Latest Updates
-
सुबह खाली पेट जौ का पानी पीने से दूर होंगी ये 5 समस्याएं, जानें इसे बनाने का तरीका -
Baglamukhi Jayanti 2026: बगलामुखी जयंती कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
फैटी लिवर में कौन सा योग करें? जानें लिवर को साफ और मजबूत रखने के लिए योगासन -
May 2026 Vrat Tyohar: वट सावित्री, शनि जयंती सहित मई माह में पड़ रहे हैं कई व्रत-त्योहार, देखें पूरी लिस्ट -
Swapna Shastra: सपने में मरे हुए व्यक्ति को देखने का क्या मतलब होता है? जानें ये शुभ होता है या अशुभ -
Bael Juice Benefits: गर्मियों में रोजाना पिएं एक गिलास बेल का जूस, सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे -
Who Is Divyanka Sirohi: कौन हैं एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही? जिनका 30 साल की उम्र में हार्ट अटैक से हुआ निधन -
Kedarnath Yatra 2026: केदारनाथ यात्रा आज से शुरू, रजिस्ट्रेशन से हेलीकॉप्टर बुकिंग तक जानें सभी जरूरी नियम -
बालों की ग्रोथ के लिए इस तरह करें केले के छिलके का इस्तेमाल, कुछ ही दिनों में घुटनों तक लंबे हो सकते हैं बाल -
दीपिका कक्कड़ की MRI रिपोर्ट में मिले 2 नए सिस्ट, अब होगी इम्यूनोथेरेपी, जानें क्या है ये ट्रीटमेंट
शनि अमावस्या के विशेष योग पर इन उपायों से होगा कल्याण और शनि दोष से मिलेगा छुटकारा
हर माह की अमावस्या एवं पूर्णिमा हिन्दू पंचांग और पूजन की दृष्टि से विशेष महत्व रखते हैं। प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष के अंतिम दिन अमावस्या और शुक्ल पक्ष के अंतिम दिन पूर्णिमा पड़ती है। इस साल मार्गशीर्ष माह जिसे अगहन मास भी कहा जाता है, की अमावस्या शनिवार के दिन पड़ रही है जिससे शनि अमावस्या का योग बन रहा है। इसे शनिश्चरी अमावस्या भी कहा जाता है जो विशेष उपायों को करने के लिए बहुत महत्वपूर्ण तिथि होती है। इस दिन किये जाने वाले दान, पूजा और विशेष उपायों का फल जीवन भर रहता है।

शनि अमावस्या 2021 तिथि एवं मुहूर्त
हिन्दू पंचांग के अनुसार शनि अमावस्या की तिथि 4 दिसंबर को पड़ रही है। इसका आरम्भ 3 दिसंबर को शाम 4:55 बजे से होगा और समापन 4 दिसंबर को दोपहर 1:12 बजे होगा। इसी दिन इस वर्ष का आखिरी सूर्य ग्रहण भी लगने वाला है। हालांकि भारत में ग्रहण नहीं दिखने वाला है जिस कारण यहां सूतक भी मान्य नहीं होगा।

शनि अमावस्या का महत्व
शनि अमावस्या के दिन शनि देव की पूजा अर्चना करके आप जीवन में सुख, समृद्धि, सफलता के साथ साथ शनि दोषों से भी राहत पा सकते हैं। शनि देव को न्याय का देवता माना गया है और वे मनुष्य को उसके नैतिक-अनैतिक कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। शनि अमावस्या के दिन पूर्व में किये गए अपने कर्मों की माफ़ी मांगने, दान का पुण्य कमाने और शनि देव की विशेष कृपा पाने के लिए सच्चे मन से आराधना की जानी चाहिए। जिन पर शनि भारी हो उन्हें तो अवश्य ही विशेष पूजा और उपायों को पूर्ण करना चाहिए।

शनि देव को चढ़ाएं सरसों का तेल और काले तिल
शनि अमावस्या के दिन सुबह सुबह स्नान के बाद व्रत का संकल्प करें और शनि देव के दर्शन करें। इसके बाद उनको सरसों का तेल और काला तिल अर्पित करें। पूरी श्रद्धा से उनकी पूजा करें और शनि स्त्रोत एवं शनि चालीसा का पाठन करें।

पीपल के पेड़ की करें परिक्रमा
इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा एवं परिक्रमा करने से विशेष फल प्राप्त होता है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। पीपल के पेड़ की पूजा और उसकी परिक्रमा करने से लम्बी आयु का फल भी प्राप्त होता है। इसके साथ शनि दोषों से निजात पाने के लिए पीपल के पेड़ का पौधा लगाना चाहिए इससे शनि ग्रह को शान्ति मिलती है। मान्यता है कि इस पीपल के पौधे में रविवार के दिन छोड़कर नियमित रूप से जल भी अर्पित करना चाहिए। वृक्ष बढ़ने के साथ ही आपकी सुख-समृद्धि में भी विकास होगा।

करें सच्चे मन से दान दक्षिणा
शनि अमावस्या के दिन गरीबों में वस्त्र, उड़द दाल, काला तिल, कंबल आदि का दान करना चाहिए। साथ ही भूखे लोगों को भोजन कराने और पानी पिलाने से शनि देव आप पर प्रसन्न हो सकते हैं। इसके साथ ही अपने मन से दूसरों के लिए अनादर, दुश्मनी, जलन आदि की नकारात्मक भावनाओं का अंत करना चाहिए।



Click it and Unblock the Notifications