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अफगानिस्तान में मिले वाइल्ड पोलियो वायरस के 6 मामले, जानें इस बीमारी के बारे में सबकुछ
Wild Poliovirus Cases in Afghanistan : अफगानिस्तान में एक बार फिर वाइल्ड पोलियो वायरस टाइप 1 के मामले बढ़ रहे हैं। ग्लोबल पोलियो उन्मूलन पहल (GPEI)के अनुसार, यहां एक नया पोलियो वायरस का केस मिला है। नया मामला सामने आने के बाद अफगानिस्तान में अब तक मिले मामलों को देखते हुए वाइल्ड पोलियो वायरस टाइप 1 के मामलों की संख्या 6 हो गई है।
पोलियो के मामलों बढ़ने से विश्व स्वास्थ्य संगठन की चिंता को बढ़ा दिया है। WHO का कहना है कि पोलियो के बारे में एक बार फिर से जागरूकता फैलाने की जरूरत है, ताकि इसका खतरा कम किया जा सके। पोलियो वायरस के लक्षण स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते हैं।

यह भी वजह है कि यह बीमारी गंभीर हो जाती है। इसलिए पोलियो के लक्षणों के बारे में जानकारी होना बहुत जरूरी है, ताकि इससे बचाव किया जा सके।
पोलियो वायरस संक्रमण के कारण
पोलियो वायरस एक अत्यधिक संक्रामक वायरस है जो मुख्य रूप से पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को शिकार बनाता है। यह मल और मुंह के जरिए बच्चों को प्रभावित करता है। WHO के अनुसार, पोलियो वायरस तंत्रिका तंत्र पर आक्रमण कर सकता है। कुछ मामलों में यह गंभीर हो सकता है और बच्चों को बहुत ही ज्यादा बीमार कर सकता है।
पोलियो वायरस संक्रमण के लक्षण
इसके लक्षण बहुत देर बाद सामने आते है। इसके वायरस से संक्रमित व्यक्ति को हल्का बुखार, थकान, मिचली आना, सिर दर्द होना, गले में खराश रहना, खांसी, गर्दन और पीठ में अकड़न और बाहों में दर्द महसूस होना जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं।
क्या है बचाव
वाइल्ड पोलियो वायरस के संक्रमण से बच्चे अपंग हो सकते है। कुछ मामलों में वाइल्ड पोलियो वायरस श्वसन तंत्र पर हमला करके आपको बीमार कर सकता है। पोलियो टीकाकरण अभियान ने इस बीमारी को दुनिया से खत्म करने में बड़ी भूमिका निभाई है। यही इस खतरनाक बीमारी का इलाज है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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