Latest Updates
-
April Fool's Day 2026: लंगोटिया यारों की 'बत्ती गुल' कर देंगे ये फनी मैसेजेस, हंसी रोकना होगा मुश्किल -
Lucky Signs: घर से निकलते समय इन 5 चीजों का दिखना माना जाता है बेहद शुभ, समझ जाएं जल्द बदल सकती है किस्मत -
Mysterious Temples Of India: भारत के 5 रहस्यमयी मंदिर, जहां का प्रसाद घर ले जाना होता है मना -
नारियल या सरसों का तेल? बालों की ग्रोथ के लिए कौन है नंबर-1, जानें सफेद बालों का पक्का इलाज -
April Fool's Pranks: अपनों को बनाना चाहते हैं अप्रैल फूल? ट्राई करें ये प्रैंक्स, हंस-हंसकर हो जाएंगे लोटपोट -
Mahavir Jayanti 2026: अपने बेटे के लिए चुनें भगवान महावीर के ये 50+ यूनीक नाम, जिनका अर्थ है बेहद खास -
डायबिटीज के मरीज ब्रेकफास्ट में खाएं ये 5 चीजें, पूरे दिन कंट्रोल रहेगा ब्लड शुगर लेवल -
Today Bank Holiday: क्या आज बंद रहेंगे बैंक, स्कूल और शेयर बाजार; जानें आपके शहर का क्या है हाल -
Mahavir Jayanti 2026 Wishes:अहिंसा का दीप जलाएं…इन संदेशों के साथ अपनों को दें महावीर जयंती की शुभकामनाएं -
Mahavir Jayanti Quotes 2026: 'जियो और जीने दो', महावीर जयंती पर अपनों को शेयर करें उनके अनमोल विचार
45 साल पहले बनी हॉरर फिल्म जिसपर था तांत्रिकों का साया, सेट पर हुए रहस्यमयी हादसे, निर्देशक की बेटी की गई जान
NATIONAL HORROR MOVIE DAY: हर साल 23 अक्टूबर को नेशनल हॉरर मूवी डे (National Horror Movie Day) मनाया जाता है। ये दिन डर, रहस्य और रोमांच के शौकीनों के लिए एक खास मौका लेकर आता है। इस दिन को मनाने का मकसद सिर्फ डर फैलाना नहीं, बल्कि हॉरर सिनेमा की कला, कहानी कहने के अंदाज और भावनात्मक गहराई को सम्मान देना है। हॉरर फिल्में इंसान के भीतर छिपे डर, विश्वास और कल्पना की सीमाओं को चुनौती देती हैं।
यही कारण है कि 1970 के दशक से लेकर आज तक हॉरर मूवीज केवल डर नहीं, बल्कि मानव मनोविज्ञान की झलक भी दिखाती हैं। यह दिन फिल्ममेकर्स, डायरेक्टर्स और उन दर्शकों को समर्पित है जिन्होंने इस जॉनर को जीवंत बनाए रखा। लोग इस दिन अपनी पसंदीदा हॉरर फिल्में देखते हैं, सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं और उन क्लासिक फिल्मों को याद करते हैं जिनसे कभी नींद उड़ गई थी।
आज हम एक ऐसी ही खास हॉरर फिल्म के बारे में बताने जा रहे हैं जो आज से 45 साल पहले आई थी। इस फिल्म को बनाने से पहले तांत्रिकों ने भी डायरेक्टर को मना किया था लेकिन फिर भी फिल्म बनाई और उसका खामियाजा उसे भूगतना पड़ा। आइए जानते हैं उस फिल्म का नाम और उन डरावनी और दिल दहला देने वाले अनुभवों के बारे में जो इस फिल्म को बनाने के दौरान घटित हुए थे।

कौन सी थी वो डरावनी फिल्म?
हम जिस फिल्म की बात कर रहे हैं वो है 'गहराई' इस फिल्म में पद्मिनी कोल्हापुरे और अमरीश पुरी थे। ये फिल्म साल 1980 में रिलीज हुई थी जो बॉलीवुड की शुरुआती हॉरर फिल्मों में से एक मानी जाती है। ये फिल्म पश्चिमी हॉरर सिनेमा 'द एक्सॉर्सिस्ट' से प्रेरित थी जिसके निर्देशक अरुणा राजे थे। ये फिल्म एक यंग लड़की की थी जिस पर भूतिया शक्ति हावी हो जाती है और उसका परिवार उसे बचाने में लगा रहता है।
तांत्रिकों ने दी थी चेतावनी
जब फिल्म की स्क्रिप्ट लिखी जा रही थी तो उस समय फिल्म के निर्देशक अरुणा राजे तांत्रिकों और जादू-टोना करने वालों से मिले। उस दौरान उन्होंने निर्देशक को इस फिल्म को बनाने के लिए मना किया था और कहा था कि इस तरह की फिल्मों से दूर रहो वरना आपके साथ अनहोनी हो सकती है। लेकिन राजे ने बात नहीं मानी।
निर्देशक और आर्टिस्टों के साथ घटी अनहोनी
हालांकि तांत्रिकों ने पहले ही इस फिल्म को बनाने के लिए मना कर दिया था लेकिन निर्देशक ने बात नहीं मानी। इसका उसे खामियाजा भी भुगतना पड़ा। पहले तो उस पत्नी से तलाक हो गया जिससे वो बेइंतहा प्यार करता था। फिर उसकी 9 साल की बेटी को अचानक से कैंसर हो गया और उसकी मौत हो गई। इसके अलावा फिल्म में काम करने वाले कलाकारों और अन्य मेंबर्स के साथ भी अजीबोगरीब घटनाएं घटीं। साथ ही फिल्म के रिलीज होने के बाद दर्शकों को भी डरावनी घटनाओं की अनुभूति हुई।



Click it and Unblock the Notifications











