Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
ओडिशा में हैजा का कहर: 1500 से ज्यादा संक्रमित, 11 की मौत, जानें वजह और बचाव
Cholera outbreak in Odisha : ओडिशा में हैजा ने एक बार फिर से गंभीर रूप ले लिया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों से अब तक 1500 से ज्यादा लोगों के संक्रमित होने की खबर सामने आ चुकी है, वहीं 11 लोगों की मौत की पुष्टि भी की जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है और प्रभावित इलाकों में मेडिकल टीमें तैनात की जा रही हैं।
हैजा (Cholera) एक संक्रामक बीमारी है जो वाइब्रियो कोलेरी (Vibrio cholerae) नामक बैक्टीरिया से फैलती है। यह दूषित पानी और भोजन के जरिए शरीर में प्रवेश करता है और आंतों में संक्रमण फैलाता है। बारिश के मौसम में पानी से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। आइए जानते हैं कि इस मौसम में हम कैसे इस बीमारी से खुद का बचाव कर सकते हैं?

हैजा के प्रमुख लक्षण
- तेज और बार-बार दस्त (डायरिया)
- अत्यधिक प्यास लगना
- कमजोरी और चक्कर आना
- मितली और उल्टी
- मुँह और होंठ सूखना
- त्वचा की लचक कम हो जाना (dehydration का संकेत)
हैजा फैलने के कारण
- गंदा और दूषित पीने का पानी
- खुले में रखा भोजन
- मल-मूत्र से दूषित जगहों का संपर्क
- मानसून में जलभराव और साफ-सफाई की कमी
इलाज और प्राथमिक सावधानियां
- ORS घोल का लगातार सेवन करें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो
- जिंक टैबलेट्स और डॉक्टर की सलाह से एंटीबायोटिक लें
- गंभीर स्थिति में तुरंत अस्पताल जाएं
- घर का पानी उबालकर पिएं
- बर्तन और खाना ढककर रखें
- टॉयलेट और आसपास की साफ-सफाई बनाए रखें
मानसून में इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- केवल उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं
- सड़क किनारे मिलने वाले खुले खाने से परहेज करें
- बच्चों को खुले में खेलने से रोकें, खासकर जलभराव वाले क्षेत्रों में
- टॉयलेट के बाद और खाना खाने से पहले साबुन से हाथ जरूर धोएं
- सब्जियों और फलों को अच्छे से धोकर ही उपयोग करें
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
