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बवासीर में कौन से आसन करना है सबसे बेस्ट? ऑपरेशन के चक्कर में पड़ने से पहले आजमाएं ये 4 योग
Yoga for Piles: बवासीर एक ऐसी बीमारी है जिसके नाम से ही लोग डरते हैं। इसमें उठना-बैठना, खाना-पीना तक मुश्किल हो जाता है। ऐसे में कई लोग तो बवासीर से निजात पाने के लिए ऑपरेशन तक करवा लेते हैं लेकिन ये बीमारी का परमानेट इलाज नहीं है क्योंकि इसके दोबारा उभरने के चांस होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सनातन चिकित्सा पद्धति में योग को पाइल्स का रामबाण इलाज माना गया है? योग न सिर्फ पेट की गैस और कब्ज को खत्म करता है, बल्कि पेल्विक एरिया के ब्लड सर्कुलेशन को सुधार कर बवासीर के मसों और दर्द को नेचुरल तरीके से सिकोड़ देता है। आइए इस अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 (International Yoga Day 2026) के मौके पर जानते हैं बवासीर के लिए सबसे बेस्ट और असरदार 4 योगासन, जिन्हें करने से आपको बिना किसी सर्जरी के परमानेंट आराम मिल सकता है।

1. मलासन (Garland Pose) कब्ज को जड़ से खत्म करने का अचूक उपाय
मलासन को बवासीर के मरीजों के लिए सबसे बेहतरीन आसन माना जाता है। यह आपके पेट, जांघों और मलाशय की मांसपेशियों को स्ट्रेच करता है और पुरानी से पुरानी कब्ज से राहत दिलाता है।
करने का सही तरीका: जमीन पर पैरों के बीच थोड़ी दूरी बनाकर उकडू बैठ जाएं, जैसे भारतीय शौचालय में बैठते हैं। अपने दोनों हाथों की हथेलियों को नमस्कार की मुद्रा में लाएं और कोहनियों से घुटनों को बाहर की तरफ धकेलें। इस दौरान अपनी रीढ़ की हड्डी को बिल्कुल सीधा रखें और गहरी सांसें लें।

2. मलासन मूवमेंट (Malasana Movement) मलाशय की नसों के प्रेशर को करे कम
मलासन की स्थिति में रहकर हल्का मूवमेंट करना गुदा मार्ग (Anal Canal) के ब्लड सर्कुलेशन को तेजी से एक्टिव करता है। इससे शौच के समय होने वाला दर्द और ब्लीडिंग बहुत हद तक कम हो जाती है।
करने का सही तरीका: मलासन की स्थिति में बैठ जाएं। अब अपने शरीर के वजन को धीरे-धीरे एक बार बाएं पैर पर और फिर दाएं पैर पर शिफ्ट करें, यानी हल्के-हल्के दाएं-बाएं डोलें। इसके अलावा, आप इसी पोजीशन में बैठकर बिना उठे छोटे-छोटे कदम आगे और पीछे की तरफ चल सकते हैं। इसे 1-2 मिनट तक दोहराएं।
3. पवनमुक्तासन (Wind-Relieving Pose) पेट की गैस और बवासीर की सूजन से राहत
जैसा कि इसके नाम से ही साफ है, यह आसन पेट से रुकी हुई दूषित वायु यानी गैस को बाहर निकालता है। पेट का भारीपन दूर होने से मलाशय की सूजी हुई नसों पर दबाव तुरंत कम हो जाता है।
करने का सही तरीका: पीठ के बल सीधे लेट जाएं। सांस छोड़ते हुए दोनों घुटनों को मोड़ें और उन्हें अपनी छाती के पास लाएं। अपने दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में फंसाकर घुटनों को कसकर पकड़ लें। अब सांस छोड़ते हुए सिर उठाएं और अपनी नाक को घुटनों से छूने की कोशिश करें। इस स्थिति में 30 सेकंड रहें और फिर सामान्य हो जाएं।
4. बालासन (Child's Pose) पेल्विक एरिया को दे गहरी शांति और आराम
बालासन न केवल तनाव कम करता है, बल्कि यह आपके निचले हिस्से की नसों को पूरी तरह रिलैक्स कर देता है, जिससे पाइल्स की जलन और चुभन में बहुत राहत मिलती है।
करने का सही तरीका: फर्श पर वज्रासन में बैठ जाएं (घुटने मोड़कर एड़ियों पर बैठें)। अब गहरी सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर उठाएं। सांस छोड़ते हुए आगे की तरफ झुकें, जब तक कि आपका माथा और दोनों हथेलियां जमीन को न छू लें। अपनी आंखें बंद रखें और इसी मुद्रा में गहरी सांसें लेते हुए कम से कम 2-3 मिनट तक विश्राम करें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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