Latest Updates
-
Pitru Paksha 2026: बेटा न हो तो क्या बेटी कर सकती है श्राद्ध और पिंडदान? अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने दिया जवाब -
World Lung Day 2026: शरीर में दिखें ये 7 लक्षण तो समझ जानें आपके फेफड़े हो रहे हैं खराब -
Anant Chaturdashi 2026: अनंत सूत्र में 14 गांठें ही क्यों बांधी जाती हैं? जानें इसका धार्मिक महत्व -
Mushtaq Khan Family: 'वेलकम' फेम मुश्ताक खान ने दुनिया को कहा अलविदा, जानिए एक्टर के परिवार में कौन-कौन? -
डायबिटीज में चावल और रोटी खाने का सही समय क्या है? जानें कब खाने से नहीं बढ़ेगा ब्लड शुगर -
Anant Chaturdashi Vrat Katha: अनंत चतुर्दशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, दूर हो जाएंगे सारे कष्ट -
Anant Chaturdashi 2026 Wishes: श्री हरि का आशीष...इन संदेशों के साथ अपनों को दें अनंत चतुर्दशी की शुभकामनाएं -
Hurun India Rich List 2026: ये हैं भारत के टॉप 10 सबसे अमीर लोग, जानिए किसके पास है कितनी दौलत -
Bhadrapada Purnima 2026: कब है भाद्रपद पूर्णिमा? जानें तारीख, शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय का समय और पूजा विधि -
बढ़े हुए प्रोस्टेट का मतलब कैंसर नहीं, जानें बढ़े हुए प्रोस्टेट, प्रोस्टेटाइटिस और प्रोस्टेट कैंसर में अंतर
Jaya Parvati Vrat Katha: जया पार्वती व्रत में जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद
Jaya Parvati Vrat Katha In Hindi: हिंदू धर्म में ऐसे कई व्रत हैं, जो सुहागिन और अविवाहित महिलाओं के लिए बहुत खास होते हैं। ऐसा ही एक व्रत है जया पार्वती व्रत, जो हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन रखा जाता है। पांच दिनों तक चलने वाला यह व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को रखने से सुहागिन महिलाओं को खुशहाल दांपत्य जीवन मिलता है और अविवाहित कन्याओं को मनचाहा वर प्राप्त होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार जया पार्वती व्रत की 27 जुलाई से शुरू होगा और इसका समापन 1 अगस्त को होगा। इस व्रत में जया पार्वती व्रत की कथा अवश्य सुननी चाहिए, तभी संपूर्ण लाभ मिलेगा। आइए, जानते हैं जया पार्वती व्रत की कथा -

जया पार्वती व्रत व्रत कथा
पौराणिक मान्यता के अनुसार, प्राचीन समय में एक ब्राह्मण अपनी पत्नी के साथ रहता था। दोनों बहुत धार्मिक, दयालु और भगवान शिव के परम भक्त थे। उनके पास धन-दौलत की कोई कमी नहीं थी, लेकिन संतान न होने का दुख उन्हें हमेशा परेशान करता था। संतान की इच्छा पूरी करने के लिए वे रोज श्रद्धा से भगवान शिव की पूजा करते थे।
एक दिन उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव प्रकट हुए। उन्होंने ब्राह्मण दंपती से कहा कि पास के जंगल में उनकी एक पुरानी मूर्ति है, जिसकी कोई पूजा नहीं करता। भगवान ने उन्हें उस मूर्ति की नियमित पूजा करने का आदेश दिया।
भगवान की आज्ञा मानकर दोनों जंगल पहुंचे। वहां उन्हें शिव जी की मूर्ति मिली। पूजा से पहले मूर्ति को साफ करने के लिए ब्राह्मण पानी लेने गया, लेकिन रास्ते में उसे सांप ने काट लिया। वह वहीं बेहोश होकर गिर पड़ा। काफी देर तक जब वह वापस नहीं लौटा, तो उसकी पत्नी उसे खोजने निकली। बहुत तलाश करने के बाद भी जब पति नहीं मिला, तो वह शिव जी की मूर्ति के पास बैठकर सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करने लगी।
पत्नी की अटूट भक्ति से भगवान शिव प्रसन्न हुए। उन्होंने ब्राह्मण को फिर से जीवनदान दिया और दंपती को संतान सुख का आशीर्वाद भी दिया। कुछ समय बाद उन्हें संतान की प्राप्ति हुई और उनका जीवन खुशियों से भर गया। मान्यता है कि जो महिलाएं श्रद्धा और विश्वास के साथ जया पार्वती व्रत रखती हैं, उन्हें अखंड सौभाग्य, सुखी वैवाहिक जीवन और संतान सुख का आशीर्वाद प्राप्त होता है।



Click it and Unblock the Notifications
