मानसून से पहले दिल्ली में डेंगू के 162 और मलेरिया के 42 मामले, कहीं आप भी न हो जाएं शिकार; जानें बचाव के उपाय

Delhi Dengue-Malaria Cases: मानसून से पहले ही राजधानी दिल्ली में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले सामने आने लगे हैं। बारिश के मौसम में आमतौर पर इन बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन इस बार जून में ही संक्रमितों की संख्या बढ़ने लगी है। इसे देखते हुए दिल्ली नगर निगम (MCD) ने निगरानी और रोकथाम अभियान तेज कर दिया है। एमसीडी की इस सप्ताह की वेक्टर जनित बीमारियों की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल अब तक दिल्ली में डेंगू के 162, मलेरिया के 42 और चिकनगुनिया के 9 मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि, पिछले साल की तुलना में इस बार इन बीमारियों के मामले कम हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले दो हफ्तों में डेंगू के 10 नए मामले सामने आए हैं। वहीं 15 जून तक डेंगू के कुल 20 मामले दर्ज किए गए थे। पिछले सप्ताह मलेरिया के 3 और चिकनगुनिया का 1 नया मामला भी सामने आया।

Dengue Cases In Delhi

वेस्ट जोन में सबसे ज्यादा डेंगू के मामले

एमसीडी की रिपोर्ट के अनुसार, राजधानी के विभिन्न सिविक जोन्स में वेस्ट जोन डेंगू से सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां डेंगू के 29 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके बाद सेंट्रल जोन में 21 और सिविल लाइन्स जोन में 20 मामले सामने आए हैं। मलेरिया के मामलों में भी वेस्ट जोन सबसे आगे है, जहां 14 संक्रमित पाए गए हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कुछ मामले ऐसे हैं, जो दिल्ली के बाहर से आए थे या जिनके पते अधूरे पाए गए।

MCD ने तेज किया रोकथाम अभियान

मच्छरजनित बीमारियों पर नियंत्रण के लिए एमसीडी लगातार अभियान चला रही है। इस सप्ताह निगम ने 8।3 लाख से अधिक घरों का निरीक्षण किया, जिसमें 4,028 घरों में मच्छरों के लार्वा मिले। इसके बाद 3,532 कानूनी नोटिस जारी किए गए और 379 मामले दर्ज किए गए। साल की शुरुआत से अब तक एमसीडी 1।7 करोड़ से ज्यादा घरों का सर्वे कर चुकी है। इस दौरान 34,480 नोटिस जारी किए गए हैं और 3,926 मामलों में कार्रवाई की गई है। एमसीडी ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं और कहीं लार्वा दिखाई देने पर इसकी जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें। निगम का कहना है कि मानसून के साथ डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

मानसून से पहले ही शुरू कर दी गई तैयारियां

डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के बढ़ते खतरे को देखते हुए एमसीडी ने मानसून से पहले ही रोकथाम अभियान तेज कर दिया है। निगम की टीमें लगातार हॉटस्पॉट इलाकों, निर्माण स्थलों, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों का निरीक्षण कर रही हैं। साथ ही, लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं, ताकि बारिश के मौसम में मच्छरों के प्रजनन को समय रहते रोका जा सके। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते की गई कार्रवाई से संक्रमण के मामलों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी।

डेंगू के लक्षण

तेज बुखार आना
सिरदर्द और आंखों के पीछे दर्द होना
मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द
शरीर पर लाल चकत्ते या रैशेज पड़ना
कमजोरी और थकान महसूस होना
मतली या उल्टी की शिकायत होना
गंभीर मामलों में नाक या मसूड़ों से खून आना

मलेरिया के लक्षण

तेज बुखार
कंपकंपी और बहुत तेज ठंड लगना
अत्यधिक पसीना आना
सिरदर्द और शरीर दर्द
मांसपेशियों और जोड़ों में तेज दर्द
कमजोरी महसूस होना
जी मिचलाना और उल्टी होना

मच्छर जनित बीमारियों से कैसे करें बचाव?

घर और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें।
कूलर, गमले, बाल्टी और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें।
मच्छरदानी, मच्छर भगाने वाली क्रीम और रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।
पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
खिड़कियों और दरवाजों पर जाली लगाएं।
बुखार या डेंगू जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
आसपास मच्छरों के लार्वा दिखाई देने पर संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Sunday, June 21, 2026, 17:30 [IST]
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