Latest Updates
-
Myth Vs Fact: टाइट ब्रा पहनने से ब्रेस्ट कैंसर होता है? डॉक्टर से जानिए ऐसे ही 10 मिथ और उनकी सच्चाई -
Karwa Chauth Kab Hai 2026: करवा चौथ कब है? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और चांद दिखने का सटीक समय -
डायबिटीज में नारियल पानी पिएं या नींबू पानी? जानें शुगर कंट्रोल के लिए क्या है बेहतर -
Papankusha Ekadashi Vrat Katha: पापांकुशा एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों से मिलेगी मुक्ति -
Papankusha Ekadashi 2026 Wishes: विष्णु जी की कृपा...पापांकुशा एकादशी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
पार्टी में जल्दी बिगड़ जाता है मेकअप? केकी और पैची लुक से बचने के लिए अपनाएं ये 5 टिप्स -
दशहरा के बाद दिल्ली की हवा हुई जहरीली, 200 के पार पहुंचा AQI, प्रदूषण से बचाव के लिए फॉलो करें ये टिप्स -
कुल्लू दशहरा में नहीं जलता रावण का पुतला, देवलोक से आते हैं देवी-देवता, जानिए क्या है सदियों पुरानी परंपरा -
Papankusha Ekadashi 2026: कब है पापांकुशा एकादशी? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Navratri Ke Baad Jau Ka Kya Kare: नवरात्रि समाप्त होने के बाद उगे हुए जौ का क्या करें? जानें सही नियम और उपाय
डायबिटीज में चावल खतरनाक नहीं
दिल्ली (ब्यूरो)। डायबिटीज के मरीजों के अच्छी खबर है। देश में पाया जानेवाला ज्यादातर चावल उनके लिए खतरनाक नहीं है। वैज्ञानिकों के मुताबिक भारत में पाए जानेवाले चावल में ग्लेसेमिक इंडेक्स ( जीआई) की मात्रा कम है। चावल में पाया जाने वाली जीआई की मात्रा से तय होता है कि खून में सुगर की मात्रा कितनी तेजी से बढ़ेगी।

भारत में आमतौर पर सबसे ज्यादा प्रचलित स्वर्णा और मंसूरी में जीआई लेवल कम है। इसमें जीआई लेवल 55 से कम है। सबसे ज्यादा जीआई की मात्रा लाओस के चावल में पाई गई है। बासमती में भी जीआई कम है. लेकिन मंसूरी और स्वर्णा से ज्यादा है। यह शोध क्वींसलैंड के चावल शोध संस्थान ने किया है। गौरतलब है दुनिया में 33 करोड़ लोगों को डायबिटीज है।
हालांकि डाक्टरों ने सावधान किया है। कहा है कि चावल वही लगातार खा सकते हैं जो मेहनत करते हों। जो ज्यादा मेहनत नहीं करते वे कम चावल का इस्तेमाल करें। हालांकि इससे पहले के शोधों में बताया गया था कि चावल डायबिटीज में खतरनाक है। हाल ही में ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में छपी एक रिपोर्ट में कहा गया था कि सफेद चावल खाने से डायबिटीज जैसी घातक बीमारी हो सकती है। शोधकर्ताओं का कहना था कि चावल को मांस या सोयाबीन के साथ खाने से रक्त में शर्करा की मात्रा पर असर पड़ सकता है और डायबिटीज के लिए खतरनाक है।
हॉर्वर्ड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने इस रिपोर्ट में कहा था कि एशियाई देशों में इसके होने की आशंका सर्वाधिक है, लेकिन दुनिया के अन्य देश भी इससे अछूते नहीं है। हालांकि नए शोध से डायबिटीज मरीजों के लिए उम्मीद बढ़ी है कि वे कुछ चावल खा सकते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
