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Sawan 2024 Rashifal: सावन माह में इन राशियों पर बरसेगी शिव-पार्वती की कृपा, प्रेमजीवन होगा मधुर
Sawan 2024 Rashifal: सावन का महीना सनातन धर्म में बहुत ही पवित्र माना जाता है। सावन का महीना सभी राशियों के लिए शानदार रहने वाला है। इस माह में ग्रहों की स्थिति अधिकतर राशियों के लिए अनुकूल रहने वाली है। सूर्य देव कर्क राशि में विद्यमान है, वही शुक्र देव वर्तमान समय में कर्क राशि में विद्यमान है। जबकि आने वाले समय में शुक्र देव कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। सावन में चार राशि के जातकों को प्रेम प्यार के संबंध सबसे महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त होगा। आइए इन चार राशियों के बारे में विस्तार पूर्वक जानते हैं।
शुक्र ग्रह राशि परिवर्तन
सुखों के कारक शुक्र देव 31 जुलाई को भारतीय समय के मुताबिक दोपहर 2:33 पर कर्क राशि से निकल कर सिंह राशि में गोचर करेंगे। इस राशि में शुक्र देव 24 दिनों तक विद्यमान रहेंगे। इस दौरान शुक्र देव 11 अगस्त को पूर्वा फाल्गुनी और 22 अगस्त को उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में गोचर करेंगे। इसके बाद 25 अगस्त को कन्या राशि में गोचर करेंगे।
Sawan 2024: Lucky Zodiac Signs
मेष राशि:
मेष राशि के लोगों के लिए सावन का महीना बहुत ही शुभ साबित होने वाला है। सुखों के दाता शुक्र देव की दृष्टि प्रेम भाव पर पड़ रही है। इसके चलते मेष राशि वालों के प्रेम संबंध में बहुत ही विशेष सफलता प्राप्त हो सकती है। इसके साथ ही जीवनसाथी के साथ प्रेम संबंध भी बहुत ही मधुर होंगे। प्रेम प्रसंग पर पड़े जातकों को जीवनसाथी का भरपूर प्यार प्राप्त होगा। अगर आप किसी को चाहते हैं तो सावन के पवित्र महीने में अपने प्यार का इजहार जरूर करिए। इससे आपका प्रपोजल अवश्य ही स्वीकार होगा। मन चाहा प्यार पाने के लिए सावन सोमवारी पर शहद से भगवान शिव जी का अभिषेक करें और विधिवत पूजा अर्चना करें।
वृषभ और तुला राशि:
वृषभ और तुला के स्वामी शुक्र देव हैं और आराध्या जगत की देवी माँ दुर्गा है। इन दोनों राशियों पर शुक्र देव का विशेष आशीर्वाद बरसता है। शुक्र की स्थिति मजबूत होने के कारण तुला राशि के जातकों को प्रेम सुख प्राप्त होता है। अगर आपकी राशि वृषभ या तुला है तो सावन के पवित्र महीने में प्रत्येक सोमवार को स्नान ध्यान करने के पश्चात कच्चे दूध और शुद्ध दही से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करें। इस उपाय को करने से आपको मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होगा और इसके साथ प्रेम संबंध काफी मजबूत होंगे।
कुंभ राशि:
शुक्र देव प्यार और विवाह के कारक माने जाते हैं। कुंडली में शुक्र की स्थिति मजबूत होने से अविवाहित जातकों की विवाह का योग शीघ्र ही बन जाता है और बहुत जल्द ही शादी हो जाती है। ज्योतिष कुंडली में शुक्र की स्थिति मजबूत करने के लिए भगवान शिव जी की पूजा करने और 16 सोमवार का व्रत रखने की सलाह भी दी जाती है। सुखों के कारक शुक्र देव का आशीर्वाद सावन के पवित्र महीने में कुंभ राशि के जातकों पर बरसेगा। राशि में बदलाव के दौरान कुंभ राशि के विवाह भाव पर शुक्र देव की दृष्टि भी विशेष रूप से पड़ेगी। इससे समस्त प्रेम प्रसंग में पड़े जातकों के संबंध में बहुत ही मधुरता आएगी। वहीं कई जातकों को सावन के पवित्र महीने में सच्चा जीवनसाथी या सच्चा प्यार मिल सकता है। रिश्ते को मधुर रखने के लिए सावन सोमवार पर दूध, दही, घी, शहद और पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक करें और विधि विधान से पूजा अर्चना करें।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



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