डायबिटीज के मरीजों को किशमिश खानी चाहिए या नहीं? जानें कैसे और कितना करें सेवन

Raisins in Diabetes: डायबिटीज आज के समय में एक गंभीर समस्या बन चुकी है। जहां पहले यह बीमारी ज्यादातर बड़े-बुजुर्गों में देखने को मिलती थी, वहीं आजकल कम उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आने लगे हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह अनहेल्दी लाइफस्टाइल और गलत खानपान को माना जाता है। ऐसे में, शुगर के मरीजों को अपने डाइट का खास ध्यान रखना चाहिए। खासतौर पर उन्हें मीठी चीजों और चीनी के सेवन से बचने की सलाह दी जाती है। इसी वजह से कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि क्या डायबिटीज के मरीज किशमिश खा सकते हैं या नहीं? आइए, डाइट्रीफिट की डायटीशियन अबर्ना माथीवानन से जानते हैं इसके बारे में विस्तार से -

Raisins In Diabetes

डायबिटीज के मरीजों को किशमिश का सेवन करना चाहिए या नहीं?

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, डायबिटीज के मरीज किशमिश का सेवन कर सकते हैं, लेकिन इसे सीमित मात्रा में और सही तरीके से लेना जरूरी होता है। किशमिश का ग्लाइसेमिक इंडेक्स मध्यम स्तर का माना जाता है। इसका मतलब यह है कि यह ब्लड शुगर को चीनी की तरह अचानक नहीं बढ़ाती, लेकिन इसका असर पूरी तरह धीमा भी नहीं होता। किशमिश में फ्रुक्टोज और ग्लूकोज जैसी प्राकृतिक शर्करा मौजूद होती है। एक छोटी मुट्ठी किशमिश में लगभग उतनी ही कैलोरी और शुगर हो सकती है जितनी एक मध्यम आकार के सेब या संतरे में पाई जाती है। किशमिश में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है, जो ब्लड शुगर के लेवल को कंट्रोल करने में मदद करती है।वहीं, यह कब्ज की समस्या से भी राहत दिला सकती है। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि इसे सही मात्रा और सही तरीके से खाया जाए।

डायबिटीज में कैसे करें किशमिश का सेवन?

अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं और किशमिश खाना चाहते हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है -

एक बार में करीब 10 या 15 किशमिश ही खाएं। इसे ही एक सही सर्विंग माना जाता है।

किशमिश को अकेले खाने के बजाय इसे बादाम, अखरोट या दही के साथ लेना बेहतर माना जाता है। नट्स में मौजूद प्रोटीन और हेल्दी फैट ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने से रोकने में मदद करते हैं।

कई लोग किशमिश को रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाने की सलाह देते हैं, क्योंकि इस तरह इसे पचाना आसान हो जाता है।

किशमिश खाने के बाद अपना ब्लड शुगर लेवल जरूर चेक करें, क्योंकि हर व्यक्ति के शरीर पर इसका असर अलग-अलग हो सकता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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