myths vs facts: पिंपल्स से जुड़ी ये बातें हैं बिल्कुल झूठ, ना करें इन पर भरोसा

पिंपल्स एक ऐसी समस्या है, जिसका हम सभी ने कभी ना कभी सामना किया ही है। जब चेहरे पर पिंपल्स हो जाते हैं तो यकीनन ये काफी परेशान करते हैं। अक्सर हम इन्हें पॉप कर देते हैं, क्योंकि इसके चलते काफी दर्द होता है। पिंपल्स अक्सर अतिरिक्त ऑयल सीबम प्रोडक्शन, बैक्टीरिया, हार्मोन असंतुलन या फिर डेड स्किन सेल्स के कारण होते हैं। लेकिन अक्सर लोग पिंपल्स को लेकर तरह-तरह की भ्रांतियों व मिथक पर विश्वास कर लेते हैं।

pimple on face

ऐसे में वे अपनी स्किन को पिंपल फ्री रखने के लिए कई अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। लेकिन आप अपनी स्किन की बेहतर देखभाल कर सकें, इसके लिए आपको पहले उन भ्रांतियों को अपने मन से दूर करना होगा। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको पिंपल्स से जुड़े मिथ्स और उनकी सच्चाई के बारे में बता रहे हैं-

मिथक 1- पिंपल्स केवल टीनएज में ही होते हैं।

सच्चाई- यह सच है कि पिंपल्स की समस्या टीनएज में अधिक देखी जाती है, लेकिन सिर्फ टीनएज में ही पिंपल्स हों, यह जरूरी नहीं है। टीनएज के बाद भी आपको पिंपल्स की समस्या हो सकती है। इसके पीछे हार्मोनल उतार-चढ़ाव, बहुत अधिक तनाव, स्मोकिंग, अनहेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना, जेनेटिक्स आदि कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। इसलिए, अगर आप सोचते हैं कि केवल टीनएज में ही एक्ने होते हैं और 20 साल के बाद आपको एक्ने नहीं होंगे तो आप गलत है।

मिथक 2- पिंपल्स अचानक हो सकते हैं।

सच्चाई- अधिकतर लोग यह सोचते हैं कि पिंपल्स अचानक से रातों-रात हो जाते हैं। जबकि यह भी सच नहीं है। पिंपल्स के कारण वे गंदे पोर्स हैं जिन पर आपने अब तक ध्यान नहीं दिया है। हो सकता है कि आपको पिंपल्स का पता तब तक न चले, जब तक कि आपको वह आसानी से नजर ना आए। याद रखें कि क्लॉग पोर्स के कारण पिंपल्स होने में समय लगता है।

मिथक 3- पिंपल्स केवल चेहरे पर ही हो सकते हैं।

सच्चाई- लोगों का यह मानना होता है कि पिंपल्स केवल चेहरे पर ही होते हैं। जबकि यह भी एक मिथ है। जहां पर भी वसामय ग्रंथियां मौजूद होती हैं, वहां पिंपल्स हो सकते हैं। चेहरे के अलावा शरीर के अलग-अलग हिस्सों जैसे कंधों, बैक, चेस्ट या बट पर भी पिंपल्स नजर आ सकते हैं। इसलिए, इस बॉडी एक्ने को रोकने के लिए बेहद जरूरी है कि आप नियमित रूप से स्नान करें और अपनी स्किन की बेहतर केयर करने के लिए एक बॉडी केयर रूटीन फॉलो करें।

मिथक 4- हाइजीन की कमी के कारण होते हैं पिंपल्स

सच्चाई- यह सच है कि हाइजीन की कमी के चलते पिंपल्स हो सकते हैं। लेकिन सिर्फ हाइजीन ही पिंपल्स या एक्ने ब्रेकआउट की वजह नहीं बनता है। इसके अलावा, हार्मोनल बदलाव, डेड स्किन सेल्स, तनाव या फिर आपका खराब लाइफस्टाइल भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकता है।

मिथक 5- चॉकलेट और ऑयली फूड खाने से पिंपल्स होते हैं।

सच्चाई- चॉकलेट, पिज्ज़ा, पोटैटो चिप्स, फ्रेंच फ्राइज़, चीज़बर्गर आदि चीजें सेहत पर बुरा प्रभाव डालती है। अक्सर लोग यह सोचते हैं कि इस तरह के फूड्स खाने से पिंपल्स हो जाते हैं। जब कि पिंपल्स और इस तरह के फूड्स के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है। हालांकि, अपनी सेहत का ख्याल रखने के लिए आपको इस तरह की आइटम्स का बेहद सीमित मात्रा में सेवन करना चाहिए।

मिथक 6- पिंपल्स पॉप करने से जल्द ठीक हो जाते हैं।

सच्चाई- अगर आप भी ऐसा ही सोचते हैं तो आप बहुत बड़ी गलतफहमी में जी रहे हैं। हो सकता है कि एक वक्त के बाद आप पिंपल्स को फोड़कर उसके अंदर की गंदगी को खत्म करना चाहें। आपको ऐसा लगता हो कि इससे पिंपल्स जल्द ठीक हो जाएंगे। जबकि वास्तव में ऐसा नहीं है। पिंपल्स को दबाने से अतिरिक्त सूजन, संक्रमण और घाव हो सकते हैं। इससे आपकी स्किन को और भी अधिक नुकसान पहुंच सकता है।

Story first published: Tuesday, August 15, 2023, 12:00 [IST]
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