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मानसून में होने वाले एक्ने से कैसे बचें
मानसून का मौसम त्वचा के लिए किसी परेशानी से कम नहीं है। उमस भरे मौसम में रहने की वजह से डिहाइड्रेशन और त्वचा को नुकसान होने का खतरा बढ़ जाता है। इसे नजरअंदाज करने पर एक्ने, एलर्जी और रैशेज की समस्या होने लगती है। इस मौसम में त्वचा को एक्स्ट्रा केयर की जरूरत होती है। जानते हैं कि मानसून में आप अपनी स्किन का कैसे बेहतर ख्याल रख सकते हैं।

मानसून में क्यों होते हैं एक्ने
बरसात के मौसम में गर्मी के साथ उमस बढ़ जाती है और त्वचा में सीबम का उत्पादन ज्यादा होने लगता है जिससे त्वचा तैलीय होने लगती है। इस पर बैक्टीरिया आसानी से पनपता है। इस पर धूल-मिट्टी और पसीना ज्यादा आता है और त्वचा के रोमछिद्र बंद हो जाते हैं जिससे एक्ने उठने लगते हैं। ऐसे में त्वचा बेजान दिखने लगती है। कई लोगों को सिर्फ मानसून में ही एक्ने की समस्या होती है। मानसून में चेहरे, कमर और हाथों पर एक्ने हो सकते हैं।

क्या कर सकते हैं
एक्ने के इलाज के लिए सबसे पहले अपने स्किन टाइप को पहचानिए। ओवर क्लींजिंग ना करें क्योंकि इससे त्वचा रूखी हो सकती है और उसमें नमी की कमी पैदा हो सकती है। इस कारण सीबम का स्राव ज्यादा होने लगता है जिससे एक्ने पैदा होने लगते हैं।

मानसून में एक्ने से बचने के टिप्स
पिंपल्स और एक्ने को रोकने का नीम एक बेहतरीन नुस्खा है। कुछ नीम की पत्तियां लें और उसे पीसकर उसमें हल्दी और दूध मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें। इस पेस्ट को चेहरे और प्रभावित हिस्से पर दस मिनट के लिए लगाएं। इसके बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें। इससे दाग-धब्बे मिट जाते हैं और त्वचा मुलायम बनती है।
नीम तेल की कुछ बूंदें नारियल या बादाम तेल में डालें और पिंपल्स से छुटकारा पाने के लिए इसे प्रभावित हिस्से पर लगाएं। नीम के फल से एक्ने या एक्ने संभावित हिस्से पर हल्के हाथों से मसाज करें और इसे सूखने के लिए छोड़ दें। अब पानी से चेहरा धो लें।
मानसून के मौसम में एक्ने-फ्री त्वचा पाने के लिए आपको ये रोज करना है। खूब पानी पीएं और चाय, कॉफी एवं शराब से दूर रहें।
नियमित चेहरा धोएं और मुलायम तौलिए से त्वचा को सुखा लें। अगर इसके बावजूद एक्ने ठीक नहीं हो रहे हैं तो इसके कारण का पता लगाने के लिए डर्मेटोलॉजिस्ट से संपर्क करें।



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