Latest Updates
-
वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और इंफेक्शन से बचने के लिए करें ये 5 योगासन, इम्यूनिटी होगी बूस्ट -
‘बबीता सिंह रिपोर्टिंग’ के बाद निमिषा सजयन ने ऐसे घटाया 14 किलो वजन, एक्ट्रेस ने शेयर की वेट लॉस जर्नी -
Paryushana Mahaparva 2026: आज से शुरू हुआ हुआ पर्युषण महापर्व, जानें आठ दिनों का महत्व और नियम -
पेरिस में बना फ्रांस का पहला पारंपरिक हिंदू मंदिर, 1970 के संकल्प से 2026 तक ऐसे पूरा हुआ सफर -
International Literacy Day 2026: क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस? जानें इतिहास, महत्व और थीम -
International Literacy Day 2026: साक्षरता दिवस पर ये संदेश भेज सबको करें जागरूक, बताएं पढ़ने-लिखने का महत्व -
Aja Ekadashi Vrat Katha: अजा एकादशी पर पढ़ें ये व्रत कथा, मिलेगा अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य -
Aja Ekadashi 2026: नारायण की कृपा...इन संदेशों के साथ अपने प्रियजनों को भेजें अजा एकादशी की शुभकामनाएं -
National Nutrition Week: प्रेग्नेंसी में जरूरी है सही न्यूट्रिशन, जानें गर्भावस्था में क्या खाएं-क्या न खाएं -
Aja Ekadashi 2026: कब है अजा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजा विधि और पारण समय
यूरिक एसिड के मरीज मूंगफली खा सकते हैं या नहीं? जानें विशेषज्ञ की राय
Uric acid and peanuts : यूरिक एसिड शरीर में बनने वाला एक प्राकृतिक अपशिष्ट पदार्थ है, जो प्यूरीन नामक तत्व के टूटने से बनता है। आमतौर पर यह यूरिन के माध्यम से बाहर निकल जाता है, लेकिन जब इसका स्तर शरीर में अधिक हो जाता है, तो यह जोड़ों में जमा होकर दर्द, सूजन और गाउट जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। इसलिए जिन लोगों का यूरिक एसिड हाई होता है, उन्हें अपने खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
ऐसे में एक आम सवाल यह उठता है कि क्या यूरिक एसिड के मरीजों को मूंगफली खानी चाहिए या नहीं? यह सवाल खासकर सर्दियों में अधिक पूछा जाता है, क्योंकि इस मौसम में मूंगफली खूब खाई जाती है। चलिए, इस पर जानते हैं कि मूंगफली खाने का तरीका-

मूंगफली के पोषक तत्व
मूंगफली को 'गरीबों का काजू' कहा जाता है और यह अपने पोषण गुणों के कारण बहुत लोकप्रिय है। इसमें प्रोटीन, हेल्दी फैट्स (मोनो-सैचुरेटेड और पॉली-सैचुरेटेड फैट), फाइबर, विटामिन ई, विटामिन बी3 (नायसिन), मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, और जिंक जैसे कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं। यह एक एनर्जी बूस्टर और पेट भरने वाला स्नैक भी है।
प्यूरीन की मात्रा कितनी होती है?
यूरिक एसिड के मरीजों को जिन चीजों से बचने की सलाह दी जाती है, उनमें हाई प्यूरीन फूड्स शामिल होते हैं। प्यूरीन जब शरीर में टूटती है, तो यूरिक एसिड बनाती है। ऐसे में हाई प्यूरीन वाले फूड्स जैसे रेड मीट, सी फूड, मटन, और बीयर आदि को अवॉइड करने की सलाह दी जाती है।
एक्सपर्ट के मुताबिक मूंगफली में प्यूरीन की मात्रा बहुत अधिक नहीं होती। यह एक मॉडरेट प्यूरीन फूड मानी जाती है। इसका मतलब है कि यदि इसे सीमित मात्रा में खाया जाए, तो यह आमतौर पर नुकसान नहीं करती।
कितनी मात्रा में खाएं?
यूरिक एसिड के मरीज मूंगफली का सेवन कर सकते हैं, लेकिन मात्रा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। एक दिन में एक मुट्ठी (लगभग 20-30 ग्राम) भुनी या कच्ची मूंगफली पर्याप्त होती है। इससे शरीर को जरूरी पोषण तो मिलेगा ही, साथ ही यूरिक एसिड का स्तर भी नहीं बढ़ेगा।
मूंगफली खाने का सही तरीका
- भुनी हुई या कच्ची मूंगफली सबसे अच्छा विकल्प है।
- तली हुई या नमक लगी मूंगफली से बचें, क्योंकि इससे शरीर में सूजन और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।
- अगर आप मूंगफली के साथ गुड़ खाते हैं, तो यह सर्दियों में शरीर को गर्म रखने में भी मदद करता है, बशर्ते इसकी मात्रा सीमित हो।
किन लोगों को मूंगफली से परहेज करना
- जिन लोगों को गंभीर गाउट अटैक हो रहा है।
- जिन्हें जोड़ों में बहुत ज्यादा सूजन या दर्द रहता है।
- अगर मूंगफली से एलर्जी हो या पेट से जुड़ी कोई समस्या हो।
- यदि कोई अन्य पुरानी बीमारी है, जैसे कि डायबिटीज, हाई बीपी, या किडनी से जुड़ी समस्या, तो डॉक्टर की राय जरूर लें
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
