Latest Updates
-
World Thalassemia Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व थैलेसीमिया दिवस? जानें इसका महत्व और इस साल की थीम -
Mother's Day 2026: डिलीवरी के बाद हर महिला को करने चाहिए ये योगासन, जल्दी रिकवरी में मिलेगी मदद -
Mother's Day 2026: मदर्स डे पर मां को दें सेहत का तोहफा, 50 के बाद जरूर करवाएं उनके ये 5 जरूरी टेस्ट -
Mother’s Day Special: बेटे की जिद्द ने 70 साल की उम्र में मां को दी हिम्मत, वायरल हैं Weightlifter Mummy -
कौन हैं अरुणाचलम मुरुगनाथम? जिन्हें नोबेल शांति पुरस्कार 2026 के लिए किया गया नॉमिनेट -
सुबह खाली पेट भीगी हुई किशमिश खाने से सेहत को मिलेंगे ये 5 फायदे, कब्ज से लेकर एनीमिया से मिलेगी राहत -
Rabindranath Tagore Jayanti 2026 Quotes: रवींद्रनाथ टैगोर जयंती के मौके पर शेयर करें उनके ये अनमोल विचार -
Aaj Ka Rashifal 7 May 2026: आज धनु और कर्क राशि के लिए बड़ा दिन, पढ़ें सभी 12 राशियों का हाल -
Aaj Ka Rashifal 6 May 2026: मिथुन और कन्या राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान -
Mother's Day पर मां का मुंह कराएं मीठा, बिना ओवन और बिना अंडे के घर पर तैयार करें बेकरी जैसा मैंगो केक
शेफाली जरीवाला की 42 साल में हुई अकाल मृत्यु, ज्योतिष के अनुसार कौन सा ग्रह बनता है इसकी वजह
Early Deaths Cause Reason in Astrology : 'कांटा लगा गर्ल' के नाम से मशहूर अभिनेत्री शेफाली जरीवाला का 42 वर्ष की उम्र में अचानक निधन होना सभी को स्तब्ध कर गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनकी मृत्यु कार्डियक अरेस्ट से हुई। हालांकि मेडिकल साइंस इसे हार्ट फेलियर से जोड़ता है, लेकिन वैदिक ज्योतिष के अनुसार ऐसी अकाल मृत्यु के पीछे कुछ ग्रह योग और दशाएं जिम्मेदार मानी जाती हैं।

अकाल मृत्यु और ज्योतिष: क्या कहता है शास्त्र?
ज्योतिष शास्त्र में मृत्यु का संबंध मुख्य रूप से आठवें भाव, मंगल, शनि, केतु और राहु जैसे ग्रहों से जोड़ा जाता है। जब किसी व्यक्ति की कुंडली में ये ग्रह अशुभ दशा में होते हैं, विशेषकर अष्टमेश (आठवें भाव का स्वामी) की स्थिति कमजोर या पीड़ित हो, तो वह दुर्घटना, बीमारी या अचानक मृत्यु का कारण बन सकते हैं।
शेफाली जरीवाला की कुंडली में संभावित ग्रह दोष
हालांकि उनकी सटीक जन्म कुंडली सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है, लेकिन जो अनुमान लगाए जा सकते हैं, वे निम्न हैं:
अष्टम भाव या अष्टमेश पर राहु/केतु की दृष्टि या युति - यह अचानक मृत्यु या दुर्घटना का संकेत देता है।
शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या - शनि की महादशा या अंतर्दशा जीवन में भारी मानसिक दबाव, स्वास्थ्य समस्याएं और अकेलापन ला सकती है।
केतु की महादशा - केतु अप्रत्याशित घटनाओं और रहस्यमयी मौत से जुड़ा होता है।
चंद्रमा पर राहु या शनि की दृष्टि - यह मानसिक तनाव, डिप्रेशन और आत्मघात जैसी प्रवृत्तियों को जन्म दे सकती है।
मानसिक तनाव और ग्रहों की भूमिका
शेफाली ने खुद इंटरव्यू में यह स्वीकार किया था कि वे बचपन से ही एपिलेप्सी और डिप्रेशन से जूझ रही थीं। चंद्रमा मन का कारक होता है और जब यह ग्रह नीच राशि में हो या राहु-केतु/शनि से पीड़ित हो, तो व्यक्ति भावनात्मक अस्थिरता और मानसिक बीमारियों का शिकार हो सकता है।
अकाल मृत्यु और मृंत्यु योग
ज्योतिष में कुछ विशेष योगों को मृत्यु योग या मृंत्यु दोष कहा जाता है। जैसे कि:
कालसर्प योग - जब सभी ग्रह राहु और केतु के बीच में आ जाएं।
पापकर्तरी योग - जब किसी ग्रह के दोनों ओर पाप ग्रह (मंगल, शनि, राहु, केतु) हों।
गजकेसरी योग का भंग - अगर चंद्रमा और गुरु का अच्छा योग भंग हो जाए, तो मानसिक संतुलन बिगड़ सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में बताए गए रत्नों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं और ज्योतिषीय अनुभवों पर आधारित हैं। हर इंसान पर इसका असर अलग हो सकता है। किसी भी रत्न को पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या रत्न विशेषज्ञ से जरूर सलाह लें। यह लेख सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से है और इसे प्रोफेशनल सलाह का विकल्प न समझें।



Click it and Unblock the Notifications