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क्या है कश्मीर में 40 दिन पड़ने वाली चिल्लई कलां? अगर घूमने जा रहे हैं तो इन बातों का रखें ध्यान
What Is Chillai Kalan: जम्मू-कश्मीर में 'चिल्लई कलां' की शुरुआत हो चुकी है। यह कश्मीर की सर्दियों का सबसे कठोर समय माना जाता है, जो 40 दिनों तक चलता है। इस 40 दिन की हाड़ कंपा देने वाली सर्दी को कश्मीर में चिल्लई कलां' कहा जाता है। इस बार चिल्लई कलां 21 दिसंबर से 29 जनवरी तक रहेगा। इस दौरान तापमान शून्य से नीचे गिर जाता है, जिससे डल झील जैसी जलाशय जम जाती हैं।
कश्मीरी लोग इस समय को पारंपरिक 'कांगेर' (फायरिंग पॉट) और गर्म कपड़ों के साथ बिताते हैं। इसे फारसी में 'बड़ी सर्दी' कहा जाता है, और यह कश्मीर की सर्दियों का सबसे चुनौतीपूर्ण समय होता है। इस दौरान बर्फबारी और ठंड के कारण सामान्य जीवन प्रभावित हो जाता है।

आइए जानते हैं आखिर क्या होता है चिल्लई कलां और इस समय अगर आप कश्मीर घूमने जा रहे हैं, तो किन बातों का ध्यान रखें?
क्या है चिल्लई कलां
कश्मीर में तीन महीने सबसे ज्यादा सर्दी पड़ती है, जिसे तीन हिस्सों में बांटा गया है: चिल्लई कलां, चिल्लई खुर्द, और चिल्लई बाचे, जिसे चिल्लस कहा जाता है। चिल्लई कलां 40 दिनों का होता है और यह 21 दिसंबर से 31 जनवरी तक चलता है। इस दौरान कश्मीर में सबसे अधिक सर्दी पड़ती है और तापमान शून्य से नीचे गिर जाता है। इसके बाद आता है चिल्लई खुर्द, जो 20 दिनों का होता है और 31 जनवरी से 19 फरवरी तक रहता है। अंत में, चिल्लई बाचे, जिसे छोटी ठंड भी कहा जाता है, 20 फरवरी से 2 मार्च तक होता है और इसमें ठंड थोड़ी कम हो जाती है।
ठंड से बचने के लिए क्या खाते है कश्मीरी
चिल्लई कलां की सर्दी से बचने के लिए कश्मीरी लोग उच्च कैलोरी वाली पारंपारिक खाद्य वस्तुएं खाते हैं, जिसमें 'हरीसा' प्रमुख है। यह मटन और मसालों से पकाया जाता है, जिसे रात के समय आग पर बड़े पात्र में तैयार किया जाता है। इसके अलावा कहवा चाय पीते है।
कश्मीर घूमते हुए रखें इन बातों का ध्यान
- अगर आप चिल्लई कलां के दौरान कश्मीर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो दफ्तर से ज्यादा दिनों की छुट्टी लेकर जाएं।
- सर्दियों में कश्मीर में भारी ठंड, बर्फबारी और कोहरे के चलते रास्ते बंद हो सकते हैं और कम समय में घूमना मुश्किल हो सकता है।
- बर्फबारी के कारण ट्रेनों की सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं और कभी-कभी गाड़ियां बर्फ में फंसने के कारण ट्रेन छूटने का खतरा रहता है।
- कश्मीर जाने से पहले अतिरिक्त दिन लेकर जाएं, ताकि इस तरह की किसी परेशानी से बच सकें और अपनी यात्रा का पूरा आनंद उठा सकें।
- कश्मीर में ठंडमें चलने में दिक्कत हो सकती है, इसलिए आपको लंबे जूते पहनने चाहिए। इससे आपको चलने में आसानी रहेगी।
- अगर आप कश्मीर जा रहे हैं, तो छाता लेकर जाना न भूलें क्योंकि बर्फबारी और बारिश के कारण आपके कपड़े भीग सकते हैं।
- दस्ताने और अतिरिक्त मोजे भी जरूर साथ रखें, ताकि ठंड से बचा जा सके।
- कश्मीर की ठंड और बर्फबारी के लिए सही कपड़े और जूते जरूरी हैं।
- ठंड से तबीयत खराब हो सकती है इसलिए फर्स्ट एड बॉक्स साथ में रखें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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