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अगर ग्रहों की अशुभ स्थिति दे रही है बुरा फल, तो करें यह ज्योतिष्य उपाय
ज्योतिषशास्त्र के अनुसार मनुष्य के जीवन में अच्छा बुरा, सफलता असफलता, शुभ अशुभ यह सभी ग्रहों से जुड़े होते हैं। व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों की दशा और दिशा सकारत्मक और नकारत्मक दोनों ही रूप से उसके जीवन पर प्रभाव डालती है। अगर किसी की कुंडली में ग्रहों की स्थिति अच्छी है तो उसका भाग्य पक्ष मज़बूत रहता है। वहीं दूसरी ओर खराब ग्रहों के कारण व्यक्ति पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ता है।
किन्तु कुछ ख़ास ज्योतिष्य उपाय करने से ग्रहों के बुरे प्रभाव को शांत किया जा सकता है। आइए जानते है कैसे।

1. अगर आपका मंगल कमजोर है तो आप रोग से परेशान रह सकते हैं। आपको हनुमान जी की उपासना करनी चाहिए। साथ ही रोज़ सुबह सूर्य देव को जल अर्पित कर हनुमान चालीसा का पाठ करने से भी आपको लाभ होगा। इसके अलावा हमेशा अपने हाथ में लाल रंग का कलावा या रक्षासूत्र धारण करके रखें।

2. यदि आपकी कुंडली में बुध कमज़ोर स्थिति में है तो आपको अपने ज़रूरी फैसले लेने में बहुत सी कठिनायों का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा लिए गए फैसलों के परिणाम भी गलत ही आएंगे। अगर आपको अपनी समस्या का समाधान करना है तो नियमित रूप से गणेश जी की पूजा अर्चना करिये। "ॐ गणेशाय नम:" का रोज़ाना जाप करें। साथ ही तांबे का कड़ा धारण करने से भी आपके जीवन की सभी बाधाएं दूर होंगी।

3. ज्योतिषशास्त्र के अनुसार जिस जातक की कुंडली में शुक्र कमज़ोर होता है उसे अपने वैवाहिक जीवन में बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके बुरे प्रभाव से छुटकारा पाने के लिए शुक्र से संबंधित वस्तुओं का दान करना चाहिए जैसे चांदी, चावल, दूध, सफ़ेद वस्त्र आदि। हर शुक्रवार 'ॐ शुक्राय नम:' मंत्र का 108 बार जाप भी करना फलदायक होता है।

4. कमज़ोर चन्द्रमा वाले जातकों को शिव जी की आराधना करनी चाहिए। प्रत्येक सोमवार को उन्हें जल अर्पित करने से हर तरह के रोगों से निजात मिलती है और मनुष्य मानसिक शान्ति का अनुभव करता है - "ॐ श्रां: श्रीं: श्रौं: स: चंद्रमसे नम:" मंत्र का जाप भी करें।

5. जिन जातकों की कुंडली में गुरु कमजोर होता है उनके जीवन में आर्थिक और शारीरिक परेशानियां आती हैं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार मनुष्य के जीवन में घटने वाली हर बड़ी घटना का कारक बृहस्पति होता है। बृहस्पति के बुरे प्रभाव से बचने के लिए विष्णु भगवान की उपासना करनी चाहिए। हर गुरूवार को केले के पेड़ में जल अर्पित कर पूजा करनी चाहिए। साथ ही चने और गुड़ का प्रसाद भी चढ़ाना अच्छा होता है। इस दिन पीले वस्त्र धारण करें और पीली वस्तुओं का दान भी करें। गुरूवार को पूजा करने से विवाह में आ रही सभी बाधाएँ भी दूर होती हैं। इस मन्त्र का जाप करें. मंत्र होगा- 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः'।

6. माना जाता है कि शनि देव ही मनुष्य के अच्छे या बुरे कर्मों का फल तय करते हैं इसलिए यदि किसी की कुंडली में शनि कमज़ोर होता है तो उसका जीवन कष्टों से भर जाता है। ज़्यादा से ज़्यादा मेहनत करने पर भी सफलता नहीं मिलती। साथ ही छोटे मोटे कामों में भी कई अड़चने आती है। दूसरों से झगडे झंझट की वजह से मान सम्मान भी आहत होता है। ऐसे जातकों को शनि देव को प्रसन्न करने के लिए कुछ विशेष उपाय करने चाहिए ।
हनुमान जी की पूजा करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें। साथ ही प्रत्येक शनिवार को पीपल के पेड़ में सुबह जल चढ़ाएं और सुबह शाम दोनों ही समय सरसों के तेल का दीपक जलाएं। काले और नीले कपड़े पहनने से बचें ख़ास तौर पर तो शनिवार को बिलकुल भी नहीं। गरीबों में दान करें। 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' का जाप करें।

7. अगर आपकी कुंडली में सूर्य कमज़ोर है तो आप बेवजह विवादों में घिरे रहेंगे। पिता से अनबन, कामकाज में अड़चनें और व्यक्ति कानूनी मामलों में भी फंस जाता है। इतना ही नहीं सूर्य की अशुभ स्थिति होने पर हृदय, नेत्र या पेट से संबंधित रोग भी हो जाते हैं।
इस समस्या से निजात पाने के लिए आप नियमित रूप से सूर्य देव की पूजा करें ख़ास तौर पर रविवार को। हर रोज़ सूर्य देव को जल अर्पित करें। साथ ही गुड़ और चावल भी चढ़ाएं। ऐसे में गेंहू, चन्दन, गुड़, तांबा आदि का दान करना भी लाभकारी होता है। गायत्री मंत्र का जाप करें और "ॐ सूर्याय नम:" का भी जाप करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



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