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नहीं जानते होंगे आप पेट्रोलियम जैली के ये नुकसान

हर घर में पेट्रोलियम जैली मिल जाएगी। सदियों से इसका प्रयोग किया जा रहा है। कमर्शियल कामों में प्रयोग होने वाली पेट्रोलियम जैली को पेट्रोलेटम या मिनरल ऑयल भी कहा जाता है। ये कॉस्मेटिक नहीं है लेकिन टॉपिकल ऑइंटमेंट का एक रूप है।
त्वचा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी समस्या जैसे शुष्क, फटी हुई त्वचा, स्किन रैशेज़ या अल्सर के लिए लोग पेट्रोलियम जैली का ही इस्तेमाल करते आ रहे हैं। नकसीर छूटने और सर्दी-जुकाम में भी इसका प्रयोग किया जाता है।

हालांकि ये हर जगह उपलब्ध है और सभी उम्र के लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। कुछ वैज्ञानिक स्टडी के मुताबिक ऐसे कई कारण हैं जिनके अनुसार हमें पेट्रोलियम जैली का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
तो चलिए आज हम आपको बताते हैं कि त्वचा पर पेट्रोलियम जैली लगाने से क्या नुकसान होते हैं।
त्वचा को नहीं मिलता पोषण
दवा कही जाने वाली पेट्रोलियम जैली से त्वचा को किसी भी तरह का पोषण नहीं मिलता है। इसमें कोई हीलिंग और औषधीय यौगिक नहीं होते हैं। अगर त्वचा साफ या मॉइश्चराइज़ नहीं हो तो पेट्रोलियम जैली लगाने का कोई फायदा नहीं है। ये रूखी त्वचा पर बेअसर हो जाती है।
अगर आप रोज़ पेट्रोलियम जैली का इस्तेमाल करते हैं तो इससे त्वचा के अपने प्राकृतिक मॉइश्चर को खोने का खतरा बढ़ जाता है। पेट्रोलियम जैली गुमराह करने का काम करती है।
ऑयल का बाय-प्रॉडक्ट है
ये जैली तेल का बाय प्रॉडक्ट है। हालांकि, आजकल ये डिस्टिल्ड और रेंडर की जाती है जोकि रंगहीन और सुगंध रहित होती है। पेट्रोलियम जैली को त्वचा पर लगाने का मतलब है कि आप पेट्रोल का बाय प्रॉडक्ट लगा रहे हैं।
त्वचा पर एक बैरियर का निर्माण कर देता है ये
फटी और रूखी त्वचा के लिए पेट्रोलियम जैली का इस्तेमाल बहुत किया जाता है। ये मोटा जैल त्वचा के मॉइश्चर को रोक देता है। ये त्वचा को बाहरी चीज़ों जैसे पानी, बैक्टीरिया और हवा से सुरक्षित रखता है।
ऐसा पाया गया है कि पेट्रोलियम जैली एक हाइड्रोफोबिक शिल्ड है जोकि ट्रांसएपिडर्मल पानी का नुकसान 90 प्रतिशत तक करता है। इसका सबसे बड़ा नुकसान यही है कि इसे लगाने पर त्वचा सांस नहीं ले पाती है।
साल 2000 में प्रकाशित हुई एक स्टडी में सामने आया है कि जिन बच्चों पर एक फंगल इंफेक्शन के ईलाज के लिए पेट्रोलियम जैली लगाई गई उनका संक्रमण और भी ज़्यादा बढ़ गया। इन बच्चों की स्थिति में तभी सुधार आया जब पेट्रोलियम जैली का इस्तेमाल बंद कर दिया गया।
मार्केट में ऐसे कई उत्पाद उपलब्ध हैं जिनका प्रयोग आप पेट्रोलियम जैली की जगह कर सकते हैं या फिर घर पर ही बना सकते हैं। आपको इसके अन्य विकल्पों के बारे में सोचना चाहिए।



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