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लाल और सफेद चंदन, दोनों में से क्या है चेहरे के लिए बेहतर? जानें दोनों की खासियत
red or white sandalwood: आयुर्वेद में चंदन का काफी महत्व है। चंदन दो तरह के होते हैं, इसमें लाल और सफेद चंदन शामिल हैं। चंदन का उपयोग कई तरह की स्वास्थ्य और त्वचा संबंधी समस्याओं का इलाज करने के लिए किया जाता है। लाल और सफेद चंदन दोनों की तासीर बेहद ठंडी होती है। लेकिन इन दोनों के गुण अलग-अलग होते हैं।
किसी चंदन का उपयोग डायबिटीज और डायरिया जैसे रोगों का इलाज करने के लिए किया जाता है, तो किसी का इस्तेमाल त्वचा की समस्याओं को ठीक करने के लिए किया जाता है। लेकिन सफेद और लाल चंदन में से त्वचा के लिए कौन सा बेहतर है?

सफेद चंदन
सफेद चंदन का साइंटिफिक टर्म संतालुम एल्बम एल है। आयुर्वेद में सफेद चंदन की तासीर ठंडी बताई गई है। शरीर की गर्मी को बाहर निकालने के अलावा, सफेद चंदन में एंटीसेप्टिक गुण भी होते हैं। स्किन केयर में सफेद चंदन का खूब इस्तेमाल किया गया है। मुहांसों और एक्जिमा जैसी स्किन प्रॉब्लम के लिए सफेद चंदन से बेहतर कुछ नहीं हैं। आयुर्वेद में सफेद चंदन को इस्तेमाल कई तरह की चर्म रोग से जुडी औषधियां बनाने में किया जाता है।
लाल चंदन
लाल चंदन का वैज्ञानिक टर्म टेरोकार्पस सैंटालिनस है। आयुर्वेद में लाल चंदन डायबिटीज और डायरिया रोगियों के लिए काफी फायदेमंद बताया गया है। जब किसी व्यक्ति को डायरिया होता है, तो आयुर्वेद में लाल चंदन का इस्तेमाल करने की सलाह दी जाती है। लाल चंदन के औषधीय गुणों की वजह से इसका इस्तेमाल उपयोग नेत्र विकारों के इलाज के लिए किया जाता है।
कीमत में अंतर
सफेद चंदन की तुलना में लाल चंदन ज्यादा कीमती है। लाल चंदन की लकड़ी की भारतीय बाजार में 18 से 25 हजार रुपए प्रति किलो तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में 38 से 45 हजार रुपए प्रति किलो बिकती है।
सफेद या लाल चंदन क्या है चेहरे के लिए बेहतर?
सफेद चंदन त्वचा संबंधी समस्याओं को ठीक करने के लिए किया जा सकता है। मुहांसों, रेडनेस, सनबर्न और दाग-धब्बों को मिटाने के लिए सफेद चंदन ज्यादा असरदार साबित हो सकता है। जबकि लाल चंदन डायबिटीज और डायरिया से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में ज्यादा असरदार होता है। इसलिए कहा जा सकता है कि त्वचा के लिए लाल चंदन की तुलना में सफेद चंदन अधिक अच्छा होता है।



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