Latest Updates
-
UP Style Fish Machli Kadhi Recipe: घर पर बनाएं सरसों वाली चटपटी मछली कढ़ी -
Nirjala Ekadashi Vrat Katha: निर्जला एकादशी पर जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा सभी 24 एकादशियों का पूर्ण फल -
Nirjala Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी पर इस विधि से पिएं पानी, नहीं टूटेगा आपका व्रत, मिलेगा व्रत का पूर्ण फल -
Garhwali Sweet Rice Arsa Recipe: पारंपरिक तरीके से बनाएं उत्तराखंड की खास मिठाई -
Nirjala Ekadashi Vrat In Periods: क्या पीरियड्स में निर्जला एकादशी का व्रत रख सकते हैं? जानें क्या हैं नियम -
'तुम मुझे छोड़कर क्यों चले गए, वापस आ जाओ', केतन की हत्या के बाद सिया गोयल ने किया ये पोस्ट, अब हो रहा वायरल -
Grandma Comfort Food Vegetable Khichdi Recipe: घर पर बनाएं दादी के हाथों जैसा स्वाद -
Padma Awards 2026: अलका याग्निक-ममूटी को मिला पद्म भूषण, रोहित शर्मा और आर माधवन भी सम्मानित -
Nirjala Ekadashi 2026 Niyam: निर्जला एकादशी व्रत में जरूर करें इन नियमों का पालन, तभी मिलेगा व्रत का पूरा फल -
Special Healthy Gajar Paratha Recipe: सर्दियों के लिए पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता
मामूली सा दिखने वाला सूजन निकला खतरनाक कैंसर, छीन ली 1 साल की बच्ची की आंखों की रोशनी, ये है लक्षण
What Is Retinoblastoma : अरकंसास की रहने वाली एक वर्षीय लिली के आंखों में रेयर कैंसर रेटिनोब्लास्टोमा का पता चलने के बाद डॉक्टर को उसकी एक आंख निकालनी पड़ी। फिलहाल लिली की कीमोथैरिपी जारी है। लिली के पिता, जोश मोर्स, बताते हैं कि कैंसर के लक्षण पहचानना बेहद मुश्किल था। उन्होंने लिली की आंख के पास हल्की सूजन देखी, जिसके बाद डॉक्टर से परामर्श लिया। जांच और सिटी स्कैन से पता चला कि उसकी दाईं आंख में रेटिनोब्लास्टोमा है।
आंखों के कैंसर के लक्षणों में आंख की पुतली का सफेद दिखना, सूजन, रोशनी के प्रति संवेदनशीलता और आंखों की गतिविधि में असामान्यता शामिल हैं।

यह कैंसर तेजी से फैल सकता है और समय पर इलाज न होने पर जानलेवा हो सकता है। लिली का मामला जागरूकता का उदाहरण है कि हल्के लक्षणों को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय रहते चिकित्सीय सलाह लेनी चाहिए।
रेटिनोब्लास्टोमा कैंसर क्या है?
रेटिनोब्लास्टोमा आंख से जुड़ा दुर्लभ और खतरनाक कैंसर है, जो रेटिना से शुरू होता है और बच्चों में ज्यादा पाया जाता है। यह एक या दोनों आंखों को प्रभावित कर सकता है, जिसमें 25% मामलों में दोनों आंखें प्रभावित होती हैं। इस कैंसर के लक्षण बच्चों में बहुत हल्के या न के बराबर होते हैं। प्रकाश डालने पर पुतली का सफेद दिखना इसका प्रमुख संकेत है।
रेटिनोब्लास्टोमा तब होता है जब जीन में अचानक परिवर्तन (म्यूटेशन) के कारण रेटिना की कोशिकाओं में अनियंत्रित वृद्धि होने लगती है। यह जीन म्यूटेशन अक्सर माता-पिता से बच्चों में स्थानांतरित होता है। समय पर इलाज न मिलने पर यह तेजी से फैल सकता है और घातक हो सकता है। शुरुआती निदान और उपचार इसके खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
रेटिनोब्लास्टोमा के लक्षण
रेटिनोब्लास्टोमा के लक्षण अक्सर हल्के या न के बराबर होते हैं, जिससे इन्हें पहचान पाना मुश्किल होता है। प्रमुख लक्षणों में पुतली में प्रकाश डालने पर सफेद रंग दिखना, आंखों का एक दिशा में न देख पाना, आंखों के आसपास सूजन, लगातार आंसू आना, और धुंधला दिखना शामिल हैं। ये लक्षण बच्चों में अधिक देखे जाते हैं। यदि आंखों में कोई असामान्यता महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें, क्योंकि समय पर इलाज से इस गंभीर स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications