बारिश में फ‍िर मंडराया हैजा का खतरा, पुणे-जामनगर में बढ़े केस, एक्‍सपर्ट से जानें बचाव के तरीके

Cholera Prevention Tips in Monsoon: मानसून की शुरुआत के साथ ही पुणे में डेंगू, मलेरिया और हैजा के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। अब गुजरात के जामनगर में हैजा से संक्रम‍ित होने के 7 मामले सामने आए हैं। वहीं गुजरात के ही राजकोट से भी हैजा का एक मामला सामने आया है। मानसून के मौसम में वातावरण में उमस और नमी के वजह से कई बैक्‍टीरिया एक्टिव हो जाते हैं। जिस वजह से इस मौसम में मौसमी बीमारियों और इंफेक्‍शन का खतरा बढ़ जाता है। इस मौसम में सबसे ज्‍यादा जल जनित बीमारी (Waterborne Disease) खतरा भी बढ़ जाता है।

जयपुर स्थित सवाई मान सिंह अस्‍पताल और मेडिकल कॉलेज के सीनियर प्रोफेसर और फ‍िजिशियन डॉक्‍टर पुन‍ित सक्‍सेना से जानते हैं क‍ि बारिश के मौसम में हैजा के मामले क्‍यों बढ़ जाते हैं और इसके लक्षण और बचाव के क्‍या तरीके है?

Cholera Cases Rise in Monsoon

बारिश में हैजा फैलने की वजह

डॉक्‍टर पुनित बताते हैं क‍ि हैजा एक तरह का सीवियर डायरिया का प्रकार होता है। हैजा कॉलरा विब्रियो बेक्टीरियम नामक बैक्‍टीरिया के वजह से फैलता है। यह संक्रमित इंसान के मल द्वारा दूषित पानी या भोजन में पाया जाता है। इसके फैलने की पीछे कई वजह हो सकते है, जैसे-

- साफ-सफाई का अभाव
- बारिश में दूषित पानी पीने और इसमें पका खाना खाने की वजह से यह बीमारी फैलती है।
- संक्रमित व्‍यक्ति का झूठा भोजन या पानी पीने से भी यह अन्‍य व्‍यक्ति को संक्रम‍ित कर सकती है।

हैजा के लक्षण

हैजा अगर क‍िसी को हो जाएं तो सबसे मुख्‍य लक्षण होता है दस्‍त होना। व्‍यक्ति को सीवियर डायरिया हो जाता है। जिसमें व्‍यक्ति को राइस वाटर स्‍टूल यानी चावल के पानी की तरह पतला और सफेद मल आना शुरू हो जाता है। जो क‍ि एक गंभीर लक्षण होता है। इसमें मरीज को डॉक्‍टर के पास तुरंत ले जाना होता है। इसके अलावा ये भी लक्षण नजर आते हैं।

- बार-बार प्यास लगने लगती है।
- थकान होना
- चिड़चिड़ापन होना
- मुंह का सूखना
- चेहरे की स्किन में सिकुड़न
- डिहाइड्रेशन और डायर‍िया होना
- पेट में मरोड़े उठना
- बहुत कम या बिल्कुल भी पेशाब नहीं आना।

Cholera Cases Rise in Monsoon

किन लोगों के ल‍िए खतरा है हैजा

वैसे तो हैजा खतरनाक संक्रामक बीमारी है लेक‍िन कुछ लोगों के ल‍िए यह जानलेवा साबित हो सकती है। जैसे-
- डायब‍िटीज के मरीज
- हार्ट की बीमारी से पीड़ित लोग
-क‍िडनी से पीड़ित
- ब्‍लडप्रेशर के मरीज
- 60 साल से ज्‍यादा उम्र वाले लोगों को हैजा होने पर तुरंत मेडिकल केयर की जरूरत होती है।

हैजा का इलाज

हैजा एक ऐसी बीमारी है, जिसका समय पर उपचार न म‍िले तो यह व्यक्ति के ल‍िए जानलेवा साबित हो सकता है। इसमें डिहाइड्रेशन की वजह से क‍िडनी फेल हो सकती है। आइए जानते हैं हैजा का घरेलू इलाज क्‍या है?

- डायरिया की वजह से मरीज में पानी की कमी हो जाती है तो मरीज को ORS का घोल दें।
- नमकीन छाछ पिलाएं।
- नारियल पानी
- नींबू पानी पिलाएं।
- खाने में पतली खिचड़ी या दाल पिलाएं।

हैजा दूषित भोजन या जल से फैलने वाला इफेक्‍शन है जो मरीजों के आंतों को प्रभावित करता है। इसल‍िए सावधानी के तौर पर इस मौसम में ताजा और स्वच्छ आहार ही खाएं।

हैजा के संक्रमण से बचने के उपाय

- बारिश में हमेशा साफ-सुथरा पानी प‍िएं।
- ताजा और साफ-सुथरा खाना बनाएं और उसे ढंककर रखें।
- शौचालय जाने के बाद हाथ अच्‍छे से धोएं।
- नल का पानी पीने के ल‍िए इस्‍तेमाल में लेने से पहले अच्‍छी तरह उबाल लें।
- खाना खाने से पहले हाथ अच्‍छे से धोएं।
- साफ-सफाई का ध्‍यान रखें।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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