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केरल में एक ही सुई के इस्तेमाल से 10 लोग HIV संक्रमित, दोबारा सिरिंज यूज करने से फैल सकती हैं ये बीमारियां
10 People Infected with HIV in Kerala Due to Shared Needle : केरल के मलप्पुरम जिले के वलंचेरी नगर पालिका क्षेत्र से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां 10 लोगों के HIV पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है। इन सभी को एक ही सुई से इंजेक्शन लगाया गया था। संक्रमित व्यक्तियों में तीन अन्य राज्यों के प्रवासी श्रमिक हैं, जबकि सात केरल के निवासी हैं। स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आया कि ये सभी नशीली दवाओं का सेवन करने के आदी थे और एक ही इंजेक्शन का बार-बार उपयोग करने के कारण संक्रमित हो गए। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है।

कैसे फैला संक्रमण?
स्वास्थ्य विभाग की प्रारंभिक जांच के अनुसार, सभी संक्रमित लोग नशे के आदी थे। इनमें से एक व्यक्ति पहले से ही HIV संक्रमित था। उसी द्वारा इस्तेमाल की गई सिरिंज को अन्य नौ व्यक्तियों ने भी नशे के लिए इस्तेमाल किया, जिससे संक्रमण फैल गया। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सभी 10 संक्रमित व्यक्तियों को निगरानी में रखा गया है।
जनवरी में मिला था पहला मरीज
जनवरी 2025 में केरल एड्स नियंत्रण संघ ने वलंचेरी क्षेत्र में एक HIV संक्रमित मरीज की पुष्टि की थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने जब जांच आगे बढ़ाई, तो पता चला कि उसी सिरिंज का उपयोग अन्य नौ लोगों ने भी किया था। उनकी जांच रिपोर्ट आने पर स्वास्थ्य विभाग सकते में आ गया, क्योंकि सभी की रिपोर्ट HIV पॉजिटिव आई।
सिरिंज और सुई का दोबारा उपयोग क्यों खतरनाक है?
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, सिरिंज और सुई का दोबारा उपयोग करने से रक्त जनित बीमारियों के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इससे हेपेटाइटिस बी (Hepatitis B), हेपेटाइटिस सी (Hepatitis C) और एचआईवी (HIV) जैसी गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं।
हेपेटाइटिस सी क्या है और कैसे फैलता है?
हेपेटाइटिस सी एक वायरल संक्रमण है, जो लीवर में सूजन का कारण बनता है। यह स्थिति इतनी गंभीर हो सकती है कि लीवर डैमेज होने लगता है। यह वायरस दूषित रक्त के संपर्क में आने से फैलता है।
हेपेटाइटिस बी कैसे फैलता है?
हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस बी वायरस (HBV) के कारण होता है। यह तब फैलता है जब संक्रमित व्यक्ति का रक्त, वीर्य या अन्य शारीरिक तरल पदार्थ किसी स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करते हैं। आमतौर पर, संक्रमित व्यक्ति में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते, लेकिन कुछ मामलों में पीलिया, गहरे रंग का मूत्र, थकान, मतली, उल्टी और पेट दर्द जैसे लक्षण हो सकते हैं।
HIV क्या है?
ह्यूमन इम्युनोडेफिशिएंसी वायरस (HIV) शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली पर हमला करता है। यदि इसका समय रहते इलाज न किया जाए, तो यह एड्स (AIDS - Acquired Immunodeficiency Syndrome) का कारण बन सकता है। वर्तमान में इसका कोई स्थायी इलाज नहीं है, लेकिन उचित चिकित्सा देखभाल से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
सिरिंज और सुई के पुन: उपयोग से लाखों लोग संक्रमित
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा 2014 में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, 2010 में असुरक्षित इंजेक्शन के कारण:
- 17 लाख लोग हेपेटाइटिस बी,
- 3.15 लाख लोग हेपेटाइटिस सी, और
- 33,800 लोग एचआईवी से संक्रमित हुए थे।
संक्रमण से कैसे बचें?
संक्रमण से बचाव के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतनी चाहिए:
- सुई और सिरिंज का दोबारा उपयोग न करें।
- स्वास्थ्य सेवा प्रदाता (डॉक्टर, नर्स, इंजेक्शन लगाने वाले अन्य व्यक्ति) कभी भी एक मरीज की सिरिंज या सुई का उपयोग दूसरे मरीज पर न करें।
- दवा की शीशियों का दुरुपयोग न करें।
- एक बार उपयोग करने के बाद सिरिंज और सुई को त्याग देना चाहिए।
- सिर्फ सुई बदलने से संक्रमण नहीं रुकता, सिरिंज को भी बदलना आवश्यक है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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