CBSE New Rule: क्या है 'ऑयल बोर्ड' जो लगेगा स्कूलों में, सरकार का बच्चों की सेहत के लिए बड़ा कदम

CBSE New Rule 2025: बच्चों की सेहत को लेकर अब स्कूलों में एक नई पहल शुरू की जा रही है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) सीबीएसई और शिक्षा मंत्रालय ने मिलकर स्कूलों में एक नया नियम लागू किया है, जिसका मकसद है बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना। इस दिशा में उठाया गया कदम है 'ऑयल बोर्ड'। यह नियम खासकर बच्चों के खानपान पर ध्यान केंद्रित करता है।

तेल की खपत और उसके प्रकार को लेकर स्कूलों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि बच्चों को जंक फूड से दूर रखा जा सके और उन्हें हेल्दी ईटिंग हैबिट्स की आदत डाली जा सके। आइए जानते हैं आखिर क्या है ये 'ऑयल बोर्ड', क्यों इसे जरूरी माना जा रहा है और इसका बच्चों की सेहत पर क्या असर होगा।

Oil Board in schools

क्या है 'ऑयल बोर्ड' (What is Oil Board)?

'ऑयल बोर्ड' एक सूचनात्मक बोर्ड होगा जो स्कूल के मेस/कैंटीन या कॉमन एरिया में लगाया जाएगा। इसमें यह स्पष्ट रूप से लिखा होगा कि कौन सा तेल खाना पकाने में इस्तेमाल किया जा रहा है, और वह कितना हेल्दी है। इससे बच्चे और स्कूल स्टाफ दोनों को यह समझने में मदद मिलेगी कि उनकी डाइट कितनी संतुलित है।

सीबीएसई का नया निर्देश क्या कहता है?

सभी सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे कैंटीन या स्कूल मेस में 'ऑयल बोर्ड' लगाना अनिवार्य करें। इसमें इस्तेमाल होने वाले तेल का नाम, उसका ब्रांड, और क्या वह हेल्दी फैट कैटेगरी में आता है यह सभी जानकारी दी जाएगी। स्कूलों से यह भी कहा गया है कि वे बच्चों को ज्यादा तला-भुना और सैचुरेटेड फैट्स वाला खाना न परोसें।

Oil Board in schools

बच्चों की हेल्थ पर क्या होगा असर?

इससे बच्चों और उनके माता-पिता को पोषण की सही जानकारी मिलेगी। जंक फूड और अस्वस्थ तेलों के सेवन को कम करने में मदद मिलेगी। यह पहल स्कूल में न्यूट्रिशन एजुकेशन को बढ़ावा देगी और बच्चों में स्वस्थ आदतें विकसित होंगी। CBSE का यह नया कदम न सिर्फ एक नियम है, बल्कि भविष्य की पीढ़ी को स्वस्थ बनाने की दिशा में बड़ा प्रयास है। 'ऑयल बोर्ड' की पहल से स्कूल में पारदर्शिता भी आएगी और बच्चों की खानपान से जुड़ी जागरूकता भी बढ़ेगी। अब स्कूल सिर्फ पढ़ाई का नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन के संस्कार देने का स्थान बन रहे हैं।

Oil Board in schools

ऑयल बोर्ड के साथ-साथ इन बातों पर भी ध्यान

स्कूल कैंटीन में ट्रांस फैट फ्री और कम ऑयल वाला खाना उपलब्ध कराएं। बच्चों को हर हफ्ते न्यूट्रिशन क्लास या हेल्दी डाइट पर आधारित एक्टिविटी कराई जाए। माता-पिता को भी वर्कशॉप के जरिए जागरूक किया जाए कि वे घर पर बच्चों के लिए क्या पकाएं।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Sunday, July 20, 2025, 10:43 [IST]
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