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ऐसे में आप भी अपने घर की सुख-शांति को बनाए रखने के लिए शिवलिंग की खास पूजा करें और भोलेनात के 108 नामों का जप करें। हम आपके लिए लेकर आए हैं महाकाल के 108 नामों की पूरी लिस्ट जिसका जप कर आप परेशानियों और दुख से मुक्ति पा सकते हैं। साथ में जप करने की विधि भी जान लें।
जप करने की विधि
- सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- सामने शिवलिंग या भगवान शिव की मूर्ति/चित्र रखें।
- दीपक और धूप जलाएं।
- रुद्राक्ष की माला लेकर प्रत्येक नाम पर एक माला का मोती गिनते हुए जाप करें।
- 108 नाम पूरे करने के बाद "ॐ नमः शिवाय" का कम से कम 11 बार जाप करें।
शिव अष्टोत्तर शतनाम स्तोत्रम् (भोलेनाथ के 108 नाम)
ॐ शिवाय नमः ।
ॐ महेश्वराय नमः ।
ॐ शम्भवे नमः ।
ॐ पिनाकिने नमः ।
ॐ शशिशेखराय नमः ।
ॐ वामदेवाय नमः ।
ॐ विरूपाक्षाय नमः ।
ॐ कपर्दिने नमः ।
ॐ नीललोहिताय नमः ।
ॐ शंकराय नमः ।
ॐ शूलपाणये नमः ।
ॐ खट्वांगिने नमः ।
ॐ विष्णुवल्लभाय नमः ।
ॐ शिपिविष्टाय नमः ।
ॐ अमृतेशाय नमः ।
ॐ दिगम्बराय नमः ।
ॐ ईशानाय नमः ।
ॐ ईश्वराय नमः ।
ॐ महादेवाय नमः ।
ॐ आदित्याय नमः ।
ॐ त्रिलोचनाय नमः ।
ॐ अनघाय नमः ।
ॐ हराय नमः ।
ॐ भवाय नमः ।
ॐ शर्वाय नमः ।
ॐ रुद्राय नमः ।
ॐ पशुपतये नमः ।
ॐ उग्राय नमः ।
ॐ महायशसे नमः ।
ॐ भीमाय नमः ।
ॐ उग्ररूपाय नमः ।
ॐ अनलाय नमः ।
ॐ सर्वाय नमः ।
ॐ दशभुजाय नमः ।
ॐ गिरिशाय नमः ।
ॐ गिरिशेश्वराय नमः ।
ॐ अनघाय नमः ।
ॐ अघोराय नमः ।
ॐ महादेवेश्वराय नमः ।
ॐ सत्याय नमः ।
ॐ शुद्धविग्रहाय नमः ।
ॐ शाश्वताय नमः ।
ॐ खण्डपरशवे नमः ।
ॐ अजयाय नमः ।
ॐ पिनाकधराय नमः ।
ॐ पराशक्तिमते नमः ।
ॐ प्रभवे नमः ।
ॐ गिरीशाय नमः ।
ॐ गिरिजापतये नमः ।
ॐ जगत्कर्त्रे नमः ।
ॐ जगन्नाथाय नमः ।
ॐ वागीशाय नमः ।
ॐ पुराणपुरुषाय नमः ।
ॐ नित्याय नमः ।
ॐ वियोगिने नमः ।
ॐ नीलकण्ठाय नमः ।
ॐ कपालमालिने नमः ।
ॐ त्रिनेत्राय नमः ।
ॐ त्रिलोकपालाय नमः ।
ॐ वृषांकाय नमः ।
ॐ वृषभवाहनाय नमः ।
ॐ भूतपतये नमः ।
ॐ भूतनाथाय नमः ।
ॐ सर्वभूतप्रियाय नमः ।
ॐ दिग्देवाय नमः ।
ॐ कालकालाय नमः ।
ॐ मृडाय नमः ।
ॐ शर्वरीपतये नमः ।
ॐ चन्द्रात्मने नमः ।
ॐ सुरेश्वराय नमः ।
ॐ लोकपालाय नमः ।
ॐ परमहंसाय नमः ।
ॐ सोमसुन्दराय नमः ।
ॐ त्रिपुरान्तकाय नमः ।
ॐ वृषाकपये नमः ।
ॐ वृषांककाय नमः ।
ॐ वृषभेशाय नमः ।
ॐ वृषप्रियाय नमः ।
ॐ वृषारूढाय नमः ।
ॐ वृषकेतवे नमः ।
ॐ वृषवाहनाय नमः ।
ॐ वृषध्वजाय नमः ।
ॐ वृषभेश्वराय नमः ।
ॐ जटाधराय नमः ।
ॐ जटाजूटाय नमः ।
ॐ जटामण्डलाय नमः ।
ॐ जटामुकुटाय नमः ।
ॐ जटाभाराय नमः ।
ॐ जटिलाय नमः ।
ॐ जटाशेखराय नमः ।
ॐ जटाकिरणाय नमः ।
ॐ जटाजूटधराय नमः ।
ॐ भूतनाथाय नमः ।
ॐ गणनाथाय नमः ।
ॐ गणेश्वराय नमः ।
ॐ गणपतये नमः ।
ॐ गणप्रियाय नमः ।
ॐ भूतभव्याय नमः ।
ॐ भवेशाय नमः ।
ॐ त्रिलोकेशाय नमः ।
ॐ विश्वनाथाय नमः ।
ॐ विश्वेश्वराय नमः ।
ॐ विश्वभर्त्रे नमः ।
ॐ विश्वरूपाय नमः ।
ॐ विश्वमूर्तये नमः ।
ॐ विश्वेशाय नमः ।
ॐ विश्वात्मने नमः ।
ॐ महेश्वराय नमः ।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



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