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अस्थमा से राहत दिला सकती हैं ये 5 आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां, कफ और सांस फूलने की समस्या से मिलेगी राहत
Ayurvedic Herbs For Asthma: अस्थमा फेफड़ों की एक गंभीर बीमारी है। इस बीमारी में श्वसन नलियों में सूजन आ जाती है, जिसके कारण वायुमार्ग संकुचित हो जाता है और सांस लेने में दिक्कत होती है। साथ ही, सूखी खांसी, बंद नाक, छाती में जकड़न और सांस छोड़ते समय घरघराहट जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। अगर समय पर इसका इलाज न किया जाए, तो यह गंभीर हो सकती है। हर साल 7 मई को विश्व अस्थमा दिवस (World Asthma Day 2026) मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दुनियाभर में लोगों को अस्थमा के प्रति जागरूक करना है। अस्थमा फेफड़ों की एक गंभीर बीमारी है। आयुर्वेद में अस्थमा के लिए कुछ उपचार बताए गए हैं। ऐसी कुछ जड़ी-बूटियां हैं, जो अस्थमा के लक्षणों को कम करने में प्रभावी हो सकती हैं। आज इस लेख में आयुशक्ति की आयुर्वेद चिकित्सक डॉ स्मिता नरम से जानते हैं ऐसी 5 जड़ी-बूटियों के बारे में, जो अस्थमा के इलाज में मददगार हो सकती हैं।

पिप्पली
आयुर्वेद में पिप्पली को अस्थमा और श्वसन संबंधी रोगों के लिए लाभकारी बताया गया है। यह फेफड़ों को मजबूत बनाने और जमा हुए बलगम को साफ करने में मददगार होती है। पिप्पली का चूर्ण को शहद के साथ मिलाकर खाने से अस्थमा से होने वाली परेशानियों को कम करने में मदद मिल सकती है। ।
मुलेठी की जड़
मुलेठी की जड़ में एंटीऑक्सीडेंट्स, एंटी-बैक्टेरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं, जो सांस नलिकाओं की सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। सूजन अस्थमा का मुख्य कारण है और इसका पहले इलाज किया जाना चाहिए। मुलेठी की चाय या पाउडर छाती में जमा कफ को पिघलाकर बाहर निकालने में मददगार है।
नीलगिरी का तेल
नीलगिरी का तेल भी सांस की नलियों की सूजन को कम करने और वायुमार्ग को खोलने में मदद कर सकता है। इसे गर्म पानी के एक कटोरे में कुछ बूंदें डालकर और भाप लेने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। भाप लेने से फेफड़ों के वायुमार्ग साफ होते हैं।
अदरक
अदरक भी गले और कफ को राहत देने में मददगार होता है। अदरक को गुनगुने पानी में 1 चम्मच शहद के साथ रोजाना पीने से फायदा होगा। इसके अलावा, आप अदरक के पाउडर को 1 चम्मच अरंडी के तेल में मिलाकर सोने से पहले गर्म पानी के साथ भी ले सकते हैं।
हल्दी
हल्दी में करक्यूमिन मौजूद होता है, जो सूजन को कम करने में मदद करता है। इसके नियमित सेवन से फेफड़ों की सूजन को कम किया जा सकता है। इसके लिए आप गर्म पानी में एक चुटकी हल्दी डालकर दिन में दो बार पी सकते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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