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चेहरे पर झांई से छुटकारा पाने के 7 आसान घरेलू उपाय
मेलाज्मा का उपचार लेजर तकनीक से संभव तो है, लेकिन ये इलाज बहुत महंगा होता है। इस बीमारी का घरेलू इलाज भी संभव है।
मेलाज्मा त्वचा की वह बीमारी है जिसमें त्वचा पर गहरे भूरे रंग के धब्बे पैदा हो जाते हैं। मुख्य रूप से यू वी किरणों के कारण ऐसा होता है। खासतौर पर त्वचा के उन हिस्सों पर जो धूप में खुले रहते हैं। महिलाओं में हार्मोन परिवर्तन होने पर यह समस्या पैदा हो जाती है।
मेलाज्मा का उपचार लेजर तकनीक से संभव तो है, लेकिन ये इलाज बहुत महंगा होता है। इस बीमारी का घरेलू इलाज भी संभव है। घर में ऐसी चीज़े आसानी से मिल जाती हैं, जिनसे हम मेलाज्मा का उपचार कर सकते हैं।
हालांकि ये उपचार थोड़ा धीरे-धीरे होता है लेकिन, इसमें खर्च न के बराबर आता है। तो आइये जानते हैं मेलाज्मा के घरेलू उपचार के कुछ आसान तरीके।

1) नींबू का रस
नींबू का रस प्राकृतिक रूप से त्वचा का रंग हल्का करता है। नींबू की अम्लीय प्रकृति त्वचा की बाहरी परत को निकालने में मदद करती है। इस तरह से मेलाज्मा वाली त्वचा भी निकल जाती है।
ऐसे करें इसका इस्तेमाल
- इसके लिए नींबू का रस निकालें।
- उसे रूई से प्रभावित जगह पर लगाएं।
- एक दो मिनट के लिए हल्के हाथों से रगड़ें।
- बीस मिनट के लिए छोड़ दें। फिर गुनगुने पानी से धो लें।
- ऐप्पल साईडर विनेगर और पानी को एक अनुपास में मिलाएं।
- इसे मेलास्मा के धब्बों पर लाएं और हवा में सूखने दें।
- उसके बाद गुनगुने पानी से त्वचा धो लें।
- इसे हफ्ते में एक बार लगाएं।
- 10 चम्मच दूध में 5 चम्मच हल्दी मिलाएं।
- इस मिक्चर को गाढ़ा करने के लिए एक चम्मच चने का आटा मिलाएं।
- इसका पेस्ट बनाकर प्रभावित स्थानों पर लगाएं और 20 मिनट के लिए छोड़ दें।
- उसके बाद त्वचा को धो कर मुलायम तौलिया से सुखा लें।
- दो या तीन प्याज काटें या घिसें।
- इन्हें मलमल के कपड़े में रखें और निचोड़ लें।
- अब इस प्याज के रस को उसके बराबर की मात्रा के ऐप्पल साईडर विनेगर में मिला लें।
- प्रभावित स्थानों पर लगाएं और 20 मिनट के लिए छोड़ दें।
- उसके बाद गुनगुने पानी से त्वचा को धो कर मुलायम तौलिया से सुखा लें।
- कुछ हफ्तों तक इसे दिन में दो बार लगाएं।
- ऐलोवेरा लीफ को आधा काटें और ताज़ा जेल निकाल लें।
- इस जेल को इसकी प्राकृतिक अवस्था में ही प्रभावित हिस्सों में लगाकर मसाज करें।
- 15-20 मिनट के लिए छोड़ दें और फिर गुनगुने पानी से धो लें।
- इसके लिए दो चम्मच ओटमील पाऊडर को दो चम्मच दूध और एक चम्मच शहद के साथ मिला लें।
- प्रभावित स्थानों पर लगाएं और 20 मिनट के लिए छोड़ दें।
- उसके बाद गुनगुने पानी से त्वचा को धो कर मुलायम तौलिया से सुखा लें।
- सप्ताह में दो-तीन बार इसे लगाएं।

2) ऐप्पल साईडर विनेगर
ऐप्पल साईडर विनेगर में ऐसीटिक ऐसिड मौजूद होता है जो एक शक्तिशाली ब्लीच तत्व है। ये त्वचा से दाग-धब्बे हटाता है और त्वचा को स्मूद व चमकदार बनाता है।
ऐसे करें इसका इस्तेमाल

3) हल्दी
हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जिससे त्वचा के दाग धब्बे दूर होते हैं और रंगत में निखार आता है।
ऐसे करें इसका इस्तेमाल

4) प्याज का रस
प्याज के रस में सल्फर मौजूद होता है जो त्वचा के काले धब्बों को हल्का करता है। इसके अलावा प्याज का रस त्वचा की कोशिकाओं को पोषण देता है।
ऐसे करें इसका इस्तेमाल

5) ऐलोवेरा जेल
ऐलोवेरा जेल में पालीसैकराइड की उपस्थिति होती है जो मेलास्मा के दाग हटा कर त्वचा की असली रंगत वापस ले आता है। इसके साथ ही ये मृत त्वचा कोशिकाओं को भी निकाल देता है।
ऐसे करें इसका इस्तेमाल

6) ओटमील
ओटमील में प्राकृतिक रूप से परत उतारने वाले तत्व मौजूद रहते हैं, ये चेहरे से भूरे धब्बे हटा सकते हैं।
ऐसे करें इसका इस्तेमाल

7) लैक्टिक एसिड
यह मेलाज्मा के उपचार में प्रभावी है और सेफ पीलिंग एजेंट है। लैक्टिक एसिड स्वाभाविक रूप से ध उत्पादों में पाया जाता है, जैसे दही, कुमिस, लाबान, केफिर और कोम्बचिया। दही लगाने या इन खट्टे दूध उत्पादों में से किसी भी लगाने से आपको कुछ अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।



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