सावधान! नकली हेलमेट पहनने से बढ़ सकता है टकलापन, बचने के ल‍िए करे ये छोटा सा काम!

युवाओं में बढ़ती हेयरलॉस की समस्या के पीछे वजह बाजार में बिक रहे नकली हेलमेट भी हो सकते हैं। एक्‍सपर्ट की मानें तो बाल झड़ने के पीछे वजह नकली हेलमेट का इस्‍तेमाल भी हो सकता है। दरअसल डुप्‍लीकेट हेलमेट का इस्‍तेमाल की वजह से अंदर तक हवा नहीं पहुंच पाती हैं और बाहर पसीना भी निकल पाता है, जो सिर पर बैक्‍टीरिया पनपने का मुख्‍य कारण हो सकता है।

आइए जानते है क‍ि कैसे नकली हेलमेट आपके गंजेपन की वजह बन सकता है और कब आपको हेलमेट पहनने से इग्‍नोर करना चाह‍िए।

Can wearing a helmet lead to hair loss

असली और नकली हेलमेट में अंतर?

असली हेलमेट यानी हॉलमॉर्क वाले हेलमेट तीन लेयर में बने होते हैं। पहले लेयर जो सबसे ऊपर होती है वो प्लास्टिक, मेटल या फिर मिक्स से बना रहता है। वहीं दूसरा लेयर स्पंज से बना हुआ होता है। वहीं तीसरे लेयर में कपड़े का इस्तेमाल किया जाता है। अच्छे हेलमेट की खासियत होती है कि उसकी ऊपरी परत पर हवा निकलने के लिए स्‍पेस बना होता है। जो सिर तक वेंटिलेशन बनाए रखता है और इसकी वजह से सिर गर्म नहीं होता है और पसीना भी जमा नहीं होता है।

जिसका सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि सिर में बैक्‍टीरिया नहीं पनपते हैं और हेयरफॉल नहीं होता है। नकली हेलमेट में न तो कोई लेयर बनी होती है और न ही वेटिंलेशन के ल‍िए कोई व्‍यवस्‍था होती है। बिना हॉलमार्क के हेलमेट इस्तेमाल करने वालो को कम से कम सप्ताह में एक दिन हेलमेट को कड़ी धूप में रखना चाहिए। इसमें पसीने की वजह से पैदा हुए बैक्‍टीरिया और फगस मर जाते हैं।

कब नहीं पहनना चाह‍िए हेलमेट

डेंड्रफ होने पर न पहनें हेलमट

जो लोग पहले से डेंड्रफ और खुजली की समस्या से परेशान हैं। उन्‍हें हेलमेट पहनने से बचना चाह‍िए क्‍योंक‍ि बीमारी तेजी से बढ़ने लगती है। क्‍योंक‍ि हेलमेट पहनने से पसीने की वजह से डेंड्रफ की समस्‍या बढ़ सकती हैं।

हेयरफॉल बढ़ाएं

सुरक्षा के ल‍िहाज से हमेशा सिर में फिट होने वाला हेलमेट ही पहनना चाहिए। गलत फिटिंग वाला हेलमेट नहीं पहनना चाहिए। टाइट हेलमेट पहनने से इसे उतरते समय बाल टूट सकते हैं।

हेलमेट पहनते हुए जरुर करें ये काम

हेयरफॉल, डेंड्रफ और बालों से जुड़ी दूसरी दिक्‍कतों से बचने के ल‍िए हेलमेट पहनने से पहले सिर पर सूती कपड़ा बांधें। इससे हेलमेट से पहने और उतारते समय बालों का घर्षण नहीं होता। पसीना भी कम होता है और बाल भी सुरक्षित रहते हैं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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