Latest Updates
-
Varuthini Ekadashi Vrat Katha: वरुथिनी एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा 10 हजार साल की तपस्या जितना फल -
Varuthini Ekadashi 2026 Wishes: श्रीहरि विष्णु है जिनका नाम...वरुथिनी एकादशी पर अपनों को भेजें ये शुभकामनाएं -
Varuthini Ekadashi 2026 Sanskrit Wishes: वरुथिनी एकादशी पर दिव्य संस्कृत श्लोकों सें दें अपनों को शुभकामनाएं -
Aaj Ka Rashifal 13 April 2026: वरूथिनी एकादशी पर सिंह-तुला की चमकेगी किस्मत, ये 3 राशियां रहें सावधान -
Budh Gochar: सोमवार को शनि के घर में होगी बुध की एंट्री, जागेगी इन राशियों की सोई किस्मत -
Dadi Ma ke Nuskhe: चेहरे के जिद्दी काले दाग होंगे गायब, बस आजमाएं दादी मां के ये 5 असरदार घरेलू नुस्खे -
16 की उम्र में 20 साल बड़े आदमी से शादी, बेटा-बेटी की मौत का गम, दुखों से भरी थी आशा भोसले की जिंदगी -
आशा भोसले का 92 साल की उम्र में निधन, बेटे ने की दुखद खबर की पुष्टि, जानें अंतिम संस्कार का समय -
Akshaya Tritiya से शुरू होगी Char Dham Yatra, अब घर बैठें ऐसे करें बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन -
Asha Bhosle Net Worth: पीछे छोड़ गईं करोड़ों का साम्राज्य, जानें कितनी संपत्ति की मालकिन थीं आशा भोसले
साल 2020 का पहला चंद्र ग्रहण 10 जनवरी को, भूल से भी ना करें ये काम
बीता वर्ष यानी साल 2019, 26 दिसंबर को सूर्य ग्रहण लगने के साथ ही खत्म हुआ था। साल 2020 की शुरुआत हो चुकी है। साथ ही इस साल के शुरुआत में भी एक ग्रहण लगने वाला है। 10 जनवरी 2020 को चंद्र ग्रहण लगने वाला है। ये दुनिया के कई हिस्सों के अलावा भारत में भी नजर आएगा। जानते हैं कि 10 जनवरी को किस समय चंद्र ग्रहण लगेगा और ये किन किन देशों में देखा जा सकेगा। साथ ही जानते हैं कि इस दौरान कौन से काम करने से बचने की सलाह दी जाती है।

चंद्र ग्रहण का समय क्या है
चंद्र ग्रहण का समय - 10 जनवरी को रात 10 बजकर 37 मिनट से 11 जनवरी को देर रात 2 बजकर 42 मिनट तक (भारतीय समय के अनुसार)
चंद्र ग्रहण की अवधि - यह ग्रहण पूरे 4 घंटे 06 मिनट तक रहेगा।
कहां कहां देखा जा सकेगा चंद्र ग्रहण - भारत, अफ्रीका, एशिया, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया

सूतक का समय
सूतक ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले शुरू हो जाता है। इसके अनुसार 10 जनवरी को सुबह 10 बजे से ही ग्रहण का सूतक लग जाएगा। गुरु पूर्णिमा और चंद्र ग्रहण साथ होने की वजह से गुरु पूजा भी सूतक लगने से पहले कर लेना ही उचित होगा। गुरु पूर्णिमा की पूजा के बाद सूतक लगने से पूर्व ही सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाएंगे।

चंद्र ग्रहण के दौरान ना करें ये काम
चंद्र ग्रहण तथा सूर्य ग्रहण दोनों ही एक खगोलीय घटना है मगर इसके साथ धार्मिक मत भी जुड़े हुए हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण के दौरान कुछ कामों को करने की मनाही है। यदि कोई व्यक्ति उन नियमों को तोड़ता है तो इसका नकारात्मक प्रभाव उसके जीवन पर पड़ता है। जानते हैं कि मुख्य रूप से कौन से ऐसे काम हैं जिन्हें खासतौर से चंद्र ग्रहण के दौरान नहीं करना चाहिए।

भोजन
ग्रहण के दौरान व्यक्ति की पाचन शक्ति काफी शिथिल हो जाती है। ऐसी स्थिति में कुछ भी ग्रहण करने से इंसान के बीमार पड़ने की संभावना काफी बढ़ जाती है। ग्रहण की नकारात्मकता का असर पानी, दूध या भोजन आदि पर पड़ने से रोकने के लिए उसमें तुलसी के पत्ते डाल दें। इससे उनकी शुद्धता बनी रहेगी।

ग्रहण की छाया
चंद्र ग्रहण के समय गर्भवती महिलाओं को खास सावधानी बरतनी चाहिए। उन्हें ग्रहण की छाया से बचकर रहना चाहिए। ये माना जाता है कि ग्रहण के दौरान निकलने वाली किरणें बहुत हानिकारक होती है और इसका नकारात्मक असर गर्भ में पल रहे शिशु पर पड़ सकता है।

ना करें पूजा
ग्रहण के समय पूजा पाठ करना भी वर्जित माना जाता है। यही कारण है कि ग्रहण के समय कई मंदिरों के कपाट भी बंद कर दिए जाते हैं। ग्रहण के दौरान देव दर्शन से लेकर इनकी पूजा-उपासना की भी मनाही होती है। आप केवल अपने मन में प्रभु को याद करें।

ना बनाएं शारीरिक संबंध
ग्रहण के समय स्त्री प्रसंग से बचना चाहिए। पति पति को शारीरिक संबंध नहीं बनाना चाहिए। इससे उन दोनों के जीवन में तो प्रतिकूल परिस्थितियां आती हैं, साथ ही इस संबंध से पैदा हुए शिशु का जीवन भी परेशानियों से भरा रहता है।



Click it and Unblock the Notifications











