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Varada Chaturthi Remedies: वरदा चतुर्थी पर भूलकर भी न करें चंद्र दर्शन, कलंक से बचने के लिए करें ये उपाय
Varada Chaturthi 2026 Moon Sighting Remedies: आज देशभर में ज्येष्ठ अधिकमास की वरदा चतुर्थी का व्रत रखा जा रहा है। यह दिन विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश की पूजा के लिए बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गणपति बप्पा की आराधना करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। लेकिन शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर चंद्र दर्शन को अशुभ माना गया है। कहा जाता है कि इस दिन चांद देखने से व्यक्ति को झूठे आरोप, बदनामी और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में अगर आपने गलती से आज चतुर्थी का चांद देख लिया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। शास्त्रों में ऐसे कुछ आसान उपाय बताए गए हैं, जिन्हें करने से चंद्र दर्शन दोष और झूठे कलंक से मुक्ति मिल सकती है। आइए जानते हैं वरदा चतुर्थी पर चंद्र दर्शन से जुड़े नियम, कथा और उपाय।

वरदा चतुर्थी 2026 तिथि और चंद्र दर्शन का समय
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अधिकमास की शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि:
आरंभ: 19 मई 2026 दोपहर 2:18 बजे
समापन: 20 मई 2026 सुबह 11:06 बजे
आज चंद्रोदय और चंद्रास्त का समय
चंद्रोदय: सुबह 08:43 बजे
चंद्रास्त: रात 11:08 बजे
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज पूरे दिन चंद्रमा का दर्शन वर्जित माना गया है।
चतुर्थी पर चांद देखना क्यों माना जाता है अशुभ?
पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक बार चंद्रदेव को अपने सौंदर्य और तेज पर अहंकार हो गया था। उन्होंने भगवान गणेश जी का उपहास कर दिया। इससे क्रोधित होकर गणपति बप्पा ने चंद्रमा को श्राप दे दिया कि जो भी व्यक्ति चतुर्थी के दिन तुम्हारा दर्शन करेगा, उस पर झूठा कलंक लगेगा। बाद में चंद्रदेव ने क्षमा मांगी, तब भगवान गणेश ने श्राप को कुछ हद तक कम करते हुए कहा कि महीने के 15 दिन तुम्हारा प्रभाव घटेगा और 15 दिन बढ़ेगा।
श्रीकृष्ण पर भी लगा था झूठा आरोप
धार्मिक कथा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने भी एक बार भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी का चांद देख लिया था। इसके बाद उन पर स्यमंतक मणि चोरी करने का झूठा आरोप लगा था। तभी से माना जाता है कि चतुर्थी पर चंद्र दर्शन करने से व्यक्ति को बदनामी, झूठे आरोप और मान-सम्मान में कमी का सामना करना पड़ सकता है।
गलती से चांद देख लिया तो क्या करें?
अगर आपने आज भूलवश चंद्रमा देख लिया है, तो शास्त्रों में बताए गए ये 2 आसान उपाय तुरंत करें।
उपाय नंबर 1: गणेश पूजा और दान करें
सबसे पहले स्नान करके साफ वस्त्र धारण करें। इसके बाद विधि-विधान से भगवान श्री गणेश की पूजा करें।
पूजा के दौरान करें ये काम:
गणेश जी को दूर्वा, मोदक और फल अर्पित करें
पूजा में चढ़ाए गए फल और मिठाई चंद्रमा को दिखाएं
इसके बाद वह प्रसाद किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को दान कर दें
मान्यता है कि ऐसा करने से चंद्र दर्शन दोष कम होता है और झूठे कलंक से रक्षा होती है।
उपाय नंबर 2: इस विशेष मंत्र का करें जाप
चतुर्थी के चंद्र दोष से मुक्ति पाने के लिए इस मंत्र का जाप करना बेहद शुभ माना गया है-
"सिंहः प्रसेनमवधीत् सिंहो जाम्बवता हतः।
सुकुमारक मा रोदीस्तव ह्येषः स्यमन्तकः॥"
कितनी बार करें जाप?
कम से कम 11, 21 या 108 बार इस मंत्र का जाप करें
जाप करते समय भगवान गणेश का ध्यान करें
धार्मिक मान्यता है कि इससे झूठे आरोप, अपमान और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है।
सिद्धिविनायक व्रत से भी मिलता है लाभ
शास्त्रों में एक और उपाय बताया गया है। यदि किसी व्यक्ति से चतुर्थी पर चंद्र दर्शन हो जाए, तो उसे सिद्धिविनायक व्रत करना चाहिए। हर माह शुक्ल पक्ष की द्वितीया को चंद्र दर्शन करना चाहिए। मान्यता है कि इससे चंद्र दोष समाप्त होता है और शुभ फल प्राप्त होते हैं।
चतुर्थी पर इन बातों का रखें खास ध्यान
भूलकर भी चंद्र दर्शन न करें
झूठ, क्रोध और विवाद से बचें
गणेश जी को दूर्वा और मोदक जरूर चढ़ाएं
गरीबों को दान करें
गणेश मंत्रों का जाप करें
वरदा चतुर्थी का महत्व
वरदा चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित विशेष व्रत है। "वरदा" का अर्थ होता है वरदान देने वाली। इस दिन गणपति बप्पा की पूजा करने से लोगों की बाधाएं दूर होती हैं और बुद्धि कुशाग्र होती है। साथ ही धन-समृद्धि में बढ़ोतरी होती है और परिवार में सुख-शांति आती है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



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