Dia Mirza Birthday 2024: दीया मिर्जा से सीखें ईको-फ्रेंडली लाइफ जीने के तरीके, ये टिप्‍स आएंगे काम

Dia Mirza Eco-Friendly Lifestyle Tips : साल 2000 में मिस इंडिया एशिया पैसिफिक का ताज अपने नाम करने वाली दीया मिर्जा किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। अपनी खूबसूरती और अदाकारी से लाखों दिलों पर राज करने वाली दीया ने भले ही कुछ ही फिल्में की हों, लेकिन हर किरदार में उन्होंने अपनी छाप छोड़ी है। दीया मिर्जा का आज जन्मदिन है। एक्टिंग के अलावा, दीया मिर्जा पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी सक्रियता के लिए भी जानी जाती हैं।

अभिनेत्री दीया मिर्जा बॉलीवुड की उन चंद कलाकारों में से एक हैं, जो पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक हैं। वह लंबे समय से पर्यावरण और प्रकृति के बचाव के लिए आवाज उठाती रही हैं। दीया मिर्जा संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सद्भावना की एंबेसडर भी हैं, लोगों को प्रेरित करती हैं। दीया मिर्जा (Dia Mirza) यूनाइटेड नेशंस की नेशनल गुडविल एंबेसडर भी रह चुकी हैं। इसके अलावा वह सोशल मीडिया पर भी अक्सर लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करती रहती हैं।

Dia Mirza Eco-Friendly Lifestyle Tips

पहनती हैं ईको फ्रेंडली कपड़ें

दीया मिर्जा ऐसे कपड़े चुनती हैं जो पर्यावरण के अनुकूल, अपसाइकल और जिम्मेदारी से बनाए गए हों। हर इवेंट में वह सस्टेनेबल फैशन को बढ़ावा देती हैं। उनके वॉर्डरोब में सिंपल से लेकर वाइब्रेंट रंगों तक की एक विस्तृत रेंज है। उनके आउटफिट्स में अक्सर प्रकृति से प्रेरित कढ़ाई और ब्लॉक प्रिंटिंग देखने को मिलती है, जो हर मौसम और अवसर पर बेहद खूबसूरती से सूट करती है। दीया का फैशन स्टाइल न सिर्फ स्टाइलिश, बल्कि पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी भी दर्शाता है।

बचपन से ही रहा पर्यावरण से प्‍यार

दीया मिर्जा ने एक इंटरव्‍यू में बताया था, बचपन से ही में पर्यावरण प्रेमी रही हूं। इसका श्रेय वो अपने माता-पिता को देती हैं, जो हमेशा पर्यावरण के प्रति जागरूक रही। दीया बताती हैं कि उनकी मां ने घर में प्लास्टिक के किसी भी रूप का उपयोग करने से इनकार कर दिया था, चाहे वह पानी की बोतलें, बाल्टी या जार हों। उनके माता-पिता किराने की खरीदारी करते समय भी स्थायी विकल्पों का ही इस्तेमाल करते थे। उनके पिता, आर्किटेक्ट डिजाइनर थे, वो कभी काम नहीं करते थे, जो पर्यावरण को नुकसान पहुंचाएं। इसके अलावा उन्‍होंने बताया क‍ि उनकी पढ़ाई एक ऐसे स्कूल में हुई थी, जहां कई कक्षाएं बाहर होती थीं। उन्हें प्रकृति के साथ बातचीत, भोजन उगाने, किसानों के साथ समय बिताने और खाद तैयार करना स‍िखाया जाता था, जिससे उनकी पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ी।

Five R रुल फॉलो करती हैं दिया म‍िर्जा

दीया मिर्जा पर्यावरण के लिए पांच आर (Five R's) फॉलो करती हैं : रिफ्यूज (refuse), रीयूज (reuse), रीसायकल (recycle), रिपेयर (repair) और रिस्टोर (restore)। वह एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक से इंकार करने की सलाह देती हैं और कहती हैं कि हमें जहां भी जाएं, अपनी खुद की पानी की बोतल साथ लेकर जानी चाहिए। इसके अलावा, दीया फिजूलखर्ची कम करने और केवल वही फूड खरीदने पर जोर देती हैं जिसे हम खाएंगे, क्योंकि रेफ्रिजरेटर के चलते लोग जमाखोरी करते हैं और इससे भोजन की बर्बादी होती है। वह स्थानीय और मौसमी उत्पादों को खरीदने की सलाह देती हैं, चाहे वह फल हो, सब्जियां या वस्त्र, ताकि हम ज्यादा टिकाऊ विकल्पों को अपनाएं और पर्यावरण पर दबाव कम करें।

बेफालतू बिजली और पानी का इस्‍तेमाल नहीं करती हैं दीया मिर्जा

दीया मिर्जा बिजली और पानी का इस्‍तेमाल भी सोच-समझकर करती हैं। वह घंटों तक शॉवर लेने की बताय पांच मिनट में नहाने की सलाह देती हैं। इसके अलावा, वह रसोईघर में हाथ या बर्तन धोते समय नल को बंद रखने का सुझाव देती हैं, क्योंकि उनका मानना है कि हर बूंद मायने रखती है। दीया का कहना है कि छोटे-छोटे कदम पर्यावरण के लिए बड़े बदलाव ला सकते हैं। दिया म‍िर्जा पानी को रिसाइकल करके इस्‍तेमाल पर जोर देती हैं।

Dia Mirza Eco-Friendly Lifestyle Tips

ईको फ्रैंडली चीजों का करती हैं इस्‍तेमाल

दीया मिर्जा ने अपने एक इंटरव्यू में कहा, "मैंने नियमित सैनिटरी नैपकिन की जगह 100 फीसदी बायोडीग्रेडेबल नैपकिन का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। प्लास्टिक इयरबड की जगह मैं बांस के इयरबड का इस्तेमाल करती हूं। मेरे पास बांस का टूथब्रश भी है। मैं प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल नहीं करती, और हमेशा अपना कपड़े का थैला लेकर चलती हूं, जो हल्का होता है। इसके अलावा, मैं सुनिश्चित करती हूं कि मुझे डिलीवरी में मिलने वाला हर सामान जूट या कपड़े के थैले में मिले।"

प्‍लास्टिक को कहें अलविदा

दीया मिर्जा कहती हैं कि हम आसानी से प्लास्टिक की थैलियों और स्ट्रॉ का उपयोग मना कर सकते हैं। जब हम कोल्ड ड्रिंक ऑर्डर करें, तो हम स्ट्रॉ न देने के लिए कह सकते हैं। एक स्ट्रॉ 500 सालों तक पर्यावरण में रहता है, और कई जगहों पर 500 मिलियन स्ट्रॉ हर दिन इस्तेमाल होते हैं।

अपनी जिम्‍मेदारी समझे

दीया मिर्जा कहती हैं कि हर बात के लिए सरकार को दोष देना सही नहीं है। हमें अपने स्तर पर भी जिम्मेदारी उठानी चाहिए। अगर हम अपने दायित्वों को सही तरीके से निभाएं, तो हम सरकार और पॉलिसी बनाने वालों पर बेहतर रणनीति अपनाने के लिए दबाव डाल सकते हैं। दीया मिर्जा कहती हैं कि वह रोजमर्रा की जिंदगी में पर्यावरण को सुरक्षित रखने के ल‍िए छोटे-छोटे कदम उठाती हैं, जैसे उन्होंने पैकेज्ड पानी की बोतलें लेना पूरी तरह से बंद कर दिया है और विदेश यात्रा के दौरान एक मेटल बोतल लेकर चलती हैं।

अगली पीढ़ी के ल‍िए इस विरासत को संजोकर रखें

दीया मिर्जा ने एक इंटरव्‍यू में प्रकृति के दोहन पर चिंता व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि यह प्रभाव हमारी आने वाली पीढ़ियों पर गहरा असर डालेगा। दीया ने कहा था क‍ि प्रकृत‍ि को नुकसान पहुंचाएं ब‍िना हमें ऐसे डवलपमेंट करने चाह‍िए, जिससे हमारे बच्चों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहे और वे जीवित रहें। उनका मानना है कि अगर हमारे बच्चे जीवित नहीं रहेंगे, तो ऐसे डवलपमेंट का भी कोई मतलब नहीं है। पूर्वजों ने धरती को अच्छी स्थिति में छोड़ा था, लेकिन हमने उसे बर्बाद कर दिया। दिया ने चिंता व्‍यक्‍त करते हुए कहा था क‍ि हम अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए कैसी दुनिया छोड़ेंगे।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Monday, December 9, 2024, 0:46 [IST]
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