करके पीले वस्त्र धारण करके भगवान विष्णु की धूप अगरबत्ती के साथ विशेष विधान से मंत्र उच्चारण के साथ पूजन अर्चना किया जाता है।

माघ पूर्णिमा के दिन जो जातक स्नान, दान, जप, हवन आदि करता है, उसे अनंत फल की प्राप्ति के साथ ही नवग्रह जनित दोष से मुक्ति मिलती है। आइये इस लेख के माध्यम से जानते हैं कि माघ पूर्णिमा के दिन कौन से उपाय करने चाहिए।
माघ पूर्णिमा 2024 की तिथि
माघी पूर्णिमा की तिथि का प्रारंभ 23 फरवरी दिन शुक्रवार दोपहर 3 बजकर 33 मिनट पर होगा और इसका समापन 24 फरवरी दिन शनिवार को सायं काल 05 बजकर 55 मिनट पर होगा।
उदया तिथि को मानते हुए इस साल माघी पूर्णिमा 24 फरवरी दिन शनिवार को मानी जाएगी।
माघ पूर्णिमा 2024 के उपाय
1. माघी पूर्णिमा के मौके पर पवित्र नदी में स्नान करने का बहुत महत्व है। यदि नदी पर ना जा पाएं तो घर में गंगाजल नहाने के पानी में डाल कर स्नान कर लें।
2. माघ पूर्णिमा को प्रातः स्नान करके यदि सूर्यदेव को अर्घ्य दें। इसके बाद आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। लाल चन्दन, लाल वस्त्र, गेहूं का दान करें। इस उपाय से सूर्य का दोष समाप्त हो जाता है।
3. यदि किसी जातक की जन्मकुण्डली में चंद्रमा कमजोर हो तो चंद्र दोष दूर करने के लिए चंद्रमा के निमित्त मिसरी, शक्कर एवं चावल का दान करें। चंद्रमा को जल में कच्चा दूध डालकर अर्घ्य दें। आपको जरूर राहत मिलेगी।
4. यदि किसी जातक पर कर्ज का बोझ है अथवा मंगल का कष्ट है तो माघ पूर्णिमा के दिन मंगल के निमित चने की दाल, गुड़ एवं लाल वस्त्र, ताम्बे के बर्तन आदि का दान अवश्य करें।
5. बुद्ध देव को बुद्धि विवेक का कारक माना जाता है। बुध की अनुकूलता के लिए बुध के निमित्त आवंला, आवंले का तेल, हरी सब्जियों का दान करें।6. यदि किसी जातक के विवाह में अड़चन आ रही है अथवा गुरु दोष से परेशान हैं तो गुरु के निमित्त पीली सरसों, केसर, पीला चंदन, मक्का दान करना चाहिए। साथ ही माथे पर हल्दी का तिलक लगाना चाहिए।
7. शुक्र ग्रह जीवन में प्रेम जीवन को प्रभावित करता है। दाम्पत्य जीवन में मधुरता अथवा शुक्र दोष दूर करने के लिए शुक्र के निमित्त शुक्रवार को माघ पूर्णिमा पर कपूर, देसी घी, मक्खन, सफेद तिल, गजक आदि का दान करना चाहिए।
8. शनि देव को प्रसन्न करने तथा साढ़ेसाती, ढैय्या से बचाव के लिए माघ पूर्णिमा पर काले तिल, सरसों का तेल, लोहपात्र, काला वस्त्र आदि दान करें।
9. कुंडली में राहु व केतु को शांत करने के लिए चितकबरा कंबल, भोजन, स्कार्फ आदि का दान करें। दिव्यांगजनों की मदद करने से भी ग्रहों के अशुभ प्रभाव से बचा जा सकता है।
10. माघ पूर्णिमा के दिन श्री सूक्त का पाठ करना चाहिए। इस दिन कनकधारा स्त्रोत और विष्णु सहस्रनाम के पाठ से भी कल्याण होता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



Click it and Unblock the Notifications











