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एक्सपर्ट से जानें, प्यूबिक एरिया में लेजर हेयर रिमूवल के बारे में सब कुछ
लेजर हेयर रिमूवल से आपके अनचाहे बाल बिना दर्द के हमेशा-हमेशा के लिए निकल जाते हैं और आपको ब्राजीलियन वैक्स का दर्द भी नहीं सहना पड़ता है।
प्यूबिक एरिया यानि जननांग पर बालों को लेज़र विधि से हटवाना इन दिनों काफी चलन में है और इसे काफी प्रभावी माना जाता है।
आखिरकार, इस विधि से आपके अनचाहे बाल बिना दर्द के हमेशा-हमेशा के लिए निकल जाते हैं और आपको ब्राजीलियन वैक्स का दर्द भी नहीं सहना पड़ता है।
लेकिन क्या ये विधि वाकई में सुरक्षित और प्रभावी है? इस बारे में डॉक्टर्स का अलग-अलग मत है। हालांकि, ग्लैमर वर्ल्ड से लोगों के लिए ये बहुत ही अच्छी विधि है।
सेलिब्रिटी डर्मेटोलॉजिस्ट इस बारे में पूरी विधि का वर्णन करते हैं तो कि निम्न प्रकार है:

यह किस प्रकार किया जाता है?
सबसे पहले उस एरिया में शेविंग होती है, फिर उस जगह पर जेल लगाया जाता है और सर्कुलर मोशन में लेजर को डाला जाता है। आमतौर पर 7 से 8 सत्रों को किया जाता है ताकि उस जगह के 70 से 95 प्रतिशत बाल हट जाएं जिनमें से अल्ट्रा-एडवांस लेसर जैसे ट्रियो अल्टीमा भी दिया जाता है जिसमें एक मशीन में से तीन तरंगदैर्घ्य निकलती हैं। जिन लेजर में डायोड तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है वहां 14 सत्र तक करने की जरूरत पड़ सकती है।

प्यूबिक एरिया के बालों को पूरी तरह से हटाने के लिए कितने सत्र की आवश्यकता पड़ती है?
लेजर हेयर रिमूवल में कई सारे सेशन करने पड़ते है ताकि बालों की वृद्धि को रोका जा सकें। इस दौरान, बालों की वृद्धि पर लगाम कस दी जाती है। जब लेजर दिया जाता है तो उसके बाद सिर्फ 30 प्रतिशत बाल ही ग्रोथ कर पाने की स्थिति में होते हैं। अंत में टचअप सेशन किया जाता है जो सभी सत्र पूरा होने के एक साल बाद किया जाता है।

प्यूबिक हेयर को निकालना अन्य जगह के बालों को निकालने से ज्यादा कठिन क्यों होता है?
चूँकि प्यूबिक एरिया बहुत ही नाज़ुक होता है और यहां बेहद सावधानी बरतनी होती है। ऐसे में वैक्स से वहां चोट लग सकती है या दर्द हो सकता है। लेजर में ऐसी समस्या नहीं होती है, ये एक दर्दरहित प्रक्रिया है जो आसानी से बालों को स्थायी रूप से निकाल देती है। इसे इस्तेमाल करने से पहले नम्बिंग क्रीम को भी लगा दिया जाता है या कूलिंग एयर दी जाती है ताकि व्यक्ति को असहजता न हो।

इसमें कितना खर्च आता है
यह लेजर की लागत पर निर्भर करता है। भारत में इसकी शुरूआत 9000 रूपए से होती है। वैसे ये अधिकतर पैकेज में की जाती हैं।

प्रक्रिया में कितना समय लग जाता है और कितना फॉलो-अप करना होता है?
इस प्रक्रिया में टॉपिकल एनेस्थिसिया देने से लेकर बाकी का काम होने में 45 मिनट से एक घंटे का समय लगता है। हर 4 से 8 हफ्ते में फॉलो-अप के लिए आना होता है।

नए बाल को उगने में कितना समय लगता है?
वैसे तो 4 से 8 हफ्ते का सत्र होता है लेकिन ये बालों के उगने पर भी निर्भर करता है। कई बार ये अवधि बढ़ भी जाती है और कई बार घट जाती है। जिन लोगों को कम ग्रोथ होती है उनके लिए 10 से 12 हफ्तों की अवधि का सत्र होता है।

क्या इस प्रक्रिया में दर्द होता है?
इस प्रक्रिया में दर्द नहीं होता है। न ही इससे आपके शरीर को नुकसान पहुँचता है। ये लेजर बालों की जड़ों को समाप्त कर देती है और वहां से स्थायी रूप से मर जाती हैं। इसीलिए, इन्हें स्थायी उपचार माना जाता है।

क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
इस प्रक्रिया को करवाने के बाद, व्यक्ति को कुछ दिनों तक हल्का टॉपिकल स्टेरॉयड दिया जाता है और उस जगह पर लगाने के लिए विशेष क्रीम दी जाती है।

क्या बिकनी वैक्सीन ज्यादा बेहतर है? महिलाओं के लिए क्या सबसे उचित है?
बिकनी वैक्सीन से कहीं बेहतर लेजर तकनीकी है। वैक्स या शेव करने से बाल जल्दी निकल आते हैं और ये पहले से कहीं कड़े भी होते हैं। साथ ही कट लगने आदि का डर भी रहता है। लेजर तकनीकी में ऐसा कोई झंझट नहीं है। इससे बाल बिना दर्द दिए ही आसानी से जड़ से निकल जाते हैं।



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