इस बार गर्मियों में बदलेगा फैशन का ट्रेंड

By रीतू तोमर

(आईएएनएस)| गर्मी के मौसम को फैशन के लिहाज से बेहद अनुकूल माना जाता है। इसलिए डिजाइनर विशेष रूप से गर्मियों में अपने सर्वोत्तम परिधान संग्रह पेश करने के लिए सालभर कड़ी मेहनत करते हैं। वे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बदलते फैशन ट्रेंड, रंगों के चयन व युवाओं की पसंद को ध्यान में रख सर्वोत्कृष्ट डिजाइन तैयार करते हैं।

एक समय था, जब फैशन का केंद्र महिलाएं हुआ करती थीं, लेकिन आज स्थिति बदल गई है। पुरुष भी महिलाओं की भांति फैशन को लेकर सजग हो गए हैं। शायद इसीलिए पुरुषों के लिए भी विशेष संग्रह पेश किए जा रहे हैं। इसी का सशक्त प्रमाण है कि हाल ही में नई दिल्ली के अशोका होटल में आयोजित फैशन डिजाइनर प्रदर्शनी में सिर्फ महिलाओं ने ही नहीं, बल्कि पुरुषों ने भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।

Summer Fashion Trends: Whats In For You

प्रदर्शनी में मौजूद 25 वर्षीय विपिन अरोड़ा कहते हैं, "फैशन मेरे लिए सब कुछ है। आप यह नहीं कह सकते कि सिर्फ महिलाएं ही फैशन को लेकर सजग रहती हैं। मेरे जैसे कई युवा हैं जो पैंट, शर्ट या जींस तक ही खुद को सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि राल्फ लॉरेन पैंट और कोरोना ब्रोर्ड शॉर्ट्स के साथ खुद को ट्रेंडी दिखाना पसंद करते हैं।"

महिलाओं और पुरुषों में परिधानों के चुनाव का तरीका भी बदल रहा है। आजकल अंतर्राष्ट्रीय हस्तियों के फैशन को अपनाने का भी चलन बढ़ गया है। युवा फैशन डिजाइनर ऋतु लांबा कहती हैं, "आजकल युवा महिलाएं रिहाना, केटी पेरी, जेनिफर लॉरेंस और क्रिस्टन स्टुअर्ट जैसा दिखना चाहती हैं। 2014 में पीपुल्स चॉइस अवॉर्ड में जेनिफर लॉरेंस की पोशाक की बहुत मांग रही है। हमने ग्राहकों की मांग पर उससे प्रेरित कई पोशाकें तैयार की हैं।"

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इस बार गर्मियों के लिए भारतीय-यूरोपीय शैली के परिधानों को तवज्जो दी जा रही है। परंपरागत पोशाकों में अनारकली सूट को पाश्चात्य शैली के साथ तैयार किया है। इस बार गर्मियों में क्रेज काफ्तान सूट की मांग अधिक रहने वाली है। वहीं, पुरुषों के लिए डिजाइनर चश्मों से लेकर बेल्ट और जूतों की श्रृंखला बाजार में उतारने की तैयारी है।

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युवा फैशन डिजाइनर शुभानी तलवार का मानना है कि गर्मी के मौसम को फैशन के लिहाज से एकदम सटीक माना जाता है। शुभानी ने आईएएनएस को बताया, "गर्मी के मौसम में डिजाइनर अपनी प्रतिभा को बेहतर तरीके से पेश कर सकता है। गर्मी में छोटे से लेकर लंबे सभी तरह से पोशाकों को तैयार किया जा सकता है। इस मौसम में लगभग सभी रंग या मिश्रित रंग आंखों को सुकून देते हैं।"

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शुभानी डिजिटल छपाई वाले परिधानों में पारंगत हैं। वह सामान्य छपाई की तुलना में इसे बेहतर मानती हैं। उनके मुताबिक, डिजिटल छपाई में रंगों पर कोई बंदिश नहीं होती। सामान्य छपाई में आप एक पोशाक में सिर्फ नौ रंगों को शामिल कर सकते हैं, लेकिन डिजिटल छपाई में एक पोशाक में एक साथ 50 रंगों को समेटा जा सकता है।

इस तरह आज फैशन सिर्फ अच्छा दिखने तक ही सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह अपनी सामाजिक स्थिति को पेश करने का जरिया भी बन गया है।

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